बरसे मेघ तो छलक रहे जलाशय, छोड़ रहे पानी

By: Nilesh Kumar Kathed

Updated On:
10 Sep 2019, 02:39:38 PM IST

  • -बारिश का दौर चलते रहने से पानी की आवक जारी
    -चित्तौडग़ढ़ में डेढ़ एवं भदेसर में एक इंच बारिश



चित्तौैडग़ढ़. जिले में पानी बरसा रहे बादल विश्राम के मूड में नहीं है। पिछले एक पखवाड़े से कोई ऐसा दिन नहीं जा रहा जब चौबीस घंटे के अन्तराल में जिले में किसी भी स्थान पर बारिश दर्ज नहीं हो। बादल कभी किसी क्षेत्र तो कभी किसी क्षेत्र में मेहरबान हो रहे है। बारिश का दौर जारी रहने से जलाशय ओवरफ्लो हो रहे है। जिले में गंभीरी, मातृकुण्डिया जैसे प्रमुख बांधों के ओवरफ्लो होने पर गेट छोड़ पानी की निकासी करनी पड़ रही है। बांधों से पानी छोडऩे से नदियां भी पूरे वेग से बेग रही है। ऐसे में काजवों पर पानी भरने से सम्पर्क माध्यम बाधित हो रहे है। जिले में सोमवार रात को भी विभिन्न स्थानों पर रिमझिम एवं तेज गति से बारिश हुई। हालांकि मंगलवार सुबह से अधिकतर जगह मौसम शुष्क है। जिला बाढ़ नियंत्रण कक्ष के अनुसार मंगलवार सुबह ८ बजे समाप्त २४ घंटे में चित्तौडग़ढ़ में ४२, भदेसर में १५, डूंगला में १३ मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। गंभीरी बांध पर शाम को दो इंच की चादर चल रही थी तो मातृकुण्डिया बांध के सुबह भी १२ गेट खोल पानी बनास नदी में छोड़ा गया। घोसुण्डा बांध के दो गेट खोल पानी छोड़ा जा रहा है। ओराई बांध पर भी चादर चल रही है।

पानी सूखने से पहले बरस रहे बादल
चित्तौड़ शहर में सोमवार रात में भी बादल बरसे। शहर की सड़कों पर भरा पानी पूरा सूखे उससे पहले ही फिर बारिश हो रही है। सुबह ११ बजे करीब आधे घंटे तक मूसलाधार बारिश होने से शहर में कई जगह शहर में आधेे घंटे से अधिक समय तक तेज बारिश होने से कई जगह पानी भर गया। बारिश के कारण बाजारों में घूम रहे लोगों एवं वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। शाम को रामरेवाडिय़ां निकलने के दौरान भी बारिश हुई। सड़कों पानी भरा रहने से गड्ढो की मरम्मत भी नहीं हो पा रही है। धार्मिक जुलूसों के आयोजन होने से नगर परिषद ने क्षतिग्रस्त सड़कों पर मोर्रम की बजाय अब गिट्टी डालना शुरू किया है।
मातृकुण्डिया के गेट खुलने से बनास में पानी का प्रवाह तेज
मातृकुण्डिया बांध का जल स्तर बढऩे से सोमवार प्रात: सवा ८ बजे जल संसाधन विभाग ने बांध के १२ गेट पुन: खोल दिए। एक - एक मीटर ऊंचाई तक गेट खोले जाने से बनास नदी में उफान आ गया। पानी की वांछित निकासी के बाद प्रात: १० बजे गेट बंद कर दिए गए। इससे पूर्व जल संसाधन विभाग ने रविवार रात्रि सवा १० बजे बांध के कुल १३ गेट खोल थे। जिन्हें करीब तीन घंटे चलाकर सोमवार तड़के डेढ़ बजे बंद कर दिए। कनिष्ठ अभियंता धीरज बेनीवाल ने बताया कि जल झूलनी एकादशी के मद्देनजर बनास के बहाव एरिया में सोमवार को आवागमन सुचारू बनाने के प्रयास के तहत बांध के गेट सोमवार प्रात: दो घंटे खोलकर वापस बंद कर दिए गए।

Updated On:
10 Sep 2019, 02:39:38 PM IST

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