सावन के आखरी सोमवार को उमड़ा जनसैलाब, दिनभर चला जलाभिषेक

By: Dharmendra Singh

Published On:
Aug, 12 2019 05:29 PM IST

 
  • जटाशंकर में उमड़ी सबसे ज्यादा भीड़
    शिवालयों में गूंजा हर-हर महादेव

छतरपुर। सावन के आखिरी सोमवार पर शिव मंदिरों में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी। भगवान शिव को जल चढ़ाने के लिए सुबह से मंदिरों के बाहर श्रद्धालुओं की कतार लग गई, जो दोपहर बाद तक लगी रही। सभी शिवालय में बोल बम के जयकारों गूंजते रहे। आखरी सोमवार के अवसर पर शिवधाम जटाशंकर एक लाख से ज्यादा लोग एकत्रित हुए। सुबह 6 बजे से रुद्राभिषेक और जलाभिषेक का सिलसिला शुरु हुआ जो शाम तक एक सी गति में चलता रहा। मान्यता है कि आज के दिन भगवान रूद्र को जल चढ़ाने से सभी कष्टकारी ग्रह कट जाते हैं।
विशेष संयोग में हुई पूजा-अर्चना
सावन का आखिरी सोमवार का महत्व प्रदोष व्रत होने कारण और भी बढ़ गया। सावन सोमवार की भांति ही प्रदोष व्रत में भी भगवान शिव की ही पूजा की जाती है। इससे दोहरे संयोग में भगवान शिव की पूजा-अर्चना हुई। सुबह से शाम तक मंदिरों में जलाभिषेक किया गया और शाम को प्रदोष व्रत की पूजा में शिवपूजन किया गया। प्रदोष व्रत हर महीने की त्रयोदशी तिथि के दिन किया जाता है। इसे शुक्ल और कृष्ण दोनों ही पक्षों की त्रयोदशी के दिन किया जाता है, इसलिए इसे तेरस भी कहा जाता है।
जटाशंकर पहुंचे एक लाख से ज्यादा भक्त
जटाशंकर धाम में सावन माह के आखरी सोमवार को एक लाख से ज्यादा शिवभक्तों ने पहुंचकर शिव का जलाभिषेक किया। जटाशंकर ट्रस्ट के अध्यक्ष अरविंद अग्रवाल ने बताया कि, प्रसिद्ध तीर्थ श्री जटाशंकर धाम में सोमवार को शिव के दर्शन के लिए शिवभक्तों के पहुंचने का सिलसिला रविवार से ही शुरु हो गया था। छतरपुर, गुलगंज, बाजना, किशनगढ़, महाराजगंज, बड़ामलहरा सहित हर मार्ग से वाहन और पैदल यात्री जटाशंकर की ओर रवाना हुए। इस दौरान भक्ति के कई आयाम देखने को मिले। हजारों की तादात में भक्त पैदल यात्रा करके शिवदर्शन करने पहुंचे। इसके अलावा 100 से अधिक भक्त विभिन्न स्थानों से दंड भरते हुए जटाशंकर धाम पहुंचे। जटाशंकर धाम में लोगों ने रविवार को रात्रि विश्राम किया और सुबह 3 बजे मंदिर के कपाट खुलते ही शिवकुंडों में स्नान करके मंदिर में शिव जलाभिषेक करके पुष्प, धतूरा, बेलपत्र, रोली, चंदन, इत्र, फल अर्पित करके पूजा-अर्चना की। सुबह की मंगला आरती में ही 20 हजार से ज्यादा लोग शामिल हुए। इस दौरान भारी भीड़ होने के कारण अमावस्या की तरह गेट की व्यवस्था करके दर्शन कराए गए।

खजुराहो में जुटी श्रद्धालुओं की भीड़
खजुराहो के मतंगेश्वर महादेव मंदिर में सुबह से ही भीड़ उमड़ी। खजुराहो के आसपास के इलाके के साथ ही दूर-दराज से लोग खजुराहो पहुंचे और सुबह सूर्योदय के साथ ही श्रद्धालुओं ने शिवसागर सरोवर में स्नान के बाद मतंगेश्वर को जल अर्पित किया। खजुराहो के मतंगेश्वर महादेव मंदिर में दोपहर 12 बजे तक श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती रही। भगवान मतंगेश्वर की जय हो के नारे गूंजते रहे।
पार्थिव शिवङ्क्षलग बनाकर मांगी खुशहाली
सावन के आखिरी सोमवार पर लोगों ने मंदिरों के साथ ही घरों में पार्थिव शिवलिंग बनाकर भोलेनाथ की पूजा-अर्चना की। छतरपुर जिले में अच्छी बारिश के लिए,सुख समृद्धि और विकास के लिए और सभी लोगों के उज्जवल भविष्य के लिए महेश्वरम महादेव मंदिर नारायणपुरा रोड़ पर महिलाओं ने पार्थिव शिवङ्क्षलग बनाकर पूजन-अर्चन किया और शिव भजन-कीर्तन के साथ भोलेनाथ से सबकी खुशहाली मांगी। इस अलावा बगौता के प्राचीन शिव मंदिर में पार्थिव शिवलिंग निर्माण कार्यक्रम का आयोजन किया। जिसमें सुबह से बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। कार्यक्रम में हरेन्द्र सिंह चंदेल, पवन मिश्रा, बरखा मिश्रा समेत अन्य शिवभक्त शामिल हुए। वहीं, नारायणपुरा रोड पर महेश्वरम महादेव मंदिर में मालती, ममता,सुषमा,करुणा ,रश्मि पाठक ,कस्तूरी सेन,मुन्नी राजा ,रश्मि पांडे, रिंकी ठाकुर, सुषमा पाठक,ममता पाठक,आराधना,रश्मि ,आर्या, मुन्नी राजा,रेखा शर्मा,कस्तूरी सेन ,रामश्री राजपूत ,उर्मिला गुप्ता समेत अन्य महिलाओं ने सबकी खुशहाली मांगी।
सुरक्षा के विशेष इंतजाम
बकरीद और सावन का आखिरी सोमवार एक साथ पडऩे के कारण सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए। खासकर संवेदनशील इलाकों में पुलिसकर्मियों की विशेष तैनाती की गई है। प्रशासन ने किसी भी स्थिति से निपटने के लिए विशेष बल नियुक्त किए, वहीं मदिरों में सुरक्षा और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए विशेष इंतजाम किए गए।

Published On:
Aug, 12 2019 05:29 PM IST

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