ये हैं रियल लाइफ के तीस मार खां, वारदात को अंजाम देने फ्लाइट से करते थे आना-जाना

By: Prabha Shankar Giri

Published On:
Aug, 13 2019 07:00 AM IST

  • अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश: हरियाणा की मेवाती गैंग ने काटे थे जुन्नारदेव के तीन एटीएम

छिंदवाड़ा. पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है जिसके सहारे देश के कई राज्यों में हुई एटीएम चोरी की गुत्थी सुलझाई जा सकती है। एटीएम को गैस कटर से काटकर नकदी रुपए चुराने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का सोमवार को पुलिस ने पर्दाफाश किया। गिरफ्तार किए गए गिरोह के चार सदस्यों को पुलिस ने पूछताछ के लिए रिमांड पर लिया है। उम्मीद जताई जा रही है कि शेष चार आरोपियों को भी जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। हालांकि अभी चोरी हुए रुपए बरामद नहीं हुए हैं।
पुलिस कंट्रोल रूम में सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर एटीएम चोरी के मामले का खुलासा किया गया। एसपी मनोज कुमार राय एवं एएसपी शशांक गर्ग ने बताया कि 24 एवं 25 जुलाई की रात को बदमाशों ने जुन्नारदेव के तीन एटीएम गैस कटर से काटे और उनमें रखे 66 लाख 82 हजार रुपए चुराकर फरार हो गए थे। अज्ञात के खिलाफ चोरी का प्रकरण दर्ज कर छानबीन शुरू की गई तो सामने आया कि बैतूल जिले के सारणी में भी एक एटीएम काटा गया है। वहीं एक दिन पहले गुजरात राज्य के सूरत शहर में भी इसी तरह की वारदात होना सामने आया। एक टीम गुजरात भेजकर वहां की पुलिस से सम्पर्क कर घटना का तरीका और अन्य बिंदुओं पर छानबीन की। जबलपुर रेंज के आइजी विवेक शर्मा के निर्देश पर जोन की साइबर टीम के साथ ही जिला साइबर टीम की मदद से आरोपियों का सुराग जुटाया तो सामने आया कि वारदात को अंजाम हरियाणा की मेवाती गैंग ने दिया है।


ऐसे पहुंचे छिंदवाड़ा
जुन्नारदेव थाना क्षेत्र के ग्राम नौलाखापा निवासी रवि बेलवंशी और मेवाती गैंग का मुख्य आरोपी वशीम खान, ताहिर खान, साकिब मेवाती से चोरी के लिए सम्पर्क किया। एटीएम की रैकी करने के लिए हरियाणा से साकिब एवं ताहिर को ट्रक से सिवनी तक भेजा गया। रवि बेलवंशी ने उन्हें अपनी कार क्रमांक एमपी 28 सी 7497 से जुन्नारदेव लाया और 23 जुलाई की रात को अपने घर में रुकवाया। रात में सभी ने एटीएम की रैकी करने के बाद वसीम खान को सूचना दी। वसीम खान ने 22 एवं 23 जुलाई की रात को सूरत के एटीएम काटे और एक कार से वह तीन साथियों के साथ सीधे छिंदवाड़ा 24 जुलाई की रात को पहुंचा और यहां पहले से मौजूद रवि, साकिब एवं ताहिर की मदद से एटीएम काटे। शहर के बस स्टैंड पर स्थित एटीएम की भी रैकी हुई थी।

एटीएम काटने की फिराक में थे
आरोपियों ने मुम्बई के बाहर कुछ एटीएम चिह्नित किए थे जिन्हे वे काटने की फिराक में थे। इसी दौरान कुछ आरोपी 11 अगस्त को पुलिस के हत्थे चढ़ गए। चार आरोपितों को महाराष्ट्र, छिंदवाड़ा एवं राजस्थान से गिरफ्तार किया गया। आरोपियों को पकडऩे के लिए पुलिस कोटा, उदयपुर, सूरत, मुम्बई एवं नागपुर में छापेमारी कर रही थी। सभी स्थानों पर अलग-अलग टीमें लगातार जांच और छानबीन में जुटी हुई थी। एसपी मनोज कुमार राय सहित अन्य अधिकारी अन्य जानकारी भी टीम से साझा कर रहे थे।

