आज होगा मेले का समापन, उमड़ी भक्तों की भीड़

By: Nilesh Kumar Kathed

Updated On:
10 Sep 2019, 02:27:40 PM IST


  • तीन दिवसीय जलझुलनी एकादशी मेले में हो रहे विभिन्न आयोजन
    रथयात्रा में उमड़े थे भक्त, भगवान के संग खेली फाग


चित्तौडग़ढ़/ भदेसर. श्री सांवलियाजी का जल झूलनी एकादशी मेले का समापन मंगलवार रात्रि में ट्राई साईकल वितरण तथा प्रतिभा सम्मान समारोह के साथ होगा। भगवान सांवलिया सेठ के दर्शनों के लिए मण्डफिया में भक्तों की भीड़ उमड़ी हुई है। देश के विभिन्न क्षेत्रों से श्रद्धालु सांवलियाजी पहुंच रहे है। मेले के सामपन अवसर पर इस अवसर पर मंजू इवेन्ट डॉट कॉम नीमच के तत्वाधान में कुमार विशु एण्ड ग्रुप द्वारा विशेष भजनों व सांस्कृति कार्यक्रमों की प्रस्तुतीयां दी जाएगी। समापन समारोह में सांसद सीपी जोशी सहीत भाजपा के विधायक व जनप्रतिनिधी भाग लेंगे। वहीं इधर सांवलियाजी चौराहा स्थित प्राकट्य स्थल मंदिर पर भी तुर्रा कलंगी खेल के साथ मेले का समापन होगा। मेवाड़ के प्रख्यात कृष्णधाम भगवान सांवलिया सेठ के मंदिर में जलझूलनी एकादशी मेले की रथयात्रा सोमवार दोपहर हजारों श्रद्धालुओं के सांवलिया सेठ के जयघोष के साथ शुरू हो गई। सावलिया सेठ की नगरी मण्डफिया में जहां तक नजर जाए भक्तों की भीड़ फैली हुई थी। रथयात्रा से पूर्व बारिश भगवान का स्वागत करते हुए प्रतीत हुई। तीन दिवसीय जलझुलनी एकादशी मेला आयोजन के दूसरे दिन रथयात्रा मुख्य आकर्षण था। मुख्य मंदिर में भगवान के बाल विग्रह रुप को पुजारी द्वारा विशेष पूजा अर्चना के बाद मंदिर चौक में बड़े बेवाण में स्थापित किया। हाथी घोड़ा पालकी जय कन्हैया लाल के जयकारों के जयघोष के साथ चांदी के नए रजत रथ में बेवाण की स्थापना की गई। मंदिर चौक में श्रद्धालु बैंड बाजों पर नाचते गाते जयकारा लगाते हुए आस्था प्रकट कर रहे थे। रंग-अबीर उड़ा भक्तों ने भगवान के संग जमकर फाग खेली। मंदिर चौक से दोपहर २ बजे शुरू रथयात्रा में श्रद्धालु रथ के नजदीक पहुंच उसे खींचने के लिए आतुर थे। रथयात्रा में शाही लवाजमा के रूप में सजेे धजे हाथ,घोड़े,ऊंट आदि शामिल थे। रथयात्रा के शाम को सांवलिया सरोवर पहुंचने पर वहां भगवान के विग्रह रूप को जल में झुलाया गया।

हेलिकॉप्टर से हुई पुष्पवर्षा
रथयात्रा पर हेलिकॉप्टर से पुष्पवर्षा आकर्षण का केन्द्र रही। रथयात्रा से पहले जब मंदिर से बेवाण बाहर नहीं निकला था तब तक अच्छी बरसात हो रही थी। बेवाण मंदिर से बाहर निकलते ही बारिश थम गई। हेलीकॉप्टर द्वारा की गई पुष्प वृष्टि के दौरान भी बरसात बंद रही।दोपहर १२.१५ बजे हेलीकॉप्टर ने पहला फेरा लगाकर पुष्प वृष्टि की तो हर किसी की नजर आसमान की ओर लग गई। हेलीकॉप्टर ने चार चक्कर लगाकर भगवान के रथ पर पुष्प वर्षा की। मंदिर पदाधिकारीसुरेश बागरिया निवासी नरधारी ने हेलीकॉप्टर से भगवान के रथ पर पुष्प वर्षा की।

Updated On:
10 Sep 2019, 02:27:40 PM IST

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