तिरुपति तिरुकुड्डै उत्सव शुरू

PURUSHOTTAM REDDY

Publish: Sep, 12 2018 11:50:02 AM (IST)

हर साल तिरुमला तिरुपति ब्रह्मोत्सव के दौरान चेन्नई से तिरुक्कुडै की रवानगी होती है। साथ ही विल्लीपुत्तुर मंदिर से आंडाल मेला की शुरुआत होती है। यह भगवान वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर को अर्पित किए जाते हैं। तिरुक्कुडै करीब 200 वर्ष से और आंडाल मेला करीब एक हजार वर्ष पुरानी प्रथा है। इस रथ यात्रा में सैकड़ों भक्तगण शामिल हुए।

 

 

चेन्नई. तमिलनाडु के बड़े धार्मिक महोत्सव में से एक तिरुपति तिरुकुड्डै उत्सव की मंगलवार को शुरुआत हुई। तिरुक्कुडै महोत्सव की रथयात्रा साहुकारपेट के देवराज मुदली स्ट्रीट स्थित चेन्ना केसव पेरुमाल मंदिर से रवाना हुई।

तिरुक्कुडै करीब 200 वर्ष से और आंडाल मेला करीब एक हजार वर्ष पुरानी प्रथा

हर साल तिरुमला तिरुपति ब्रह्मोत्सव के दौरान चेन्नई से तिरुक्कुडै की रवानगी होती है। साथ ही विल्लीपुत्तुर मंदिर से आंडाल मेला की शुरुआत होती है। यह भगवान वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर को अर्पित किए जाते हैं। तिरुक्कुडै करीब 200 वर्ष से और आंडाल मेला करीब एक हजार वर्ष पुरानी प्रथा है। इस रथ यात्रा में सैकड़ों भक्तगण शामिल हुए।
हिन्दू धर्मार्थ समिति ट्रस्ट के तत्वावधान में तिरुक्कुडै यात्रा की रवानगी हुई। इस मौके पर हिन्दू धर्मार्थ समिति के ट्रस्टी आर.आर. गोपालजी विशेष रूप से मौजूद थे। यह यात्रा एनएससी बोस रोड, गोविन्दपा नायकन स्ट्रीट जंक्शन, बैरागी मठ, वालटैक्स रोड होते हुए गुजरी। यात्रा 12 सितम्बर को विलीवाक्कम में रात्रि विश्राम करेगी।
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तमिलनाडु के बड़े धार्मिक महोत्सव में से एक तिरुपति तिरुकुड्डै उत्सव की मंगलवार को शुरुआत हुई। तिरुक्कुडै महोत्सव की रथयात्रा साहुकारपेट के देवराज मुदली स्ट्रीट स्थित चेन्ना केसव पेरुमाल मंदिर से रवाना हुई। तिरुक्कुडै करीब 200 वर्ष से और आंडाल मेला करीब एक हजार वर्ष पुरानी प्रथा-हर साल तिरुमला तिरुपति ब्रह्मोत्सव के दौरान चेन्नई से तिरुक्कुडै की रवानगी होती है। साथ ही विल्लीपुत्तुर मंदिर से आंडाल मेला की शुरुआत होती है। यह भगवान वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर को अर्पित किए जाते हैं। तिरुक्कुडै करीब 200 वर्ष से और आंडाल मेला करीब एक हजार वर्ष पुरानी प्रथा है। इस रथ यात्रा में सैकड़ों भक्तगण शामिल हुए।
हिन्दू धर्मार्थ समिति ट्रस्ट के तत्वावधान में तिरुक्कुडै यात्रा की रवानगी हुई। इस मौके पर हिन्दू धर्मार्थ समिति के ट्रस्टी आर.आर. गोपालजी विशेष रूप से मौजूद थे। यह यात्रा एनएससी बोस रोड, गोविन्दपा नायकन स्ट्रीट जंक्शन, बैरागी मठ, वालटैक्स रोड होते हुए गुजरी। यात्रा 12 सितम्बर को विलीवाक्कम में रात्रि विश्राम करेगी।

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Web Title "Tirupati Thirukkadai celebration begins"