अफसर जाग जाते तो नहीं होता ये बहिष्कार

By: manohar soni

Published On:
Apr, 15 2019 11:58 AM IST

  • विधानसभा चुनाव के बाद अब लोकसभा में भी मतदान के खिलाफ गांव-शहर में उठ रही आवाजें

छिंदवाड़ा.नवम्बर में हुए विधानसभा चुनाव के समय बिजली,पानी और सडक़ को लेकर आई मतदान बहिष्कार की चेतावनी पर समाधान कारक अभियान चलाया जाता तो लोकसभा चुनाव में इस स्थिति को टाला जा सकता था लेकिन प्रशासनिक उदासीनता से ये आवाजें फिर उठने लगी है।
ताजा मामला नगर निगम के वार्ड नंबर एक विजय नगर बर्रा के रहवासियों का है,जिन्होंने सडक़ न बनाने को लेकर लोकसभा चुनाव के बहिष्कार की चेतावनी दी थी। वार्ड में रोड नहीं होने से शाला मेें पढऩे वाले छोटे-छोटे बच्चों एवं आम नागरिकों को रेल्वे क्रासिंग पार करके आर्मी पब्लिक स्कूल, राज गार्डन वाली रोड से आना पड़ता है। रहवासियों ने विधानसभा चुनाव के समय भी मतदान बहिष्कार की चेतावनी दी थी। इस चेतावनी को नगर निगम और प्रशासन ने गंभीरता से नहीं लिया। इसी तरह गांवों से भी बहिष्कार की खबरें आई थी। यहां भी सडक़,बिजली और पानी की समस्या बरकरार है। इन शिकायतों को दूर करने जितनी गंभीरता से प्रयास किए जाने थे,उतने अभी तक दिखाई नहीं दिए हैं। इससे ही मतदान प्रतिशत प्रभावित होता आया है।
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चार माह में इन समस्याओं पर आंदोलित रहे ग्रामीण
1.रिंजीढाना से डोडिया तक स्वीकृत सडक़ निर्माण कार्य पूरा न होने से ग्रामीणों को आवागमन में समस्या। कई बार आवेदन देने पर भी समस्या का निराकरण नहीं।
2.ढोड़ामुआर के ग्रामीण जनों को आठ से दस घंटे की बिजली कटौती का सामना करना पड़ रहा है।
3.परासिया के पास ग्राम पंचायत उमरेठ में पेयजल समस्या गंभीर है। लोग पेयजल पानी टंकी का निर्माण और बोर उत्खनन की मांग करते आ रहे हैं।
4.दमुआ के पास ग्राम धाऊ में 7 किलोमीटर सडक़ में से दो किमी रोड अधूरा पड़ा हुआ है। ग्रामवासियों को बारिश समेत अन्य सीजन में आवागमन की समस्या का सामना करना पड़ता है।
5. मोहखेड़ विकासखण्ड की ग्राम पंचायत भवारी में कुए-हैंडपंप सूख गए हैं। इससे पानी का हाहाकार मच गया है। ग्रामीणजन पानी की तलाश में दूरदराज के कुओं में पानी खोजने पहुंच रहे हैं। भवारी बस्ती,रतीलाल टोला,तिलक टोला,संगम के बकरूटोला,कन्हैया मोहल्ला,दीप के मन्ना मोहल्ला,दीप प्राथमिक शाला,पिपरिया बंजारी माई,पिपरिया पटेल ढाना,टोटकबेई और पिपलगांव भिडक़ा में एक हैंडपंप की जरूरत है।
6.घाट परासिया में विगत तीन माह से मात्र दस घंटे बिजली मिल पा रही है। रात्रि के समय मात्र 10 से 12 बजे तक ही बिजली मिल पाती है। रेलवे मोहल्ले और मुख्य सडक़ के मकानों में समस्या ज्यादा है।
7. जिला मुख्यालय से 150 किमी दूर बटकाखापा के पास ग्राम बालूसार में आठ साल से बिजली बंद है। ग्रामीणजनों ने कई बार पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कम्पनी के अधिकारियों से शिकायत की लेकिन आज तक उनके गांव का अंधेरा दूर नहीं हो पाया।
8.जुन्नारदेव विकासखण्ड के ग्राम पिंडरईखुर्द के ग्रामीणों को अनाज और केरोसिन लेने के लिए 25 किमी दूर ग्राम चिकटबर्री जाना पड़ता है। कई बार दुकान बंद होने पर खाली हाथ लौटना पड़ता है। उन्होंने गांव में ही राशन दुकान खोलने की मांग की।
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मेहलारी बाकुल में भी सडक़ पर बना आक्रोश
मोहखेड़ विकासखण्ड के ग्राम मेहलारी बाकुल में सडक़,स्वास्थ्य केन्द्र और हायर सेकण्डरी स्कूल की मांग पर ग्रामीणों का गुस्सा बना हुआ है। उन्होंने पिछले माह विधानसभा की तरह लोकसभा चुनाव के बहिष्कार की चेतावनी दी थी। उनका कहना है बाकुल से जायदेई तक सडक़,हाईस्कूल से हायर सेकण्डरी स्कूल और मेहलारी में स्वास्थ्य केन्द्र की जरूरत है। यदि अभी भी ध्यान नहीं दिया गया तो वे लोकसभा चुनाव के मतदान का बहिष्कार करेंगे।

Published On:
Apr, 15 2019 11:58 AM IST

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