राजस्थान के इस गांव में किसान भैंसों को खिला रहे भारी मात्रा में अनार, जानिए क्यों

By: Rakesh Kumar Goutam

Updated On:
07 Feb 2019, 12:33:16 PM IST

 
  • परंपरागत खेती को छोड़कर अनार की बगवानी की तरफ कदम बढ़ा रहे किसानों को भारी झटका लगा है। करीब तीन साल की मेहनत के बाद इस साल अनार के पौधों में अच्छी मात्रा में फल लगे थे। लेकिन इस बार पड़ी कड़ाके की सर्दी व कई दिनों तक माइनस डिग्री तापमान होने से अनार की फसलों को बड़ा नुकसान हुआ है

कातर.

परंपरागत खेती को छोड़कर अनार की बगवानी की तरफ कदम बढ़ा रहे किसानों को भारी झटका लगा है। करीब तीन साल की मेहनत के बाद इस साल अनार के पौधों में अच्छी मात्रा में फल लगे थे। लेकिन इस बार पड़ी कड़ाके की सर्दी व कई दिनों तक माइनस डिग्री तापमान होने से अनार की फसलों को बड़ा नुकसान हुआ है। गिरवरसर में करीब एक दर्जन किसानों ने लगभग 70 बीघा जमीन पर 14 हजार अनार के पौधे लगाकर खेती की थी। करीब 1400 क्विंटल अनार की पैदावार होती लेकिन तेज सर्दी के कारण अनार नष्ट हो गए। इससे करीब ५० लाख रुपए का नुकसान हुआ है।


किसानों ने बताया कि 80 फीसदी फसल दावे के कारण खराब हो गई। फल मनुष्य के खाने योग्य नहीं रहे जिससे पशुओं को खिला रहे हैं। अब किसानों के सामने बड़ी समस्या खड़ी हो गई है कि इनकी भरपाई कैसे करे। कुछ किसानों ने कृषि विभाग व सम्बंधित एजेंसियों से सम्पर्क किया लेकिन कोई सकारात्म जवाब नहीं मिला। किसान जेठाराम व श्याम बाना ने बताया कि जिस किसान के खेत ऊंचाई पर हैं वहां शीतलहर का असर नहीं हुआ जो ढलान में थे वहां पकी पकाई अनार की फसल दावे की चलित में आने से नष्ट हो गई।


भैंस खा रही अनार


यहां पर अनार की फसल खराब होने के कारण किसानों ने खेतों में प्याज की तरह ढेरियां बना दी और अपने पशुओं को अनार खिलाने को मजबूर हैं। काफी अनार तो खेतों में सड़ रहा है। शीत लहर से नुकसान के बाद अब लगभग 500 किंवटल अनार बड़ी मुश्किल से बचेगा।


किसानों की मांग


इस क्षेत्र में बागवानी फसल के प्रति किसानों की रुचि बढ़ रही है। काफी क्षेत्र में उद्यान तैयार हो चुके है, यहाँ के किसानों को बागवानी जिलों की भांति बागवानी फसल बीमा का लाभ मिलना चाहिए।

 

पीडि़त किसानों की जुबानी


''हमने तीन वर्ष पहले जलगांव से दो हजार अनार के पौधे लेकर खेत में बगीचा लगाया था। तीन साल बाद पौधों में अच्छी मात्रा में फल लगे थे लेकिन सर्दी के कारण 8 0 फीसदी फसल नष्ट हो गई।''


राजेन्द्र गोदारा, किसान गिरवरसर


''हमने अपने खेत मे आठ बीघा जमीन पर अनार की खेती की। इस वर्ष फसल शुरू हुई लेकिन तेज सर्दी के कारण 8 5 फीसदी फसल नष्ट हो गई। सारी उम्मीदों पर पानी फिर गया।''
रामप्रताप इशराम, किसान, गिरवरसर


''प्राकृतिक आपदा पर कोई अनुदान की स्कीम नही है। किसानों को पाले की संभावना के समय फसल में हल्की सिंचाई करके, रात को कचरा फीस जलाकर धुंआ करने या फिर सल्फ्यूरिक अमल ओर थाईयूरिया का छिड़काव से फसल को दावे या पाले के प्रकोप से बचाया जा सकता है। ''
विजय पूरी, सहायक कृषि अधिकारी, उद्यान विभाग चूरू

Updated On:
07 Feb 2019, 12:33:16 PM IST

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