हाइवे पर लड़ रहे सांड, लोगों की जान आफत में

By: Neeraj Soni

Published On:
Aug, 13 2019 06:00 AM IST

 
  • - शहर की सड़कों पर आवारा पशुओं का जमावड़ा, बेफिक्र है नगर पालिका प्रशासन
    - नपा की गौशाला होने के बाद भी उसमें नहीं रखे जा रहे गौवंशीय पशु
    - समाजसेवियों ने बैठक कर पशुओं के संरक्षण को लेकर किया विमर्श

छतरपुर। शहर के मुख्य बाजार की सड़कों, हाइवे से लेकर गली-मोहल्लों में मवेशियों का जमावड़ा होने और सड़कों पर बैलों की लड़ाईयों के कारण लोगों की जान आफत में है। हाइवे और बाजार की पर बैलों की कुश्ती से कोई न कोई घायल हो रहा है। उधर नगरीय प्रशासन ने दो दिन अभियान चलाकर चुप्पी साध ली है। बारिश के दिनों में सड़क पर पशुओं के होने के कारण हर दिन हादसों में जानवर भी घायल हो रहे हैं। गौशाला के पशु अस्पताल में प्रतिदिन 8 से 10 घायल जानवर पहुंच रहे हैं। लेकिन यहां इलाज के लिए पशु चिकित्सा विभाग से उपलब्ध कराए गए डॉक्टर की सेवाएं हटा दी गईं, इससे उनके इलाज में भी दिक्कतें होने लगी है। इसी बीच पशुओं की दुर्दशा और उनसे होने वाले हादसों से चिंतित शहर के समाजसेवियों ने आपात बैठक बुलाकर गंभीर विमर्श किया और प्रशासन से मिलकर समाधान निकालने का निर्ण लिया।
सांड़ों के संग्राम से आफत में है जान :
सोमवार को गल्ला मंडी में पुराना इलाहाबाद बैंक के पास दो साड़ ऐसे जूझे कि यहां पर आधा दर्जन वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। दो लोग घायल भी हुए। कई दुकानदार जान बचाकर भागे। गल्ला मंडी से लेकर मऊ दरवाजा तक जानवरों दिनभर सांड़ों का विचरण होने से सड़क हादसे हो रहे हैं। पिछले साल एक हिंसक सांड़ के हमले से जहां एक व्यक्ति की मौत हो गई थी, वहीं कई लोग घायल हो गए थे। तीन दिन पहले शनिवार को छत्रसाल चौक के समीप कांग्रेस कार्यालय के सामने दो सांडों के बीच लगभग 20 मिनिट तक युद्ध चलता रहा। दोनों तरफ से आ रहे सैकड़ों मुसाफिर अपने वाहनों के साथ कोने में ठिठक रहे। और ये सांड एक-दूसरे बीच सींग फंसाकर लड़े जा रहे थे। लगभग एक दर्जन लोगों ने लाठियां और पानी दिखाकर इन बैलों के झगड़े को सुलझाया। इस दौरान दो वाहन क्षतिग्रस्त हुए। शुक्रवार को स्टेट बैंक के पास दो सांड़ों की लड़ाई ने पूरा यातायात रोक दिया। एक साड़ के घायल होने के बाद लोगों ने लाठियों से उन्हें दौड़ाकर विवाद सुलझाया।
बैलों की ये लड़ाई किसी दिन किसी मुसाफिर की जान ले सकती है लेकिन छतरपुर नगर पालिका बेफिक्र होकर ये तमाशा देख रही है। जबकि नगरपालिका के पास खुद की गौशाला है। लेकिन यह गौशाला खाली पड़ी है। नगरपालिका ने नगरीय प्रशासन मंत्री के आदेश पर बैलों को पकडऩे का अभियान शुरू किया था, लेकिन दो-तीन दिन बाद यह अभियान बंद हो गया। समस्या पहले जैसी ही हो गई।
