पुनर्निर्माण कार्यों को परखने केदारनाथ आएंगे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

By: Shailesh pandey

Published On:
Sep, 10 2018 06:00 PM IST

  • जब भी उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत प्रधानमंत्री से मिलते हैं वे प्रधानमंत्री के सामने केदारधाम का पूरा खाका पेश करते हैं

(अमर श्रीकांत की रिपोर्ट)

देहरादून। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बड़ी आस्था केदारधाम पर है। प्रधानमंत्री केदारनाथ में अपने हिसाब से पुनर्निर्माण कार्यों को अंजाम दे रहे हैं। साथ ही साथ का समय समय पर परखते भी हैं। सूत्रों के मुताबिक जब भी उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत प्रधानमंत्री से मिलते हैं वे प्रधानमंत्री के सामने केदारधाम का पूरा खाका पेश करते हैं। सूत्र यह भी बताते हैं कि आज से करीब सवा साल पहले ही प्रधानमंत्री मोदी ने मुख्यमंत्री से स्पष्ट कह दिया था कि केदारपुरी में जो भी पुनर्निर्माण कार्य होंगे उसमें उनकी राय भी ली जानी चाहिए। उसके बाद से आज तक मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह
रावत उसका पालन करते हैं।

 

प्रधानमंत्री पुनर्निर्माण कार्यों की सुस्त गति से नाराज


सूत्रों के मुताबिक दिल्ली में संपन्न हुई भाजपा की राष्ट्रीय कार्यसमिति की बैठक के बाद प्रधानमंत्री ने मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत से 5 मिनट तक उत्तराखंड में आई आपदा के बारे में बातचीत की। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केदारनाथ में चल रहे पुनर्निर्माण कार्यों के बारे में मुख्यमंत्री से विस्तृत ब्योरा भी लिया। प्रधानमंत्री ने केदारनाथ में सुस्त गति से चल रही पुनर्निर्माण कार्यों पर नाराजगी भी जताई और पूछा कि क्या अगले सीजन तक पुनर्निर्माण से जुड़े कार्य पूरे हो जाएंगे। या फिर मजदूर उत्तराखंड के बाहर से मंगाने पड़ेंगे। सूत्रों की मानें तो प्रधानमंत्री ने कहा कि 7 अक्टूबर को उत्तराखंड में उद्योगतियों की बैठक में शामिल होने के बाद अगले दिन 8 अक्टूबर को केदारनाथ भी जाने की इच्छा है।

 

मोदी ने किया है केदारनाथ के पुनर्निर्माण का खाका तैयार


दरअसल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद ही केदारनाथ के पुनर्निर्माण का खाका तैयार किया है। सूत्रों की मानें तो प्रधानमंत्री पिछले 9 माह में 5 बार केदारनाथ पुनर्निर्माण को लेकर बैठकें या फिर ड्रोन से केदारपुरी का जायजा ले
चुके हैं। इस दौरान प्रधानमंत्री कार्यालय की टीम भी दो बार केदारनाथ आकर यहां चल रहे कार्यों का अध्ययन कर चुकी है। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत और मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह दोनों केदारनाथ पर पैनी नजर भी रखे हुए हैं।
दरअसल प्रधानमंत्री केदारनाथ में तीर्थयात्रियों के ठहरने के लिए काफी सुंदर और टिकाऊ व्यवस्था करना चाहते हैं जहां शुद्ध पेज जल, 24 घंटे बिजली और ध्यान केंद्र जैसी चीजें हों। केदारनाथ मंदिर के इर्द गिर्द तगड़ी सुरक्षा दीवार के अलावा नदियों के तटबंध को मजबूत बनाने के साथ ही तीर्थयात्रियों के लिए लाइब्रेरी और म्यूजियम भी चाहते हैं। जहां केदारनाथ से जुड़ी पुस्तकों के अलावा अन्य धार्मिक स्थलों के बारे में पुस्तिका या फिर सामाग्री मौजूद हो।

 

फंड की कमी नहीं होने देने का भरोसा


सूत्रों के मुताबिक प्रधानमंत्री ने मुख्यमंत्री से यह भी कहा है कि पुनर्निर्माण कार्यों के लिए फंड की कमी नहीं होने दी जाएगी। इसलिए केदारधाम में चल रहे पुनर्निर्माण कार्यों को तत्काल प्रभाव से पूरा किया जाए। उल्लेखनीय है कि इस बार उत्तराखंड में काफी बारिश हुई है। जिससे वहां चल रहे पुनर्निर्माण जैसे महत्वपूर्ण कार्य भी बाधित हुए हैं। इसके अलावा पैदल मार्ग सहीं नहीं होने की वजह से केदारधाम पहुंचने वाले तीर्थयात्रियों में भी काफी कमी आई है। प्रधानमंत्री कार्यालय ने इसका संज्ञान भी लिया है।

 

शीघ्र पूरा होगा अधूरा काम


‘प्रधानमंत्री 8 अक्टूबर को केदारनाथ जा सकते हैं। वहां पर पुननिर्माण कार्य जारी है हालांकि भारी बारिश की वजह से परेशानी भी हो रही है। उत्तराखंड सरकार की वहां नजर है। शीघ्र ही शेष अधूरे पुननिर्माण से जुड़े कार्यों को पूरा कर लिया जाएगा।’ उत्पल कुमार सिंह ,मुख्य सचिव ,उत्तराखंड

Published On:
Sep, 10 2018 06:00 PM IST