दुर्ग. प्रथम पूज्य श्री गणेश की प्रतिमा शहर के पंडालों व घरों में विधि विधान के साथ स्थापित हो गई है।शहर में जगह जगह समितियों ने राजसी ठाट-बाट को दर्शाते हुए नामकरण किया है।जैसे चाँदनी चौक का राजा तो कही कालोनी का राजा नाम दिया है। इस तरह शहर के राजा बने हुए हैं गणपति।

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