जमीन और सोने में निवेश करना पसंद करते हैं भारतीय, इन बातों का भी रखें ध्यान

By: Sunil Sharma

Published On:
Aug, 29 2017 04:38 PM IST

  • कई विकल्प के बाद भी ज्यादातर देशवासी सोने या जमीन में ही अपना पैसा इन्वेस्ट करते हैं

नई दिल्ली। कई विकल्प के बाद भी ज्यादातर देशवासी सोने या जमीन में ही अपना पैसा इन्वेस्ट करते हैं। म्यूचुअल फंड और पीपीएफ जैसे सभी वित्तीय एसेट की तुलना अब भी हमारे लोगों की दिलचस्पी कम ही है। यह खुलासा भारतीयों की बचत आदत पर पेश भारतीय रिजर्व बैंक की रिपोर्ट से हुआ है। रिपोर्ट में भारतीयों के इस रवैये के प्रति चिंता भी जताई गई है। रिपोर्ट में बताया गया है कि लोगों की कुल संपत्ति का 84 फीसदी रियल एस्टेट के रूप में है। इनमें भी ज्यादातर संपत्ति पैतृक है।

पीपीएफ-म्यूचुअल फंड से अब भी दूरी
रिपोर्ट कहती है कि म्यूचुअल फंड, सावधि जमा, शेयर बाजार, बॉन्ड, पीपीएफ, जीवन बीमा, स्वास्थ्य बीमा और रिटायरमेंट प्लान जैसे वित्तीय एसेट में अब भी भारत के लोग बहुत ज्यादा रुचि नहीं दिखा रहे हैं।

पढ़े-लिखे लोगों की भी पहली पसंद गोल्ड
वित्तीय एसेट में कुल आवंटन का महज 5 फीसदी धन ही लगा है। रिपोर्ट में कहा गया है कि पढ़े-लिखे भी वित्तीय एसेट्स की तुलना में सोने में भी पैसे लगाना पसंद करते हैं। यदि कोई ज्यादा अमीर भी हो जाता है तो वह सोने में से पैसा निकाल कर रियल एस्टेट में लगाना पसंद करता है। वित्तीय एसेट में वह फिर भी निवेश नहीं करता है। रिपोर्ट में कहा गया है कि बचत की आदतों के चलते सोना और जमीन की कीमतों पर दबाव पड़ता है और उनकी कीमतें ज्यादा बढ़ जाती हैं।

लोगों ने कहां लगाया कितना पैसा?
राज्य - रियल एस्टेट - सोना - वित्तीय संपत्ति - रिटायरमेंट प्लान
राजस्थान - ७९.४% - ९.५% - १.४% - १.७%
मध्यप्रदेश - ८२.२% - ७.४% - २.७% - १.१%
छत्तीसगढ़ - ८१.७% - ६.८% - २.७% - १.१%
उत्तर प्रदेश - ८५.४% - ५.६% - १.८% - १.५%

सोने और जमीन के प्रति बढ़ते भारतीयों के लगाव को लेकर सरकार भी कई नए कानून लाने की तैयारी में हैं ताकि छिपी संपत्ति पर रोक लगाई जा सके और काले धन का पर्दाफाश किया जा सके।

Published On:
Aug, 29 2017 04:38 PM IST

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