टाइगर ब्रीदिंग और स्नेकपोज आसन बढ़ाते बच्चों की एकाग्रता

By: Yuvraj Singh Jadon

Published On:
Jul, 11 2019 08:00 AM IST

  • बच्चों में शारीरिक और मानसिक संतुलन बनाने व रीढ़ की हड्डी को लचीला बनाए रखने में कुछ योगासन काफी मददगार हैं

बच्चों में शारीरिक और मानसिक संतुलन बनाने व रीढ़ की हड्डी को लचीला बनाए रखने में कुछ योगासन काफी मददगार हैं। जैसे मार्जरी आसन, ताड़ासन और सर्पासन (स्नेक पोज) आत्मविश्वास बढ़ाने के साथ रक्तसंचार व एकाग्रता सही रखकर तनाव दूर करते हैं। इन आसनों को करने के दौरान ध्यान रखें कि बच्चा किसी योग एक्सपर्ट के निर्देशानुसार ही इन्हें करे। जानते हैं इन आसानों को करने का तरीका-

मार्जरी आसन (टाइगर ब्रीदिंग)
इससे कंधों पर दबाव पडऩे से बैकबोन पर असर होता है।
ऐसे करें: घुटनों के बल खड़े हो जाएं। घुटनों के बीच अंतर रखें। थोड़ा आगे झुककर हथेलियों को ठीक कंधों के नीचे जमीन पर रखें। हाथों के बीच समान दूरी रखें। कमर ऊपर उठाते हुए सांस तब तक अंदर खींचे जब तक हवा से पेट भर न जाए। कंधों को ऊंचा न उठाएं। पीठ को बीच से ऊपर उठाएं व सिर नीचे झुकाएं। सांस बाहर छोड़ें। कमर सीधी करें।
ये न करें: कमरदर्द या घुटनों से जुड़ी दिक्कत हो या हाल ही पेट-पीठ से जुड़ी कोई सर्जरी हुई हो तो इसे न करें।

ताड़ासन
ऐसे करें: पैरों के पंजों को मिलाकर सीधे खड़े हो जाएं। कमर एकदम सीधी रखें। हाथों को ऊपर लातेे हुए हथेलियों को आपस में मिलाएं। शरीर ऊपर की ओर खींचें। इस दौरान पहले दाएं पैर के पंजे को बाएं पैर के घुटने पर लगाकर खड़ें रहें। ऐसा बाएं पैर से भी करें। संतुलन धीरे-धीरे बनेगा ऐसे में 5-5 सेकंड के अंतराल में पंजे को घुटने पर लगाएं व हटाएं।

ध्यान रखें: आमतौर पर इस आसन को करने के दौरान किसी प्रकार की सावधानी बरतने की जरूरत नहीं पड़ती लेकिन एक्सपर्ट के बताए अनुसार ही ऐसा करें।

सर्पासन
ऐसे करें : पेट के बल सीधे लेट जाएं। इसके बाद हाथों को कोहनियों से मोड़ते हुए हथेलियों को सीने के बगल में रखें। हथेलियों के सहारे शरीर के पेट से ऊपर के हिस्से को ऊपर उठाएं। गर्दन ऊपर की ओर ले जाकर आसमान की ओर देखें। ध्यान रखें कि दोनों हाथ एकदम सीधे हों। इस दौरान सांस लेने व छोड़ने की प्रक्रिया को जारी रखें और कुछ सेकंड इस अवस्था में रुककर प्रारंभिक अवस्था में आ जाएं। पूरी प्रक्रिया को 3-4 बार दोहराएं।

ये न करें: अल्सर, हाइपरथायरॉडिज्म, हर्निया आदि की दिक्कत में इस योगासन का अभ्यास न करें।

Published On:
Jul, 11 2019 08:00 AM IST

खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।