इंदौर जिले की सीमा में महिला ने लगाई छलांग, देवास जिले से मिला शव

By: mayur vyas

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Published: 24 Aug 2019, 11:59 AM IST

Dewas, Dewas, Madhya Pradesh, India

देवास. इंदौर के गौरीनगर में किराए के मकान में रहने वाली एक महिला ने देवास-इंदौर के बीच शिप्रा नदी में इंदौर जिले की सीमा से शुक्रवार सुबह छलांग लगा दी। स्थानीय तैराकों की मदद से महिला को बाहर निकाला गया और जिला अस्पताल पहुंचाया गया। यहां डॉक्टर ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। कुछ माह पहले महिला का नवजात बच्चा मर गया था और वो स्वयं भी मौत के मुंह में जाने से बची थी। उधर महिला के भाई ने अपने जीजा पर परेशान करने का आरोप लगाया है। फिलहाल औद्योगिक क्षेत्र पुलिस ने मर्ग कायम किया है।
जानकारी के अनुसार सुबह करीब ११ बजे काले रंग के कपड़े पहने हुई एक महिला शिप्रा के नए पुल पर नजर आई। बाद में उसने मोबाइल, पर्स, चप्पल आदि ब्रिज पर रखे और नदी में छलांग लगा दी। किसी ने देखा तो आसपास खड़े व निकल रहे लोगों को बताया। सूचना मिलने पर शिप्रा थाने से और औद्योगिक थाना देवास की पुलिस मौके पर पहुंची। यहां थाने की सीमा को लेकर पुलिस के बीच चर्चा होती रही। उधर काफी देर के बाद महिला का शव पानी में तैरता हुआ नजर आया जो धीरे-धीरे पुराने पुल की ओर किनारे आया जहां स्थानीय तैराकों व शिप्रा बचाओ समिति के सदस्य शिवा नरवले, संतोष, करण, विनोद पांचाल आदि की मदद से बाहर निकाला गया। सरपंच प्रतिनिधि विश्वास उपाध्याय, सामाजिक कार्यकर्ता राजेश बराना आदि की उपस्थिति में महिला का पेट व पीठ दबाकर पानी निकाला गया और डायल-१०० की मदद से आरक्षक रूपेश पाठक, सैनिक बद्री सिंह, पायलट दीपक दुबे आदि ने दोपहर १.४५ बजे जिला अस्पताल पहुंचाया। उधर महिला के मोबाइल नंबर की मदद से पुलिस ने उसके भाई से सपंर्क किया और घटना की सूचना दी।
पहले सामान्य जांच फिर करवाई ईसीजी
जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में तैनात ड्यूटी डॉॅ. पवन पाटीदार ने महिला की पहले नब्ज, आंखों आदि की सामान्य जांच की फिर वार्ड के अंदर ले जाकर ईसीजी करवाई गई। जांच रिपोर्ट आने के बाद महिला को मृत घोषित कर दिया गया। काफी देर तक शव स्ट्रेचर पर रखा रहा।
पति व भाई साथ पहुंचे, शव देख बिलख पड़े
दोपहर २.२५ बजे महिला का पति सत्यवान दोहरे निवासी सद्दूपुरा थाना सहसों जिला इटावा (उप्र) हालमुकाम गौरीनगर इंदौर व महिला का भाई रणवीर सिंह निवासी देवलीपुर भिंड हालमुकाम गौरीनगर इंदौर जिला अस्पताल पहुंचे। यहां पुलिस की उपस्थिति में महिला का शव दिखाया गया तो दोनों बिलख पड़े। महिला का भाई अपनी बहन व बहनोई के साथ ही इंदौर में रहता था। महिला का मायका देवास के टोंकखुर्द में है। इन्होंने महिला की शिनाख्त मनीषा दोहरे (२९) के रूप में की। शव से मंगलसूत्र, कान के टॉप्स आदि निकालकर पुलिस ने परिजनों को सौंपे।
पेट पर हाथ लगाकर भाई बोला पानी निकल जाएगा क्या...
बहन की मौत से व्यथित भाई बिलखते हुए जिला अस्पताल में रखे शव के पेट पर हाथ लगाकर बोला कि पानी निकल जाएगा क्या। बाद में पुलिस व अस्पताल के स्टॉफ ने समझाया कि जितना पानी निकल सकता था, पहले ही निकल गया, अब कुछ नहीं हो सकता। भाई ने रक्षाबंधन पर बहन के जाने को लेकर जीजा द्वारा नाराज होकर परेशान करने के आरोप लगाए।
पहले बच्ची फिर बच्चे की मौत, इसी से सदमा
उधर पति सत्यवान ने बताया कि उसका पत्नी से किसी तरह का कोई विवाद नहीं हुआ। वो रेलवे स्टेशन पर मजूदरी करता है। शुक्रवार सुबह करीब १० बजे काम पर निकला। लगभग इसी समय पत्नी अपने भाई से कुछ देर में आने का बोलकर घर से निकल गई। बाद में मेरे पास साले का फोन आया कि दीदी नदी में कूद गई है। मनीषा का विवाह २०१३ में हुआ था। इसके बाद उसे एक बच्ची हुई और उसकी मौत हो गई। बाद में कुछ माह पहले बच्चा हुआ लेकिन बच्चेदानी फट जाने से बाद में उसकी मौत हो गई। इन दो सदमों से भी मनीषा परेशान रहती थी।
शव कूदने की जगह से उल्टी दिशा में मिला
शिप्रा बचाओ समिति के अध्यक्ष राजेश बराना ने बताया महिला का शव कूदने वाली जगह से बहाव की उल्टी दिशा में काफी दूर मिला है। ऐसा प्रतीत होता है कि कूदने के बाद जान बचाने के लिए महिला कुछ दूर तक तैरी होगी और थकने के बाद डूब गर्ई। बराना ने प्रशासन से रस्सी, लाइफ जैकेट स्थायी रूप से शिप्रा में उपलब्ध करवाने की मांग की है।
वर्जन
जांच चल रही है
मामले में फिलहाल मर्ग कायम किया गया है। महिला के जान देने के कारणों के बारे में अभी स्पष्ट रूप से कुछ नहीं कहा जा सकता, जांच की जा रही है।
-ब्रजेश श्रीवास्तव, टीआई औद्योगिक थाना।

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