बस छूटने तक नहीं लगता बस पर रूट बोर्ड

Mukesh Sharma

Publish: Oct, 12 2017 04:53:04 (IST)

Chennai, Tamil Nadu, India

महानगर का सबसे बड़ा बस टर्मिनस सीएमबीटी ऐसा है जहां दिनभर में हजारों बसों का आवागमन होता है। विडम्बना यह है कि ज्योंही १२ बजते हैं चालक बसों को स्टैंड

चेन्नई।महानगर का सबसे बड़ा बस टर्मिनस सीएमबीटी ऐसा है जहां दिनभर में हजारों बसों का आवागमन होता है। विडम्बना यह है कि ज्योंही १२ बजते हैं चालक बसों को स्टैंड पर खड़ी करके उसका रूट बोर्ड हटा देते हैं। ऐसे में यात्री तब तक गंतव्य की बस का इंतजार करते रहते हैं जब तक चालक आकर बस का रूट बोर्ड नहीं लगा दे। बिना रूट बोर्ड के यात्री बस में सवार कैसे हों क्योंकि पता ही नहीं चलता कि उनके गंतव्य पर जाने वाली बस कौनसी है।

बतादें कि कोयम्बेडु बस टर्मिनस से ब्राडवे वाया चेन्नई सेंट्रल के लिए बस रूट संख्या १५बी हर पांच या दस मिनट के अंतराल पर है, लेकिन जब आप दोपहर के समय सीएमबीटी में बस पकडऩे जाएंगे तो यह पता लगाना मुश्किल होगा कि आपके गंतव्य पर जाने वाली बस कौनसी है। वहां जो भी बसें खड़ी होगी उनके रूट बोर्ड गायब मिलेंगे।

उनके पीछे आने वाली बसों में कदाचित बोर्ड है भी तो वे इतनी पीछे लगी होती है कि उनको उनके बीच से निकलकर आगे आने के लिए उनके चालकों के आने का इंतजार करना होगा। जब तक वे हटेंगी नहीं पीछे वाली बसें आगे आ नहीं सकती। यहां तक कि टर्मिनस में लाउडस्पीकर के जरिए बसों के आगमन और प्रस्थान की जानकारी देने की सुविधा है लेकिन वह भी कभी कभार ही दी जाती है जिसके कारण यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

यात्रियों का कहना है...

ब्रॉडवे बस टर्मिनस के लिए सीएमबीटी में हमेशा १० से भी ज्यादा बसें खड़ी रहती हंै लेकिन दोपहर को लंच के समय बसों से रूट बोर्ड हटा देने के कारण यह यात्रियों को यह पता लगाना मुश्किल होता है कि उनके रूट की कौनसी बस है। जब अचानक बस ड्राइवर रूट बोर्ड लगाकर प्रस्थान करते हैं तो यात्रियों को भाग को बस पकडऩे में परेशानी झेली पड़ती है।सुरेंद्रन, यात्री

यात्री केवल आइडिये से ही अपने रूट की बस मानकर उसमें बैठकर इंतजार करते रहते हैं लेकिन जब चालक आकर रूट बोर्ड लगाता है तो पता चलता है कि वे गलत बस में बैठ गए हैंं। उससे उतर कर जब बस पकडऩे की कोशिश करते हैं तब तक गंतव्य की बस निकल जाती है।
बी. दयावंती, छात्रा, मेहता नगर

Web Title "Just do not feel like leaving the root board"