धौलपुर. आखिरकार रात बारह बजे तारणहार प्रगटे तो उनके बाल्यकाल के दर्शन कर मंदिरों में टकटकी लगाए खड़े श्रद्धालु भाव-विभोर हो गए। झालर-घंटों से महाआरती की गई। जन्म लेने के बाद कान्हा को देवकी अपने ढकोले में ले जाने लगे तो भगवान के चरण छूने को भक्तों का तांता लग गया। एक झलक पाने को बेताब हो उठे। जन्माष्टमी पर्व पर शनिवार को हर मंदिर में लगभग यही दृश्य देखने को मिले। जिले भर के मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ रही। शाम होते-होते श्रद्धालुओं की संख्या में बढ़ोतरी हो गई। मचकुण्ड स्थित लाडली जगमोहन मंदिर में सजी छप्पनभोग तथा फूल बंगला झांकी को देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। वहीं शाम छह बजे भजन संध्या का आयोजन हुआ। जिसमेंं विभिन्न कलाकारों ने कृष्ण लीलाओं को भजनों के माध्यम से सुंदर वर्णन किया। इस दौरान श्रद्धालु भाव-विभोर होकर नाचने लगे। वहीं रात दस बजे भगवान का महाभिषेक शुरू हुआ, जो बारह बजे तक चलता रहा। इसके बाद जन्मोत्सव मनाया गया और प्रसादी का वितरण किया गया। इसी प्रकार राधाबिहारी मंदिर में हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचे और राधा-कृष्ण की सुंदर प्रतिमा के दर्शन कर अपने परिवार के लिए मनौती मांगी। मंदिर को फूलों से सजाया गया। वहीं मथुरा-वृंदावन से आई मण्डलियों के कलाकारों ने मधुर प्रस्तुति देकर श्रद्धालुओं की वाह-वाही लूटी।

फ़ोटो नरेश लवानियां

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