पर्यावरण संरक्षण एवं संवर्धन का संदेश

By: Milan Sharma

Updated On: Jun, 11 2019 10:09 PM IST

 
  • दिव्य ज्योति जागृति संस्थान का ओम द्यौ: शांति कार्यक्रम

डूंगरपुर. दिव्य ज्योति जागृति संस्थान की ओर से नया चिकित्सालय मार्ग पर स्थित विजयाराजे सिंधिया ऑडिटोरिम भवन में 'ओम द्यौ: शांतिÓ अनूठा कार्यक्रम हुआ। कार्यक्रम में जनजागृति का बिगुल हम बजाएं, इंसा में इंसानियत को जगाएं.. समधुर भजन के साथ ही आशुतोष महाराज की शिष्या साध्वी मणिमाला भारती ने कहा कि मन अक्सर नकारात्मकता में घिर जाता हैं। विध्वंस विकारों में लिप्त हो जाता है। सभी चाहते हैं कि मन सकारात्मक सृजन की ओर आरूढ़ हो। लेकिन, उसकी युक्ति बहुत कम जानते हैं। उसकी युक्ति हैं। ब्रह्मज्ञान। ब्रह्मज्ञान के माध्यम से ही हम अंर्तज्ञान को समझ सकते है। विश्व बंधुत्व की भावना को समझ सकते हैं। पर्यावरण संरक्षण प्रकल्प की अध्यक्ष साध्वी अदिती भारती ने कहा कि पूरे वर्ष में 50 ऐेसे दिन आते हैं, जो पर्यावरण एवं उसके दुष्परिणामों को इंगित करते हैं। लेकिन, हम पर्यावरण को इतना समझ नहीं है। डवलपमेंट का अर्थ हम विकास से लेते हैं। लेकिन, यह विकास तो हम प्रकृति के क्षय से कर रहे हैं। आज विश्व के सबसे गंदे शहरों में हमारे भारत के कई शहर टॉप पर है। घर सजाने और संवारने के लिए हम अपनी ही प्रकृति मां को क्षति पहुंचा रहे हैं। यह विकास नहीं विनाश है। हमे विकास के लिए वेदकालीन भारत की ओर जाना होगा।

यह रहे अतिथि
जिला कलक्टर चेतन देवड़ा, न्यायिक अधिकारी मनसाराम सुथार, उपवन संरक्षक डा. एस. सारथ बाबू, सभापति केके गुप्ता, पर्यावरण नियंत्रक बनूसिंह, स्वामी आदित्यानंद, प्रियदर्शिनी सिंह थे। अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का आगाज किया। अतिथियों ने पर्यावरण के प्रति अच्छी आदतों को लेकर एक डिजीटल मुहिम पोस्टर का विमोचन किया। कार्यक्रम में पौधे भी बांटे गए। आभार डूंगरपुर शाखा की अध्यक्ष साध्वी भागीरथी भारती ने व्यक्त किया।

Published On:
Jun, 11 2019 10:02 PM IST

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