वाहन चालक को इक्कीस लाख रुपए की क्लेम राशि देने के आदेश

मोटर वाहन दुर्घटना दावा अधिकरण दौसा

Rajendra Jain

15 Feb 2020, 08:37 AM IST

Dausa, Dausa, Rajasthan, India

दौसा . मोटर वाहन दुर्घटना दावा अधिकरण दौसा ने सडक़ दुघर्टना में घायल एक युवती को घायल करने वाले वाहन चालक को 21 लाख 18 हजार 652 रुपए अदा करने का आदेश दिया है। 13 दिसम्बर 2018 को खारण्डी निवासी कैलाश मीना ने रिपोर्ट दर्ज कराईथी, कि उनकी पुत्री मीनाक्षी भाण्डारेज गांव से पौने तीन बजेे पैदल आ रही थी। इस दौरान बाइक सवार ने मीनाक्षी को पीछे से टक्कर मार दी। इससे वह गम्भीर रूप से घायल हो गई। अधिवक्ता राजेन्द्र मीना ने ने बताया कि न्यायालय ने वाहन चालक एवं वाहन स्वामी को पीडि़ता को 21 लाख 18 हजार 658 रुपए की राशि क्लेम के रूप में देने आदेश दिए हैं। राशि 30 दिन के अदा करने का आदेश दिया है।

मानवाधिकार आयोग ने मांगी रिपोर्ट
दौसा . जिला अस्पताल में संचालित सिटी स्केन की रिपोर्ट देरी से मिलने एवं ट्रोमा यूनिट में बरती जा रही लापरवाही के सम्बन्ध में राज्य मानवाधिकार आयोग ने 18 मार्च तक रिपोर्ट मांगी है।
जानकारी के अनुसार राज्य मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष महेशचन्द्र शर्मा के समक्ष जिला अस्पताल में सिटी स्केन देरी से मिलने सहित अन्य मामले संज्ञान में लाए गए। इस पर आयोग ने पांच बिंदुओं पर रिपोर्ट मांगी है। इसमें सिटी स्केन की रिपोर्ट पीडि़तों को दूसरे दिन क्यों प्राप्त होती है, क्या कारण है सिटी स्केन की रिपोर्ट कल्पना नर्सिंग होम उदयपुर द्वारा दिए जाने पर मनमानी की जाती है। अस्पताल के सामने प्राइवेट सिटी स्केन द्वारा रिपोर्ट एक घंटे में दे दी जाती है, जबकि अस्पताल में सिटी स्केन के संचालक एमओयू की शर्तों का उल्लंघन कर दूसरे दिन रिपोर्ट देते हैं। सिटी स्केन संचालक के खिलाफ पीएमओ ने क्या कार्रवाई की। सिटी स्केन रिपोर्ट देरी से मिलने के कारण कितने मरीजों की मौत हो चुकी है, और जिम्मेदारों पर क्या कार्रवाई की। इन सवालों पर अध्यक्ष ने चिकित्सा निदेशक, जिला कलक्टर व एसपी दौसा तथा सीएमएचओ दौसा से आगामी पेशी से पूर्व सम्पूर्ण तथ्यात्मक रिपोर्ट 18 मार्च तक तलब की है।

तीन वर्ष का कारावास
बांदीकुई. अपर जिला एवं सैशन न्यायधीश शंंकर लाल मारू ने अपहरण के मामले की सुनवाई करते हुए शुक्रवार को एक जने को तीन वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है।
अपर लोक अभियोजक राजेश गुर्जर ने बताया कि 10 अक्टूबर 2012 को एक जने थाना सिकन्दरा में मामला दर्ज कराया था कि 8 अक्टूबर 2012 को वह दौसा में मजदूरी करने गया था, कि पीछे से उसकी पुत्री को घर में अकेली पाकर बाबूलाल व रिंकू बहला फुसलाकर भगा ले गए। आरोपियों के घर जाकर पूछा तो उन्होंने अपहरण करना स्वीकार किया और उसकी शादी रिंकू के साथ करने को कहा। सिकंदरा पुलिस ने रिंकू व बाबूलाल के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र पेश किया। न्यायाधीश ने रिंकू को दोषी मानते हुए सजा सुनाई। दूसरे को बरी कर दिया गया। (नि.सं.)

Rajendra Jain Desk
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Web Title: Order to give claim amount of 21 lakh rupees to the driver
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