एक क्लिक में पकड़ी जाएगी कर्मचारियों की काम चोरी, जानें कैसे

By: Rajendra Sharma

Updated On:
13 Aug 2019, 06:18:39 PM IST

  • कम्प्यूटर में ही दिख जाएगी कहां रुकी है आपकी फाइल

- अब आसानी से पकड़ में आएगी कर्मियों की बहानेबाजी
सरकारी दफ्तरों में इ-ऑफिस के लिए समिति गठित: सितम्बर में गति पकड़ेगा काम, दिसम्बर तक लागू करने का लक्ष्य
छिंदवाड़ा. सरकारी ऑफिस में चलने वाली सामान्य फाइल और नोटशीट इस साल के अंत तक इतिहास का हिस्सा बन जाएगी। उसके स्थान पर कम्प्यूटर पर ही फाइल जनरेट होकर सम्बंधित अधिकारियों तक पहुंचेगी और वहीं से निर्णय देकर डिजिटल दस्तखत कर देंगे। जिला प्रशासन ने इसके लिए एक समिति का गठन कर दिया है। सितम्बर में इसकी ट्रेनिंग शुरू होगी और दिसम्बर तक इस नई व्यवस्था को लागू करने का लक्ष्य रखा गया है।

पोर्टल पर ऑनलाइन होगी तमाम जानकारी

जिला सूचना केन्द्र की मानें तो महत्वपूर्ण काम की नोटशीट कहां रुकी है, किस अधिकारी ने उस सम्बंध में कितना काम किया है, विभाग के किसी अधिकारी की कितनी सर्विस हुई, क्या उपलब्धियां और अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई, कितनी छुट्टियां लीं, कितनी बाकी हैं, ऐसी तमाम जानकारी पोर्टल पर ऑनलाइन होंगी। प्रदेशभर में इ-ऑफिस प्रणाली लागू की जा रही है। छिंदवाड़ा में भी इस प्लेटफॉर्म को विकसित करने की प्रक्रिया तेज हो गई है। इसके लिए कमेटी भी गठित की गई है। विभागाध्यक्ष स्तर पर दो अक्टूबर तक और सम्भाग व जिलास्तर पर 31 दिसम्बर तक का समय दिया गया है।

यह होगा फायदा

इ-ऑफि स ऑनलाइन पोर्टल होगा। इसमें कई जरूरी कार्यों की प्रक्रिया एवं कार्रवाई ऑनलाइन रहेगी। इससे आम आदमी को भी सम्बंधित सही जानकारी मिल सकेगी।

प्रमुख कार्यप्रणाली फाइल ट्रैकिंग सिस्टम

इसका मकसद विभागों में रखी फाइल को गति देना है। बहानेबाजी पकड़ी जा सकेगा। ऑनलाइन ट्रैकिंग सिस्टम से यह पता लगाया जा सकता है कि सम्बंधित विषय से जुड़ी फाइल किस जगह पर है। नोटशीट कहां तक पहुंची। अधिकारियों के हस्ताक्षर से लेकर उनकी टिप्पणी क्या है।

लीव मैनेजमेंट सिस्टम

अधिकारी और कर्मचारियों की सालभर की छुट्टियों के सम्बंध में पूरी जानकारी सिस्टम में देखी जा सकेगी। इससे मनमानी की आशंका नहीं रहेगी।

यह है स्थिति

- जिले में 28 हजार से ज्यादा शासकीय अधिकारी-कर्मचारी।
- 300 से ज्यादा छोटे एवं बड़े विभागों को होता है संचालन।
- हर विभाग कर सकेगा लॉगिन। शासकीय इ-मेल आइडी जरूरी।
- आधा दर्जन के करीब मास्टर ट्रेनर होंगे। सभी को देंगे ट्रेनिंग।
- हर विभाग में कम्प्यूटर स्कैनर और ऑपरेटर की जरूरत।

पर्सनल इनफार्मेशन सिस्टम

इसमें अधिकारी व कर्मचारी की व्यक्तिगत जानकारी प्रदर्शित होगी। स्थानांतरण के लिए यह प्रणाली सहायक साबित होगी। इसमें कर्मचारी का सेवाकाल शुरू होने से लेकर सेवानिवृत्ति की तारीख तक अंकित रहेगी।

एनुअल परफार्मेंस रिपोर्ट

पोर्टल का एक महत्वपूर्ण पहलू यह भी है कि अधिकारी अपने अधीनस्थों की ग्रेडिंग तय कर सकेंगे। यह भी ऑनलाइन रहेगा। जैसे कि ऐसी जानकारी विभागाध्यक्ष की कलेक्टर, कलेक्टर की सम्भागायुक्त और सम्भागायुक्त की प्रमुख सचिव या फिर सीधे मुख्यमंत्री भी देख सकेंगे।

एक समिति का गठन भी किया है

जिले में इ-ऑफिस व्यवस्था लागू करने के लिए अधिकारियों की आइडी पर काम हो रहा है। इसके लिए एक समिति का गठन भी किया गया है। इसे दिसम्बर तक लागू करने का लक्ष्य रखा गया है।
श्रीनिवास शर्मा, कलेक्टर, छिंदवाड़ा

Updated On:
13 Aug 2019, 06:18:39 PM IST

खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।