मकान में छिपने का प्रयास कर रहा था गोयरा, फिर क्या हुआ

By: Vijay

Published On:
Jul, 10 2019 11:20 PM IST

  • चित्तौडग़ढ़. जिले के राशमी स्थित आबादी क्षेत्र में बुधवार को एक गोयरा (मादा गोयली) एक मकान में छिपने का प्रयास कर रही थी। बड़ी संख्या में मकान के बाहर मौजूद लोग उसे मारने पर आदाजा थे। लेकिन किसी भी हिम्मत उसे पकडऩे की नहीं हो रही थी। इसी दरमियान वहां पहुंचे सर्प मित्रों ने उसे बचा लिया।

चित्तौडग़ढ़. जिले के राशमी स्थित आबादी क्षेत्र में बुधवार को एक गोयरा (मादा गोयली) एक मकान में छिपने का प्रयास कर रही थी। बड़ी संख्या में मकान के बाहर मौजूद लोग उसे मारने पर आदाजा थे। लेकिन किसी भी हिम्मत उसे पकडऩे की नहीं हो रही थी। इसी दरमियान वहां पहुंचे सर्प मित्रों ने उसे बचा लिया। वन्यजीव गोयरा (मादा गोयली) बुधवार अपरान्ह बस स्टैण्ड के पास एक मकान में छिपने का प्रयास कर रही थी। ग्रामीणों को आबादी क्षेत्र में गोयली के आने की जानकारी मिलने पर बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंच गए। ग्रामीणों ने कस्बे के बड़ौदा राजस्थान ग्रामीण बैंक में कार्यरत कैशियर एवं महाराष्ट्र निवासी विदर्भ सर्प मित्र समिति के सदस्य पियूष कांबले को फोन पर जानकारी दी। इस पर कांबले मौके पर पहुंचे। कांबले व कस्बे के वन्य जीव रक्षक समिति के गणेश खटीक (बद्री), राधेश्याम रैगर आदि ने प्रयास कर गोयली को पकड़ लिया। बाद में गोयली को जंगल में सुरक्षित छोड़ दिया गया। सर्प मित्र कांबले ने बताया कि गोयली में जहर नहीं होता हैं। ना ही किसी को हानी पहुंचाती हैं। कांबले ने घरों में सर्प आदि विषैले जीव दिखाई देने पर मोबाइल पर सूचना देकर वन्यजीव को बचाने की गुहार की हैं। उल्लेखनीय हैं कि सर्प मित्र कांबले के निर्देशन में उनकी टीम ने गत दो तीन सालों में कस्बे में कई सांपों की जान बचाई हैं।

Published On:
Jul, 10 2019 11:20 PM IST

खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।