Strike : टैंकर लॉरी मालिकों की हड़ताल शुरू

By: shivali agrawal

Updated On:
22 Aug 2019, 01:00:39 PM IST

  • chennai में जलापूर्ति में लगे टैंकर-लॉरी मालिक संघों की राज्यव्यापी अनिश्चितकालीन हड़ताल बुधवार से शुरू हो गई। सरकार की ओर से हड़ताली संघों के प्रतिनिधियों से हुई वार्ता बेनतीजा रही। लिहाजा अपनी मांगों पर डटे मालिकों ने हड़ताल जारी रखने का निर्णय किया है।

- लाखों पानी के टैंकर नहीं उतरे सडक़ पर
- वार्ता भी रही विफल
- जलापूर्ति होगी प्रभावित
चेन्नई. जलापूर्ति में लगे टैंकर-लॉरी मालिक संघों की राज्यव्यापी अनिश्चितकालीन हड़ताल बुधवार से शुरू हो गई। सरकार की ओर से हड़ताली संघों के प्रतिनिधियों से हुई वार्ता बेनतीजा रही। लिहाजा अपनी मांगों पर डटे मालिकों ने हड़ताल जारी रखने का निर्णय किया है।
चेन्नई समेत राज्य के अन्य जिलों में निजी व सरकारी टैंकर व लॉरियों से जलापूर्ति होती है। गर्मी के मौसम में जब बारिश नहीं होने की वजह पानी की अभूतपूर्व किल्लत पैदा हो गई थी तब जलापूर्ति में निजी टैंकरों की महती भूमिका रही थी। पानी की अनुपलब्धता की वजह से इन लोगों ने कीमतें भी बढ़ा दी थी। उस दौर में जमीन से पानी निकालने में लगे टैंकर मालिकों के खिलाफ कार्रवाई हुई। उनकी लॉरियों को जब्त किया गया और आपराधिक मुकदमे दर्ज किए गए। यह कार्रवाई तिरुवल्लूर, कांचीपुरम, विल्लुपुरम समेत लगभग उन सभी जिलों में हुई जहां पानी की किल्लत थी।
टैंकर लॉरी मालिक संघ ने झूठे मुकदमे दायर करने और वाहनों को जबरन पकडऩे पर आपत्ति जताते हुए बेमियादी हड़ताल की घोषणा की। इस घोषणा के तहत चेन्नई महानगर, कांचीपुरम और तिरुवल्लूर की ४५०० गाडिय़ां सडक़ पर नहीं उतरीं। राज्यभर में छोटी-बड़ी जलापूर्ति करने वाली करीब ढाई लाख वाहनों के हड़ताल में शामिल होने की खबर है। हड़तालरत संघ की मांग है कि भूमिजल दोहन का लाइसेंस दिया जाए, झूठे मुकदमे वापस लिए जाएं तथा प्रशासन के कब्जे वाले वाहनों को तत्काल छोड़ा जाए।
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नहीं बनी बात
चेन्नई. वाटर टैंकर लॉरी मालिक संघ के प्रतिनिधियों से जलापूर्ति बोर्ड के निदेशक ने चिंताद्रीपेट स्थित चेन्नई मेट्रो वाटर एंड सीवेज सप्लाई बोर्ड के दफ्तर में वार्ता की। यह पहले चरण की वार्ता थी जिसमें कोई हल नहीं निकला। इस वजह से टैंकर मालिक संघ ने हड़ताल जारी रखने का निर्णय किया है।
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कांचीपुरम में ५२ जगहों पर नलकूप
कांचीपुरम. हड़ताल की पृष्ठभूमि में जिला कलक्टर पोनय्या ने बताया कि जिले में ५२ नलकूप खोदे जाने की अनुमति दी गई है। जिले में जलापूर्ति व्यवस्था को बनाए रखने के लिए कलक्टर ने किए गए उपायों की जानकारी दी कि दो दिनों के भीतर ४६ लॉरी चालकों को जल उत्खनन के लाइसेंस दिए जाएंगे। ५२ जगहों पर नए बोरवेल खोदने की अनुमति दी गई है।
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गहरा सकता है जलसंकट
चेन्नई. पिछले कुछ दिनों की बरसात और जोलारपेट से पानी की ट्रेन आने से महानगर में अब जलापूर्ति में सुधार हुआ है। ऐसे में निजी टैंकरों की हड़ताल से पानी की आपूर्ति पर असर पड़ेगा। स्थानीय लोगों का कहना है कि हड़ताल की पूर्व घोषणा की वजह से वे तैयार थे, लेकिन अगर यह लम्बी चली तो हालात विकट हो जाएंगे।
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Updated On:
22 Aug 2019, 01:00:39 PM IST

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