कविताओं में कैसे छाए राष्ट्रभक्ति के रंग, लगे हंसी के ठहाके

By: Nilesh Kumar Kathed

Updated On:
10 Sep 2019, 02:01:46 PM IST


  • जलझुलनी एकादशी मेले में कवि सम्मेलन में
    कवि सम्मेलन में छाया कश्मीर का मुद्दा
    हास्य रस आधारित कविताएं भी पेश की गई


चित्तौडग़ढ़/ भदेसर. कृष्णधाम सांवलिया जी के तीन दिवसीय मेले के अंतर्गत कवि सम्मेलन का आयोजन हुआ। देर रात तक चले कवि सम्मेलन में श्रोता जमे रहे। कवि सम्मेलन में कश्मीर में धारा ३७० की समाप्ति, पाकिस्तान, राष्ट्रभक्ति जैसे मुद्दे छाए रहे। कवि डॉ.हरिओम पंवार ने कश्मीर व धारा 370 पर कविता पाठ कर खूब दाद बटोरी। पवार ने कश्मीर जो खुद सूरज के बेटे की राजधानी थी, के साथ ही मैं घायल घाटी के दिल की धड़कन सुनाता हूं, वह केसर घाटी में आतंकी शोर सुनाई देता था, मेरा भारत बदल गया है मेरा भारत संभल गया है बहुत बधाई दिल्ली वालों को आदि कविताएं व छंद पेश किए। उन्होंने कोई मोल नहीं दे सकता बसंती जज्बातों का से कविता पाठ का समापन किया।
इससे पहले कवि अरुण जैमिनी ने 21वीं सदी में ढूंढते रह जाओगे कविता पेश की तथा हास्य व पैरोडियों से श्रोताओं को तालियां बजाने को मजबूर कर दिया। कवि जानी बैरागी ने शुरुआत में छोटी-छोटी पैरोडियों से गुदगुदाया। बाद में से नीचे तपती धरा ऊपर सूर्य भगवान बीच में खड़ा सरहद का जवान कविता पेश की। कविता तिवारी ने घास वाली रोटियों को खाकर स्वाभिमान रखा, राष्ट्रभक्ति का दीप जलाना सभी को अच्छा लगता है जैसी रचना पेश की। कवि मारुति नंदन ने भगवान राम पर कविता पाठ करते हुए रामलला कोई और नहीं श्री राम प्रभु का दर्शन है, कविता से शुरुआत की। कवि सम्मेलन में हास्य का का रंग जमा रहा। दिनेश ने बाबाओं पर निशाना साधते हुए कविता पेश की तथा श्रोताओं को खूब गुदगुदाया। वहीं कवियत्री मोनिका ने बेकरार दिल को जरा सा करार चाहिए प्यार प्यार प्यार प्यार और प्यार चाहिए तथा प्रेम किया तो जान गई मैं मीरा ने क्यों विषपान किया कविता पेश की। सांवलियाजी की प्रतिभा गणेश जारोली ने भी देशभक्ति से ओतप्रोत कविताएं पेश की। उन्होंंने शुरुआत सांवलियाजी के इतिहास से की और अपने काव्य पाठ से कमियों को भी बताया। शुरुआत में अर्जुन अल्हड़ ने देशभक्ति पर कविताएं पेश कर सभी को तालियां बजाने को मजबूर कर दिया। कवि सम्मेलन की शुरुआत में कवित्री कविता तिवारी की गणेश वंदना हुई। विधायक अर्जुनलाल जीनगर, चेयरमैन कन्हैयादास वैष्णव, मंदिर मंडल के सीईओ मुकेश कलाल आदि ने कवियों का स्वागत किया। अंत में सीईओ मुकेश कलाल ने भी कविता पेश कर आभार जताया।
आंजना ने किए सांवलिया सेठ के दर्शन
तीन दिवसीय जलझुलनी एकादशी मेले का उद्घाटन रविवार रात सहकारिता मंत्री उदयालाल आंजना ने सहकारिता मंत्री ने भगवान सांवलियासेठ की तस्वीर के सम्मुख दीप प्रज्वलित कर किया। आंजना ने श्रीसांवलिया जी के दर्शन किए और देश की खुशहाली की कामना की। इस अवसर पर पूर्व विधायक सुरेंद्र सिंह जाड़ावत, प्रकाश चौधरी, आनंदी राम खटीक, मंदिर मंडल के अध्यक्ष कन्हैयादास वैष्णव आदि मौजूद थे। आंजना और अन्य जनप्रतिनिधियों को मंदिर के पुजारियों ने उपरना पहनाकर व प्रसाद भेंट कर स्वागत किया। आंजना ने मंदिर परिसर में हार्टफूलनेस मेडिटेशन कैंप का अवलोकन किया और वहां कुछ देर रुक कर ध्यान भी किया।

Updated On:
10 Sep 2019, 02:01:46 PM IST

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