एयरपोर्ट्स के निजीकरण से लेकर आॅटो सेक्टर की मंदी तक, आज इन ख़बरों पर है सबकी नज़र

By: Vishal Upadhayay

Published: 28 Jul 2019, 05:40 PM IST

 
    • सालाना 10 से 15 लाख यात्रियों वाले एयरपोर्ट का होगा निजीकरण
    • कई कंपनियों ने वार्षिक सैलरी रिपोर्ट जारी की
    • Donald trump ने विकासशील देशों के दर्जे पर उठाया सवाल
    • Maruti Suzuki ने जारी किए सेल के आंकड़े
    • इस साल के आखिर में लॉन्च होगी WhatsApp Pay सर्विस

नई दिल्ली: केंद्र सरकार देश में की 20-25 एयरपोर्ट्स के निजीकरण की योजना बना रही है। इन एयरपोर्ट्स पर सालाना 10 से 15 लाख यात्री आते-जाते हैं। सरकार को उम्मीद है कि इन एयरपोट्र्स के निजीकरण में विदेशी कंपनियां भी भाग लेंगी। Airport Authority of India के चेयरमैन गुरुप्रसाद महपात्रा ने इस संबंध में जानकारी दी।

आमतौर पर जब मोटी सैलरी की बात होती है तो हमें लगता है यह शख्स किसी बड़े मल्टीनेशनल कंपनी में काम करता होगा। हो सकता है कि आपकी यह सोच गलत हो, क्योंकि एक मिडकैप कंपनी के सीईओ की सैलरी सालाना 121 करोड़ रुपये है। ग्रेफाइट इलेक्ट्रोड्स बनाने वाली कंपनी HEG के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रवि झुनझुनवाला को वित्त वर्ष 2018-19 में कुल 121 करोड़ रुपये की सैलरी मिली है। इसके साथ ही रवि झुनझुनवाला सैलरी रैंकिंग में टॉप पर पहुंच गये हैं।

अमरीकी राष्ट्रपति Donald Trump ने चीन और भारत पर निशाना साधते हुए world Trade Organization से कहा कि वह चीन तथा अन्य अर्थव्यवस्थाओं को विकासशील देश के नाम पर वैश्विक व्यापार नियमों में ढील का फायदा उठाने से रोके। दुनिया में कई सारे ऐसे देश हैं जो विकासशील दर्जे का काफी गलत फायदा उठा रहे हैं। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि WTO यह दर्जा देने के लिए कौन-सी प्रक्रिया अपनाता है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि इस दर्जे के सहारे भारत, चीन और तुर्की जैसे देश लचीले ग्लोबल ट्रेड नियमों का फायदा उठाते हैं।

Facebook के चीफ एग्जीक्यूटिव मार्क जुकरबर्ग ने भारत में चल रहे WhatsApp पेमेंट के बीटा टेस्टिंग को उम्मीद से ज्यादा अच्छा बताया है। बता दें मैसेजिंग ऐप व्हाट्सऐप इस साल के आखिर में अपने पेमेंट सर्विस को भारत में लॉन्च करने जा रहा है। इस सर्विस के लॉन्च होने के बाद भारतीय यूजर्स व्हाट्सऐप के जरिए किसी को भी पैसा ट्रांसफर कर सकेंगे। फिलहाल इसकी टेस्टिंग पिछले साल से ही चल रही है। रिपोर्ट की माने तो भारत में व्हाट्सऐप के करीब 40 करोड़ से जैसा यूजर्स हैं। ऐसे में मार्केट में पहले से मौजूद पेमेंट सर्विस ऐप्स जैसे गूगल पे, भीम, पेटीएम और फोन पे को कड़ी टक्कर मिल सकती है।

देश की सभी ऑटोमोबाइल कंपनियां इस समय मंदी की मार झेल रही हैं। मंदी की चपेट में आने से देश की सबसे बड़ी ऑटोमोबाइल कंपनी मारुती सुजुकी भी खुद को बचा नहीं पाई है और अब तो आलम ये है कि कंपनी की सेल में 2019-20 की पहले तिमाही में 17.9 परसेंट की गिरावट दर्ज की गई है। आपको बता दें कि हाल ही में कंपनी ने सेल के आंकड़े जारी किए हैं जिसमें ये गिरावट दर्ज की गई है। जानकारी के मुताबिक़ कंपनी अपने प्रॉडक्ट्स की मैन्युफैक्चरिंग कम कर रही है। कंपनी ने 2019-20 की पहली तिमाही के आंकड़े जारी किए हैं।

Published: 28 Jul 2019, 05:40 PM IST

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