health: रोड एक्सीडेंट होने पर मिलेगी 60 हजार की मदद, जानें पूरा मामला

छिंदवाड़ा/ अब रोड एक्सीडेंट में घायलों को निशुल्क उपचार दिए जाने की तैयारी सरकार कर रही है। इसके लिए रोड एक्सीडेंट इंश्योरेंस पॉलिसी योजना को लागू किया जा रहा है, जिसमें छिंदवाड़ा जिले को पायलट प्रोजेक्टर में शामिल किया गया है। बताया जाता है कि एमपीआरडीसी द्वारा उक्त प्रोजेक्ट तैयार किया जा रहा है, जो कि सफल होने पर पूरे प्रदेश में लागू हो सकेगा।

इंश्योरेंस पॉलिसी के तहत सडक़ हादसे में घायलों को अब आवश्यकता पडऩे पर निजी अस्पताल में उपचार दिया जाएगा तथा इसके लिए सरकार प्रति मरीज 30 से 60 हजार रुपए तक खर्च करेगी। बताया जाता है कि पायलट प्रोजेक्ट के तहत चयनित जिलों में संचालित ऐसे निजी हॉस्पिटल, जिनके पास ट्रामा सेंटर वाली सुविधाएं उपलब्ध है उनसे अनुबंध किया जाएगा। साथ ही एम्बुलेंस 108, डॉयल 100 और टोल नाकों को इसकी सूची प्रदान की जाएगी।


आधार से होगी पहचान -

हादसे में घायलों की पहचान आधार नम्बर के माध्यम से हो सकेगी। इसके लिए सरकार अस्पतालों में एक सर्वर बनाया जाएगा, जिसमें जख्मी व्यक्ति का थम्ब इंप्रेशन लगाकर उसकी पूरी जानकारी निकाल ली जाएगी। उसके रजिस्टे्रशन के बाद सरकार को यह भी पता चल जाएगा कि घायल आयुष्मान भारत योजना में हैं या नहीं, अगर मरीज आयुष्मान योजना में पात्र होगा तो योजना स्वत: ही ट्रांसफर हो जाएगी।

तीन वर्ष के लिए मान्य होगी बीमा कम्पनी -


बीमा करने वाली कम्पनी का चयन तीन वर्ष के लिए किया जाएगा। इसके बाद एमपीआरडीसी दोबार निविदा जारी करेगा तथा बीमा कम्पनी को अस्पतालों की सूची उपलब्ध कराई जाएगी।

नम्बर होंगे इंटीग्रेटेड -


सरकार टोल फ्री नम्बर 100, 108 तथा 1099 को इंटीग्रेटेड करेगी। इससे घायलों की मदद करने के लिए किसी भी नम्बर पर फोन आता है तो वह एक साथ तीनों नम्बर पर रिकार्ड हो जाएगा। एम्बुलेंस में जीपीआरएस सिस्टम लगाया जाएगा, जिसकी मदद से एम्बुलेंस बिना भटके घटनास्थल पर आसानी से पहुंच जाए।

योजना प्रक्रियाधीन है -

उक्त योजना की चर्चा विगत दिनों हुई थी, जिसमें पॉलिसी के संदर्भ में बताया गया था। फिलहाल प्रोजेक्ट प्रक्रियाधीन है।
- डॉ. प्रदीप मोजेस, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी

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