एसडीओ फॉरेस्ट के चैंबर से हटवाई गई अशोक चिन्ह वाली कुर्सी

By: Neeraj Soni

Updated On:
25 Aug 2019, 07:00:00 AM IST

  • - सीसीएफ पहुंचे डीएफओ कार्यालय, एसडीओ के चैंबर का किया निरीक्षण
    - वाहन की नेम प्लेट भी बदली, बंगले के कर्मचारी भी हटाए

छतरपुर। जिला मुख्यालय के जिला वनमंडलाधिकारी कार्यालय में बैठने वाले एसडीओ फॉरेस्ट वायएस परमार के चैंबर से अशोक चिन्ह वाली कुर्सी हटवा दी गई है। साथही उनके वाहन की नाम पट्टिका भी बदलवा दी गई है। शनिवार को पत्रिका में प्रकाशित खबर के बाद सुबह 11.30 बजे सीसीएफ आरपी राय भी डीएफओ ऑफिस पहुंचे और एसडीओ के चैंबर का निरीक्षण किया। बाद में उन्होंने इस मामले में डीएफओ अनुपम सहाय को जांच करके रिपोर्ट देने के निर्देश दिए। साथही उन्होंने एसडीओ के निजी लग्जरी वाहन में सेवाएं दे रहे सरकारी ड्राइवर को भी हटा दिया है।
एसडीओ वायएस परमार पिछले तीन सालों से अपने चैंबर के अंदर अशोक चिन्ह वाली कुर्सी का उपयोग बैठने में कर रहे थे, जबकि वे इसके लिए पात्र भी नहीं है। देश के राष्ट्रपति और राज्यपाल को ही इस तरह की कुर्सी पर बैठने का अधिकार है। इसके अलावा वे चैँबर में अशोक चिन्ह वाला फ्लैग और चिन्ह का मौनोमेंट भी लगाए हैं। इसके अलावा उन्होंने ऑफिस के इंटीरियर डेकोरेशन पर भी लाखों रुपए खर्च किए है। जब शनिवार को सीसीएफ आरपी राय एसडीओ के चैंबर में पहुंचे तो ऑफिस को फ्रिज, एयर कूलर, एसी, एलइडी और सोफा आदि से सुसज्जित को देखकर हैरान नजर आए। हालांकि सीसीएफ के पहुंचने से पहले ही शनिवार को उनके ऑफिस से अशोक चिन्ह वाली कुर्सी हटा ली गई थी और वाहन की नाम पट्टिका भी बदलवा दी गई थी। बाकी फ्लैग और अशोक प्रतीक चिन्ह दीवार पर लगे ही रहे। इधर जिन दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों के नाम एसडीओबंगले पर काम करने वाले श्रमिकों के रूप में आए थे, वे सभी डीएफओ ऑफिस में सेवाएं देते नजर आए। एसडीओ परमार का कहना था कि जिन कर्मचारियों को उनके यहां लगा बताया जा रहा है, वे गलत नाम है। महिला श्रमिक तो डीएफओ के बंगले पर काम करती हैं।
डीएफओ ऑफिस में मचा रहा हड़कंप :
एसडीओ परमार के ऑफिस से अशोक चिन्ह वाली कुर्सी के हटते ही यहां के वे कर्मचारी खुश नजर आए जो एसडीओ से परेशान चल रहे हैं। साथही सीसीएफ राय के अचानक से निरीक्षण पर पहुंचने से यहां हड़कंप मच गया। आधा घंटे तक डीएफओ ऑफिस में रहने के बाद डीएफओ सहाय को जरूरी निर्देश देकर सीसीएफ रवाना हो गए। बताया गया है कि उन्होंने डीएफओ को एसडीओ के क्रियाकलापों से जुड़ी खबरों की सच्चाई का पता लगाकर जांच रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं।
सरकारी ड्राइवर भी वापस किया :
एसडीओ परमार की निजी अनुबंध वाले लग्जरी वाहन में सरकारी ड्राइवर धर्मदास यादव सेवाएं दे रहा था। जिसे सीसीएफ राय ने वापस कर लिया है। प्राइवेट वाहन में सरकारी ड्राइवर की सेवाएं नियम विरुद्ध तरीके से ली जा रहीं थी।
सीसीएफ ने निरीक्षण किया है :
सीसीएफ सर ऑफिस के औचक निरीक्षण पर आए थे। एसडीओ सहित सभी के चैंबरों का उन्होंने निरीक्षण किया है। यह रुटीन निरीक्षण था। एसडीओ परमार के ऑफिस से अशोक चिन्ह वाली कुर्सी हटवा ली गई है। वाहन की नाम पट्टिका भी बदल गई है।
- अनुपम सहाय, डीएफओ छतरपुर

Updated On:
25 Aug 2019, 07:00:00 AM IST

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