ईको ग्रीन कंपनी का 85 लाख का भुगतान रोका

By: Sanjay Singh Tomar

Updated On:
25 Aug 2019, 10:30:00 AM IST


  • घर-घर नहीं पहुंच रहा डोर टू डोर कचरा वाहन

     

डबरा. डोर टू डोर कचरा उठाने की कवायद पिछले 15 दिन से बंद है। नगर पालिका ने जिस कंपनी को कचरा उठाने का ठेका दिया उस कंपनी ने भुगतान न होने पर काम बंद कर दिया है। इससे नगर की सफाई व्यवस्था लडख़ड़ा गई है। लोग घरों से निकलने वाला कचरा सडक़ पर फेंक रहे है। कंपनी के मुताबिक नगर पालिका ने 85 लाख से अधिक का भुगतान अब तक नहीं किया है। नगर पालिका ने एक भी बार भुगतान नहीं किया है। नगर पालिका का कहना है कि इको ग्रीन कंपनी ने एग्रीमेंट के तहत कचरा की कांटा पर्ची उपलब्ध नहीं कराए जाने पर भुगतान को रोका गया है।

इधर, नगर पालिका और इको ग्रीन कंपनी के बीच उपजे विवाद का खामियाजा नगर की जनता को भुगतना पड़ रहा है। शहर में सफाई नहीं हो पा रही है। शामिल वार्डो में कचरा वाहन नहीं पहुंचने से कचरा सडक़ों पर फेंका जा रहा है। ६ अगस्त से इको ग्रीन कंपनी ने कचरा उठाने का काम बंद कर दिया है। जिससे नगर पालिका अपने कर्मचारियों से कचरा उठवाने का काम करा रही है लेकिन मात्र पांच कचरा वाहन होने की वजह से अधिकतर वार्डो में कचरा वाहन नहीं पहुंच रहा है।

जून2018 में इको ग्रीन कंपनी का नगर पालिका डबरा समेत पिछोर, भितरवार नगर परिषद से कचरा उठाने का अनुबंध शासन स्तर पर हुआ था और डबरा शहर में पांच वाहनों से कचरा उठाने की शुरूआत की थी। अनुबंध के मुताबिक 1701 रुपए प्रति टन कचरा उठाने का ठेका दिया गया था। वर्तमान में कंपनी द्वारा 12 टिपर वाहन, 12 रिक्शा और पांच नगर पालिका के टिपर समेत दो ट्रैक्टर ट्रॉली से नगर के सभी ३० वार्डो में डोर टू डोर पहुंचकर कचरा उठाने का काम किया जा रहा था। भुगतान नहीं होने पर कंपनी ने नपा को पत्र देकर ६ अगस्त से काम बंद कर दिया है। भितरवार में भुगतान होने पर वहां काम शुरू है लेकिन डबरा और पिछोर में काम बंद है।

एग्रीमेंट की शर्ते पूरी नहीं

नगर पालिका के मुताबिक शासन स्तर पर हुए अनुबंध के पालन में कंपनी ने कई शर्ते पूरी नहीं की। ग्रामीण क्षेत्रों में कचरा नहीं उठाया, नगर में स्वच्छता को लेकर प्रचार-प्रसार किया जाना था वह भी काम नहीं किया गया। कचरा पृथक करने की प्रक्रिया भी नहीं की जा रही थी। कितने टन कचरा उठाया गया है उसकी कांटा पर्ची भी उपलब्ध कराना थी।
बिल गलत दिया, कंपनी ने शर्तें पूरी नहीं की

नगर निगम ग्वालियर के नाम से बिल दिया जा रहा था। अभी भी दिया गया बिल कमिश्नर नगर निगम ग्वालियर के नाम से दिया गया है। १८ अगस्त को बिल सुधार कर नगर पालिका के नाम का दिया है। इस संबंध में भुगतान को लेकर आवश्यक प्रक्रिया शुरू कर दी है। परिषद के लिए प्रस्ताव रखा जाएगा। चार वाहन सुधरने के लिए ग्वालियर गए है। भुगतान को लेकर मामला अटका है। जल्द की वाहनों को दुरुस्त करवा दिया जाएगा।
सूर्यप्रकाश दुबे, स्वच्छता अधिकारी नपा डबरा

Updated On:
25 Aug 2019, 10:30:00 AM IST

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