फ्लाइट से चलते थे आरोपी
एसपी मनोज कुमार राय ने बताया कि मेवाती गैंग के ज्यादातर सदस्य फ्लाइट से सफर करते थे। ये सभी मोबाइल पर मैप का बहुत ही अच्छा इस्तेमाल करना जानते हैं। मोबाइल पर मैप के जरिए भागने के रास्ते तलाशने के साथ ही थाना और चौकी की दूरी भी देखा करते थे। एटीएम के अंदर घुसने से पहले कैमरों पर काला स्प्रे करते थे, ताकि उनकी पहचान कैमरों में कैद न हो सके। 11 अगस्त को आरोपी मुम्बई के पास स्थित कुछ एटीएम को काटने की फिराक में थे जिसके लिए उन्होंने हरियाणा से सात लाख रुपए की नई कार क्रमांक एचआर 27 एच 8235 खरीदी।

चार आरोपी गिरफ्तार
जुन्नारदेव थाना क्षेत्र के नौलाखापा निवासी रवि बेलवंशी (24), हरियाणा राज्य के जिला नूंह तहसील पुनहाना के ग्राम औथा निवासी वसीम खान (20), हरियाणा राज्य के जिला पलवल तहसील हथीन के ग्राम ऊंटावड निवासी साकिब मेवाती (20) और ताहिर खान (24) निवासी राजस्थान राज्य के जिला एवं तहसील भरतपुर के ग्राम गुलपाड़ा को गिरफ्तार किया जा चुका है। वहीं सूरत पुलिस ने कार क्रमांक एचआर 73 ए 4553 को जब्त कर आरोपी शाहरुख को हिरासत में ले लिया है। अभी तक आरोपियों के कब्जे से छिंदवाड़ा पुलिस दो कार, गैस सिलेंडर एवं कटर जब्त कर चुकी है।


आइजी ने घोषित किया था इनाम
जबलपुर रेंज के पुलिस आइजी विवेक शर्मा ने गैंग को पकडऩे वाली टीम को 30 हजार रुपए इनाम देने की घोषणा की थी। बताया जा रहा है कि अब तक की पूछताछ में आरोपितों ने कई ऑनलाइन धोखाधड़ी भी कबूली है। पूछताछ में कई स्थानों की बड़ी चोरियों के अलावा धोखाधड़ी के मामले भी सामने आ सकते हैं। बताया जा रहा है कि अन्य चार आरोपियों का भी सुराग मिल चुका है उन्हें भी जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।


टीम की अहम भूमिका
सीएसपी अशोक तिवारी, एसडीओपी परासिया डॉ. अरविंद ठाकुर, जुन्नारदेव एसडीओपी एसके सिंह, टीआइ मनीषराज भदौरिया, एसआइ दीपक यादव, सौरभ पाण्डेय, जितेन्द्र यादव, गजराज सिंह उइके, अनुरागलाल, ब्रजेन्द्र सोलंकी, सत्येन्द्र सिंह बघेल, रजनी सिंह ठाकुर, एकता सोनी, आरक्षक शिवकरण पाण्डेय, आदित्य रघुवंशी, नितिन सिंह बघेल, प्रेमप्रकाश शुक्ला, अखिलेश, नितिन कुशवाहा, सत्येन्द्र सिंह राजपूत, संदीप कौशिक, सोमवीर जाट, शिवकुमार जाट, चन्द्रकिशोर रघुवंशी, नितेश ठाकुर, जोनल सायबर सेल एएसआइ कपूर सिंह, प्रधान आरक्षक रफी अहमद, आरक्षक अमित पटेल एवं बंदिर राजपूत की अहम भूमिका रही।


नकदी कहां है, मिल चुकी जानकारी
नकदी रुपए कहां है इसकी जानकारी मिल चुकी है, जल्द ही बरामद कर लिए जाएंगे। शेष आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास जारी है। इस कार्रवाई में टीम ने खूब मेहनत की है। सबसे अधिक एसडीओपी परासिया अरविंद ठाकुर एवं उपनिरीक्षक दीपक यादव की मेहनत रही है।
-मनोज कुमार राय, एसपी छिंदवाड़ा

Published On:
Aug, 13 2019 07:00 AM IST

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