4.1 ग्राम हो गया था हिमोग्लोविन, फरिश्ता बनकर आए शंकू

Neeraj soni

Publish: Sep, 12 2018 11:46:14 AM (IST)

रक्त हर वक्त की टीम की पहल पर 13 वर्षीय रेप पीडि़ता को मुहैया कराया गया ब्लड

छतरपुर। शहर में रक्त हर वक्त की टीम द्वारा एक बार फिर उस समय रक्त मुहैया कराया गया जब १३ वर्षीय रेप पीडि़ता नाबालिग को ब्लड की आवश्यकता था। रक्त हर वक्त की टीम इस समय शहर में बेहतर काम कर रही है। न सिर्फ लोगों को रक्तदान के प्रति जागरुक किया जा रहा है बल्कि जरूरतमंदों को रक्त मुहैया कराया जा रहा है। तब कहीं जाकर जरूरतमंद को रक्त मुहैया कराया जा सका।
शहर इन दिनों रक्तदान के प्रति कई लोगों में जागरूकता का माहौल बन चुका है। कई लोग रक्तदान के लिए दिन रात तैयार रहते हैं। कुछ तो ऐसे लोग हैं जो अपने परिवार को बताते भी नहीं है और दसों बार रक्तदान कर कई परिवारों को मौत के मुंह से बाहर ल चुके हैं। ठीक इसी प्रकार मासूम 13 वर्षीय बलात्कार पीडि़ता को रक्त की जरूरत पडऩे की सूचना मिलते ही शहर के शंकु अग्रवाल एक युवा तुरंत रक्तदान करने ब्लड बैंक आए और रक्तदान किया। जबकि परिवार के सदस्यों को जानकारी न लगे इसीलिए जानकारी गुप्त रखने को कहा। जबकि मासूम बालिका को इसके पहले 4 बार रक्त लग चूका। सिविल सर्जन की सजगता से आपातकालीन स्थिति में 2 बार रात को बच्ची को ब्लड बैंक से ब्लड उपलब्ध कराया गया। जबकि 2 बार सामाजिक सहायता से रक्त उपलब्ध हुआ है। उसके बाद भी उस बच्ची का हिमोग्लोविन मात्र 4.1 ग्राम था तो तुरंत 2 यूनिट और रक्त लगने की बात बताई गई। अभी तक रक्त हर वक्त परिवार उस बच्ची की हर संभव मदद कर रहा है तो गु्रप के सबसे सक्रिय एवं सजग प्रहरी शुभम अग्रवाल शंकु स्वयं अपने रक्त से उस बच्ची का जीवन बचना चाहते थे और उन्होंने स्वयं अपने जीवन का चौथा रक्तदान किया। गौरतलब है कि जबसे रक्त हर वक्त परिवार की नींव रखी गई है शंकु अग्रवाल के गु्रप के उत्थान में कई महत्वपूर्ण योगदान रहे। उन्होंने कई लोगो को रक्तदान के लिए प्रेरित किया है और कई युवाओं को ग्रुप के माध्यम से रक्तदान कराके बुरी आदतों से दूर समाजसेवा के कार्यों में जोड़ दिया है।

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Web Title "Rape victim 4.1 gm was hemoglovin God become blood donor"