हाई बीपी की लगातार अनदेखी से हार्ट को होता है नुकसान

By: Shankar Sharma

Updated On: Sep, 11 2018 06:14 AM IST

  • हृदय शरीर का महत्वपूर्ण अंग है। इसका काम शरीर के सभी हिस्सों में खून और ऑक्सीजन पहुंचाना होता है।

हृदय शरीर का महत्वपूर्ण अंग है। इसका काम शरीर के सभी हिस्सों में खून और ऑक्सीजन पहुंचाना होता है। स्वस्थ महिला के दिल का वजन करीब 255 ग्राम जबकि स्वस्थ पुरुष के दिल का वजन 300 ग्राम के करीब होता है। एक मिनट में स्वस्थ व्यक्ति का दिल 72 बार धडक़ता है।

प्र: शराब और सिगरेट दिल को कैसे नुकसान करता है?
शराब और सिगरेट स्वास्थ्य के लिए हर तरह से हानिकारक हैं। सिगरेट व शराब पीने वालों में हृदय रोगों का खतरा नशा न करने वाले लोगों की तुलना में अधिक होता है। सिगरेट और शराब पीने से रक्त का प्रवाह अधिक तेज होता है। ब्लड प्रेशर और हृदय संबंधी दूसरे रोग होते हैं।

प्र: पुरुषों में हृदय रोग होने का प्रमुख कारण क्या है?
पुरुषों में हृदय रोग का प्रमुख कारण हाइ ब्लड प्रेशर है। 30 से 40 की उम्र वाले पुरुषों में 30 से 30 फीसदी को हाइपरटेंशन की तकलीफ होती है, जिनका बीपी सामान्य से अधिक रहता है। इससे शहरी, ग्रामीण क्षेत्रों के करीब छह-सात फीसदी लोग कॉरोनरी आर्टरी डिजीज (सीएडी) रोग से पीडि़त हैं।

प्र: हार्ट में ब्लॉकेज क्या है? क्यों होता है?
हृदय शरीर में रक्त पहुंचाने का काम करता है। लाइफ स्टाइल डिसऑर्डर के साथ जिन्हें मधुमेह, मोटापा और कोलेस्ट्रॉल की वजह से कॉरोनरी आर्टरी डिजीज का खतरा होता है। हृदय की धमनियों में प्लाक जमने से ब्लॉकेज की तकलीफ होती है।

प्र: हाइपरटेंशन व हृदय रोग का क्या संबंध है?
हाइपरटेंशन रोगी को हृदय रोग का खतरा अधिक होता है। कई बार रोगी हाई बीपी की तकलीफ को लंबे समय तक अनदेखा करने से हृदय को नुकसान होता है। खराब जीवनशैली इसका प्रमुख कारण है।

प्र : हार्ट अटैक आने पर सबसे पहला क्या करना चाहिए?
सांस फूल रही है और पसीना आ रहा है। सीने में भारीपन है तो तुरंत आराम की मुद्रा में बैठ जाएं। चलना फिरना खतरनाक हो सकता है। परिजनों की मदद से तुरंत पास के अस्पताल पहुंचें, जहां इसीजी और प्राथमिक उपचार की व्यवस्था हो। एक घंटा देर से पहुंचने पर स्थिति खतरनाक हो सकती है।

प्र: हृदय संबंधी रोगों का इलाज क्या है?
हृदय संबंधी रोगों के बाद एंजियोग्राफी, एंजियोप्लास्टी और बाइपास सर्जरी से इलाज संभव है। हार्ट अटैक के एक घंटे में इलाज से हार्ट डैमेज होने का खतरा बहुत कम हो जाता है। इलाज के सात दिन के भीतर रोगी को रेगुलर एक्सरसाइज की इजाजत दी जाती है।

Published On:
Sep, 11 2018 05:34 AM IST