जमीनी विवाद पर अपहरण के बाद कर दी हत्या, ग्रामीणों ने शव रखकर लगाया जाम, पुलिस से हुई झड़प

By: Unnat Pachauri

Updated On:
25 Aug 2019, 05:00:00 AM IST

  • - चचेरे भाईयों पर आरोप, १० साल से चल रहे जमीनी विवाद को लेकर की गई हत्या

    - पहले ट्रैक्टर से मारी टक्कर फिर मारपीट कर गला दबा दिया

 

छतरपुर। बमीठा थाना क्षेत्र के चौका कोडऩ गांव में बीती रात १० सालों से चले आ रहे जमीनी विवाद को लेकर चार लोगों ने मिलकर अपने ही चचेरे भाई मिजाजी पटेल(३६) की अपहरण के बाद हत्या कर दी। आरोपियोंं ने चचरे भाई की बाइक में पहले टै्रक्टर से टक्कर मारी फिर गांव के बाहर ५०० मीटर दूर ले जाकर बेरहमी से पीटते रहे। बाद में गला दबाकर दिया। इस बीच गांव के लोगों को आता देखकर आरोपी घायल के गुप्तांग को लातों से कुचलकर भाग निकले। परिजन रात में ही द्वारा निजी वाहन से मिजाजी को इलाज के लिए जिला अस्पताल लाए, लेकिन रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया। पुलिस ने शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम कराया और परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। इस घटना के प्रति बमीठा टीआई अरूण शर्मा की लापरवाही सामने आई। घटना की सूचना लगने के बाद भी वे काफी देर बाद मौके पर पहुंचे। शुरुआत में पुलिस इसे हादसा बताकर प्रकरण दर्ज करना चाह रही थी। जब मृतक के परिजनों ने शनिवार को ट्रेक्टर में लाश रखकर थाने के सामने हंगामा किया तब जाकर पुलिस ने धारा 302 का मुकदमा कायम किया। इस दौरान ग्रामीणों और पुलिस के बीच जमकर झड़प भी हुई।

यह है पूरा मामला :

बमीठा थाना क्षेत्र के चौका कोडऩ गांव निवासी मिजाजी पटेल (३६) पिता ग्यादीन पटेल चार भाई थे। मिजाजी और उसके चचेरे भाई अच्छेलाल पटेल के बीच करीब ८ एकड़ कृषि भूमि को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा है। अभी यह भूमि अच्छेलाल के कब्जे में हैं। बीते १० सालों में इसी को लेकर तहसील से लेकर हाइकोर्ट जबलपुर तक केस चला है। मिजाजी के भाई जगराज पटेल ने बताया कि अभी राजनगर एसडीएम कार्यालय और जबलपुर हाइकोर्ट में जमीन का केस चल रहा है। इसी को लेकर अच्छेलाल का परिवार उनसे दुश्मनी मानता है। शुक्रवार को शाम करीब ७ बजे मिजाजी जन्माष्टमी की पूजा के लिए पास के गांव झमटुली के बाजार से पूजा का सामान लेकर अपनी बाइक से घर आ रहा था। मिजाजी जैसे ही रात ८ बजे गांव के पास पहुंचा तो सामने से आए चचेरे भाई अच्छेलाल, दशरथ, बब्लू पटेल और अच्छेलाल का भांजा नन्दलाल निवासी दिदौनिया ने ट्रैक्टर से बाइक में टक्कर मार दी। इससे मिजाजी बाइक से गिर गया और आरोपियों से बचने के लिए वहीं पर गोकल अहिरवार के घर में घुस गया। लेकिन आरोपी उसे इलाज के लिए ले जाने का बहाना कर घर से निकाल लाए और अपनी बाइक में बैठाकर कोडऩ और चौका गांव की रास्ते में ले गए। जहां पर आरोपियों ने उसके साथ बुरी तरह से मारपीट की और गला दबाया। तभी घटना जानकारी होने पर मिजाजी के परिजनों और गांव के लोग उसे बचाने के लिए दौड़े, तो लोगों को पास आता देख आरोपियों द्वारा मिजाजी के गुप्तांग को लातों से कुचला गया और मरा समझकर भाग खड़े हुए। परिजन निजी वाहन से घायल को बिजावर अस्पताल लेकर भागे। यहां पहुंचने के पहले ही मिजाजी ने दम तोड़ दिया। इस घटना के बाद टीआई अरूण शर्मा रात में 11 बजे गांव पहुंचे और शुरूआती विवेचना में उन्होंने इसे हादसा बता दिया। शनिवार को जब परिवार के लोगों को पता लगा कि इस मामले में पुलिस हादसे का मामला बना रहा है तब परिजन शव लेकर जिला अस्पताल में पोस्टमार्टम कराने आए।पुलिस जनता की हुई झड़प, गलती होने पर बेबस दिखी पुलिस :पीएम होने के बाद शनिवार को दोपहर 12 बजे परिजन शव लेकर गांव पहुंचेा। जहां पर भारी संख्या में मौजूद गांव के लोगों को पता चला कि पुलिस ने अभी तह हत्या का मामला दर्ज नहीं किया तो वे शव लेकर बमीठा थाना का घेराव करने चल पड़े। इसकी सूचना मौके पर मौजूद पुलिस कर्मियां ने थाना पुलिस को दे दी। इस पर बड़ी संख्या में पुलिस बल के साथ १ बजे रामघाट के पास तैनात हो गए। वहीं गांव से आ रही भीड़ को पुलिस ने रोकने की कोशिश की तो जनता और पुलिस कर्मियों में झड़प हो गुई। पुलिस ने रास्ते में कार खड़ी कर लोगों को रोकने का प्रयास किया लेकिन लोगों के आक्रोश के सामने पुलिस लाचार हो गई। लोगों ने दोपहर करीब डेढ़ बजे बमीठा थाना के सामने हाइवे पर शव रखकर जाम लगा दिया। वहीं आक्रोशित परिजनों ने गांव के लोगों के साथ थाना का घेराव कर दिया। इससे सड़क के दोनों ओर वाहनों की कतारें लग गईं। परिजनों ने आरोपियों पर तुरंत हत्या-अपहरण का मामला दर्ज कर उनकी गिरफ्तार की मांग उठाई। करीब आधा घंटा बाद मौके पर पहुंचे राजनगर एसडीएम स्वप्निल बानखेड़े ने प्रदर्शन कर रहे लोगों को मामला दर्ज करने का आश्वासन दिया। इसके बाद तुरंत एफआइआर दर्ज की गई। इसके बाद लोग जाम हटाने के लिए माने।

