रियासत कालीन बावड़ी को संवारने की बजाय बना डाला कचरा पात्र

By: pankaj joshi

Published On:
Jun, 18 2019 08:51 PM IST

 
  • कभी पूरे कस्बे की प्यास बुझाने वाली रियासतकालीन गढ़ की बावड़ी को संवारने के बजाय कचरा पात्र बना डाला।

नैनवां. कभी पूरे कस्बे की प्यास बुझाने वाली रियासतकालीन गढ़ की बावड़ी को संवारने के बजाय कचरा पात्र बना डाला। बावड़ी दो दशक पूर्व तक आधे कस्बे का पनघट हुआ करती थी। 1965 में नैनवां में जलप्रदाय योजना स्वीकृत हुई थी तब तक आधा कस्बा इसी बावड़ी से प्यास बुझाया करता था। बीस वर्ष तक कस्बे की प्यास बुझाने के बाद 1985 से नैनवां को पाईबालापुरा पेयजल योजना से जलापूर्ति होने लगी तो बावड़ी की सुध लेना ही छोड़ दिया। बावड़ी में धीरे-धीरे मलबा भरता जा रहा है, जिसको निकालने वाला कोई नहीं है। कूड़ादान बनाकर मीठा पानी भी प्रदूषित कर डाला।

Published On:
Jun, 18 2019 08:51 PM IST

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