कांग्रेस नेत्री ने उठाए सवाल, सरकार में परिवर्तन के बाद भी नहीं सुधरे हालात (फोटो१०):
इस मामले में कांग्रेस नेत्री और नगर पालिका में नेता प्रतिपक्ष कीर्ति विश्वकर्मा ने कहा कि लोगों ने बड़ी उम्मीद के साथ प्रदेश में परिवर्तन किया था लेकिन छतरपुर शहर में परिवर्तन के बाद भी कुछ नहीं बदल रहा। आवारा पशुओं की समस्या जस की तस बनी हुई है। शहर के आसपास 14 गौशालाएं हैं लेकिन हजारों पशु शहर की सड़कों पर डेरा डाले बैठे हैं। उन्होंने कहा कि नगर पालिका और जिला प्रशासन मूकदर्शक बना हुआ है।
शहर के समाज सेवियों ने बुलाई बैठक (फोटो ११,१२) :
शहर के गांधी आश्रम में समाज सेवियों ने एक बैठक कर शहर और गांवों में गली, सड़क, खेतों में भटकते घूम रहे और लोगों की क्रूरता का शिकार हो रहे गौवंशीय पशुओं के संरक्षण और उनकी सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता जताई है। बैठक में गायों के संरक्षण और उनकी सुरक्षा पर सकारात्मक चर्चा हुई। इस दौरान लोगों ने अपने महत्वपूर्ण सुक्षाव रखे और उन पर अमल करने व जिला प्रशासन से ठोस, सकारात्मक प्रशासनिक व्यवस्था बनाए जाने के लिए कलेक्टर को ज्ञापन देने तथा उनके साथ एक बैठक करना तय हुआ। बैठक में मप्र गाँधी स्मारक निधि के अध्यक्ष दुर्गा प्रसाद आर्य, पेशनर्श एसोसिएशन अध्यक्ष वीपी सिंह, नगर अध्यक्ष शंकरसोनी, कवियत्री मालती श्रीवास्तव, दमयंती पाणी, रंगकर्मी शिवेन्द्र शुक्ला, हिन्दू उत्सव समिति के पवन मिश्रा, संजू मिश्रा, जीएस खरे, जेपी अग्रवाल, विजय सिंह परिहार, शंभूदयाल यादव, दिल्लाराम अहिरवार, कालूराम, नन्दू शुक्ला, डॉ. संजय सिंह, देवेन्द्र कुशवाहा, एनके मिश्रा, रामकिशोर गुप्ता, पुष्पेन्द्र भाई, निधि त्रिपाठी ने अपने सुझाव रखे। संचालन कीर्ति विश्वकर्मा ने किया। इस मौके पर अगली बैठक अगले रविवार को शाम ४ बजे आयोजित करने का निर्णय लिया गया।
जानवरों से लगातार हो रही दुर्घटनाएं :
६ साल के नैतिक सेन को बैल ने मार दिया था जिससे उसके दांत टूट गए थे।
पिछले साल गल्ला मंडी में रहने वाले धनीराम गुप्ता के पिता मटरू को बैलों ने लड़ते समय सींग मार दिए थे, जिससे उनकी इलाज के चलते मौत हो गई थी।
- व्यवसाइ प्रभात अग्रवाल को बैल ने मार दिया था, जिससे उनका पैर फैक्चर हो गया था।
- गल्ला मंडी क्षेत्र में ही तीन महिलाएं बैल के हमले से घायल हो गई थीं।
- सागर रोड पर दो सप्ताह पहले एक महिला बैल के हमले से घायल हो गई थी।
इनका कहना है :
जल्द ही नगरीय निकायों के सीएमओ और जनपदों के सीईओ को बुलाकर गौवंशीय पशुओं को सुरक्षित स्थानों और गौशालाओं में पहुंचाने के लिए निर्देशित किया जाएगा। सड़कों पर मवेशियों को हटाने के लिए अलग से अभियान चलवाया जाएगा।
- मोहित बुंदस, कलेकटर

Published On:
Aug, 13 2019 06:00 AM IST

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