जमीन के केस में मिजाजी की अहम भूमिका इसलिए की हत्या :

मृतक मिजाजी चार भाईयों में सबसे छोटा था और पढ़ा लिखा था। जमीन के केस के मामले में मिजाजी ही परिजनों की ओर से लिखा-पड़ी आदि करता था। जिससे आरोपियों ने उसे ही अपना निशाना बनाया।

आक्रोशित महिलाओं थामा हाथों में डंडा :

घटना को लेकर पूरे गांव आक्रोश है। शव घर पहुंचते ही गांव के पुरुषों के साथ-साथ महिलाएं भी विरोध में आगे आई और महिलाएं अपने हाथों में डंडा लेकर निकली। इस दौरान उन्होंने पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और पुलिस को धक्का देकर घेरा तोड़कर जाम लगाने के लिए निकल गईं।

गुस्साए लोगों ने की पुलिस के साथ झूमाझटकी :

पुलिस जब मिजाजी की हत्या के आरोपियों के खिलाफ 302 का प्रकरण दर्ज नहीं कर रही थी तब मृतक के परिजन एवं ग्राम कोडऩ व झमटुली के सैकड़ों लोग सड़कों पर उतर आए। इन लोगों ने ट्रेक्टर में लाश रखकर थाने के बाहर जाम लगाने की योजना बनाई और लाश को थाने ले जाने लगे। हाइवे पर लोगों के इस हुजूम को रोकने के लिए जब पुलिस बल पहुंचा तो लोगों ने उनसे भी गाली-गलौच करना शुरू कर दिया एवं पुलिस पर टूट पड़े। आखिरकार पुलिस को पीछे हटना पड़ा और जब हत्या का मुकदमा दर्ज हुआ तब जाकर मामला शांत हुआ।

आरोपियों पर मामला दर्ज कर लिया गया है :

पुलिस टीम और एफएसएल टीम ने घटना स्थल की जांच की है। मारपीट वाले स्थल पर ब्लड पड़ा मिला है। शुरुआती जांच में मामला हत्या का प्रतीत हो रहा है। इसलिए फिलहाल आरोपियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर विवेचना में लिया गया है।

- तिलक सिंह, एसपी, छतरपुर

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