raksha bandhan : बहनें ऐसे करें राखी बांधने की मंगल तैयारी, हमेशा बना रहेगा भाई-बहन में प्यार

By: Shyam Kishor

Published On:
Aug, 13 2019 02:46 PM IST

  • Rakhi bandhne ki mangal tiyari - prepare for tying rakhi, love will always remain in your brother and sister : अगर आप चाहते हैं कि भाई बहन में आजीवन अटूट प्यार बना रहे तो राखी बांधने की मंगल तैयारी इस तरह करें।

इस साल 2019 में रक्षा बंधन यानी की सावन मास की पूर्णिमा तिथि 15 अगस्त दिन गुरुवार को है। रक्षा बंधन ( Raksha Bandhan ) पर्व भाई-बहन के अटूट प्रेम का प्रतिक माना जाता है। बहने अपने भाई की कलाई पर राखी बांधने से पूर्व कई तरह से तैयारी ( tying rakhi mangal mahurat ) करती है। अगर आप चाहते हैं कि भाई बहन में आजीवन अटूट प्यार बना रहे तो राखी बांधने की मंगल तैयारी इस तरह करें।

 

श्रावणी पूर्णिमा पर ऐसे करें महादेव का षोडशोपचार पूजन, सारी मनोकामना हो जायेगी पूरी

 

ऐसे करें मंगल तैयारी

रक्षा बंधन के दिन बहने प्रात: काल में सूर्योदय से पूर्व स्नानादि से निवृ्त हो जाएं। भाई को राखी बांधने के बाद खिलाने के लिए अपने हाथों से कुछ न कुछ मीठा पकवान स्वयं बनावें। इसके बाद पूजा की थाली सभी राखी सहित कुमकुम रोली, हल्दी, चावल, दीपक, धुपबत्ती, मिठाई और कुछ पैसे भी रखें।

ऐसे बांधे राखी

सबसे पहले अपने ईष्ट देव का पूजन कर उन्हें भी राखी बांधे या चढ़ावें। अब अपने भाई को एक आसन पर बिठाकर उसके माथे पर कुमकुम हल्दी का टीका सदैव विजयी होने की कामना से लगावे, चावल के दाने का टीका लगावे। टीके लगाने के बाद भाई की आरती भी उतारे। अब बहन अपने भाई के दाहिनी हाथ की कलाई पर राखी रक्षा बंधन बांधे और उसे स्वयं के हाथों से बना मीठा पकवान खिलाते हुए सदैव रक्षा करने का संकल्प करवावें।

 

बड़ी से बड़ी परेशानियों से तुरंत मिलेगा छुटकारा, शिव मंदिर में कर लें इस स्तुति का पाठ

 

इस मंत्र से बांधे राखी

बहन अपने भाई के हाथ पर राखी बांधते समय इस वैदिक मंत्र का उच्चारण भाई की लंबी आयु और स्वस्थ्य जीवन की कामना करते हुए राखी बांधे।

मंत्र-

ऊँ येन बद्धो बलि राजा, दानवेन्द्रो महाबल:।
तेन त्वांमनुबध्नामि, रक्षे मा चल मा चलII

ऐसी राखी का करें प्रयोग

रक्षा बंधन पर राखी के रुप में किसी रंगीन सूत की डोर का प्रयोग करें। रेशम की डोरी सबसे उत्तम मानी जाती है। राखी बांधने से पहले राखी की डोरी का सुवर्ण, केसर, चन्दन, अक्षत और दूर्वा इत्यादि से पूजन करें।

**************

Published On:
Aug, 13 2019 02:46 PM IST

खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।