नवोदय विद्यालय से भागकर, परिचत के घर पहुंच गई छात्रा

By: Rajkumar Yadav

Updated On:
24 Aug 2019, 10:11:36 AM IST

  • देर रात तक छात्रा से पूछताछ में जुटा रहा प्रशासनिक अमला
    परिजनो से दूर नहीं रहना चाहती थी छात्रा, इसलिए गढ़ी थी मनगढ़ंत कहानी

डिंडोरी. लगातार विवादों से घिरा नवोदय विद्यालय धमनगांव डिंडोरी एक बार पुन: सुर्खियों में है। हर बार की तरह इस बार भी सुरक्षा चक्र टूटने से कक्षा सातवीं की छात्रा अचानक रात 8 बजे मदर टेरेसा स्कूल के पास अपने रिश्तेदार के पास जा पहुंची। जहां उसने कुछ ऐसा घटनाक्रम बताया कि पूरा प्रशासन देर रात तक पूछताछ हेतु बच्ची के इर्दगिर्द मंडराता रहा। जब वास्तविकता सामने आई तो सबके होश उड़ गये। मामला बच्ची के जबरजस्ती दाखिले को लेकर था। बच्ची अपने परिजनों से दूर नही रह सकती थी और ऐसे में बच्ची के कई बार बोलने के बावजूद अभिभावको ने जबरजस्ती दिखाई तो बच्ची को कहानी गढऩे विवश होना पड़ा।
क्या है मामला
पूरा मामला नवोदय विद्यालय धमनगांव डिंडोरी में अध्ययनरत कक्षा सातवीं की छात्रा का है। जिसे उसके अभिभावक दोपहर में नवोदय विद्यालय छोड़ कर गए और रात 8 बजे छात्रा प्रबंधन को बगैर जानकारी दिए स्कूल परिसर से बाहर निकल गई। इसके बाद एक युवा से लिफ्ट लेकर मुख्यालय स्थित मदर टेरेसा स्कूल के ठीक सामने मुख्य मार्ग पर उतरकर अपने परिचित के घर पहुंच गई। घर के ठीक सामने पहुंचते ही वह गिर गई। जहां उसने ऐसी कहानी बताई कि उसे सुनकर सबके होश उड़ गए। पूरे घटना क्रम की सूचना मिलते ही पूरा का पूरा प्रशासनिक अमला हरकत में आ गया। संबंधितो को मौके पर तलब कर मामले की तहकीकात मे जुट गया। पूछतांछ के दौरान जो बात सामने आई वह कुछ और थी। दरासल छात्रा परिजनो से दूर रहना नहीं चाहती थी और परिजन उसे जबरदस्ती नवोदय विद्यालय में प्रवेश दिलाकर छोंड आए थे। जिसके चलते छात्रा द्वारा इसू पूरे घटनाक्रम को गढने मजबूर होना पड़ा।
पहले भी घट चुकी है घटनाएं
उल्लेखनीय है कि नवोदय विद्यालय में पूर्व में कई घटनाएं घट चुकी है। जिसमें संदिग्ध परिस्थिति में एक छात्रा की मौत, फिर खानसामे द्वारा शराब का सेवन कर अभिभावकों के सामने हंगामा और फिर अचानक छात्रा का प्रबंधन को खबर किये बगैर ही परिसर से बाहर हो जाना। इन सब मामलों को नजर अंदाज नही किया जा सकता। यह घटनाएं कहीं न कहीं नवोदय विद्यालय की सुरक्षा व्यवस्था पर सवालिया निशान लगाने वाले हैं। जिसे गंभीरता से नहीं लिया गया तो कभी भी कोई बड़ी घटना घट सकती है।
इनका कहना है ..
पूछतांछ के बाद यह बात सामने आई है कि बच्ची वहां पढऩा नही चाहती। उसकी मां एक दिन पहले ही उसे विद्यालय छोंड़कर आई थी। इसके बाद शाम को प्रार्थना उपरान्त वह छात्रावास न जाकर 7 बजे के आसपास पीछे बाउंड्री पार कर मुख्यमार्ग तक पहुंच गई। जहां से बाईक सवारों की मदद से वह मुख्यालय स्थित अपने पहचान वालंों के घर पहुंची थी। इस संबंध में बच्ची के परिजनों को भी बता दिया गया है की बच्ची वहां पढऩा नही चाहती और स्कूल प्रबंधन को भी सावधानी बरतने आगाह किया गया है।
शिव कुमार सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक
इस संबंध में अभिभावकों को बुलाया गया था जिंनसे प्रतिवेदन भी लिया गया है। जिसकी एक कॉपी उच्चाधिकारियों और कलेक्टर डिंडोरी को भी भेज रहे हैं। अभिभावकों ने भी माना कि बच्ची पढऩा नहीं चाहती। यहां एक व्यवस्था है जिसके सांथ बच्चों को चलना होता है। प्रबंधन का पूरा प्रयास होता है कि वह बच्चों को बेहतर से बेहतर माहौल दे।
सुभाष महोबिया, प्राचार्य जवाहर नवोदय विद्यालय धमनगांव डिंडोरी

Updated On:
24 Aug 2019, 10:11:36 AM IST

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