मुख्यमंत्री भूपेश बघेल अब नए सिरे से करेंगे इस शहर का विकास, नए अधिकारी-कर्मचारी बनाएंगे विकास की रुप रेखा

By: Murari Soni

Updated On:
12 Jun 2019, 06:58:04 PM IST

  • बीडीए गठन के लिए शासन को भेजा प्रस्ताव, कई गांवों को मिलाया जाएगा, प्लानिंग के साथ होगा विकास कार्य,smart city bilaspur,bilaspur news in hindi,smart city planing,new smart city,smart city news,bda news,Chhattisgarh CM Bhupesh Baghel,CM Bhupesh Baghel,chhattisgarh new cm bhupesh baghel,chhattisgarh news,विकास प्राधिकरण के कार्य,विकास प्राधिकरण के नियम,congress news,Congress,Chief Minister Bhupesh Baghel's dream,मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का सपना,

बिलासपुर. बिलासपुर विकास प्राधिकरण (बीडीए) के गठन के लिए जिला प्रशासन के माध्यम से टाउन एण्ड कंट्र्री प्लानिंग विभाग राज्य शासन को प्रस्ताव भेज चुका है। गुप्त रूप से चार महीने पहले भेजे गए प्रस्ताव पर शासन ने 3 जून 2019 को पत्र भेजकर अरपा विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण का विघटन पर प्रस्ताव मांगा था। आनन फानन में जिला व नगर निगम प्रशासन ने 10 जून 2019 को प्रस्ताव पास कर शासन को भेजा दिया है।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पदभार ग्रहण करने के बाद 31 दिसम्बर 2018 को बिलासपुर पहुंचे। कांग्रेस भवन के बाहर आमसभा को संबोधित करते हुए उन्होने कहा था जरुरत पड़ी तो रायपुर की तर्ज पर बिलासपुर विकास प्राधिकरण को नये रूप में अस्तित्व में लाया जाएगा। मुख्यमंत्री के घोषणा के बाद बिलासपुर विकास प्राधिकरण को नए रूप में गठन के लिए 8 मार्च 2019 को प्रस्ताव बनाकर जिला प्रशासन को भेजा गया। इसे टाउन एण्ड कंट्री प्लानिंग विभाग द्वारा राज्य शासन को भेज दिया गया है।

प्रस्ताव भेजने के चार महीने बाद 3 जून को राज्य शासन से पत्र आया। अरपा विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण का विघटन का। पत्र मिलने के बाद जिला प्रशासन ने 10 जून को शाम 6 बजे संभागीय कमिश्नर कार्यालय में एक बैठक रखी जिसमें अरपा विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण का विघटन का प्रस्ताव पास किया गया। जिसे राज्य शासन को भेज दिया गया है। जिस पर केबिनेट में अंतिम मुहर लगाई जाएगी।

15 साल पुरानी मांग अब होगी पूरी
नगर निगम की सीमा वृद्धि की मांग 2005 से की जा रही है। लेकिन मामला फाइलों से आगे नहीं बढ़ सका। 2010 में फिर एक बार जोर पकड़ा जिसे नगर निगम की सामान्य सभा से पास किया गया। कलेक्टर के माध्यम से प्रस्ताव को नगरीय प्रशासन विभाग भेजा गया लेकिन मामले को वहां पेंडिंग में डाल दिया गया। जब जब शहर की सीमा बढ़ाने की मांग उठती थी तब फाइल को थोड़ा आगे-पीछे किया जाता था लेकिन इस मामले पर आज तक कोई फैसला नहीं हो पाया है।
इन गावों को किया जाएगा शामिल
तिफरा, सिरगिट्टी, सकरी, मंगला, उसलापुर, अमेरी, घुरु, तुर्काडीह, लोखण्डी, परसदा, बन्नाकडीह, फदहाखार, कोरमी, महमंद, धुमा, मानिकपुर, ढेका, दो मुहानी, देवरीखुर्द, मोपका, चिल्हाटी, लिंगियाडीह, बिजौर, परसाही, बहतराई, खमतराई, कोनी, सेंदरी, बिरकोना आदि।

Chief Minister Bhupesh Baghel will now renew the development of city

ये बनेगा आधार
नगर निगम वर्तमान में महानगर का रूप ले रहा है। यहां दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे का मुख्यालय, अपोलो अस्पताल, भूकंप वेद शाला, एसईसीएल मुख्यालय, छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान है। हाईटेक बस स्टैण्ड, ट्रांसपोर्ट नगर, गोकुल नगर, सीवरेज का ट्रीटमेंट प्लांट, पानी का ट्रीटमेंट प्लांट हवाई अड्डा, आरटीओ कार्यालय सहित अन्य बड़े विभाग शहर से बाहर है।

नए सिरे से भर्ती करना पड़ेगा स्टाफ: पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी ने छत्तीसगढ़ राज्य बनने के बाद 2002 में बीडीए को नगर निगम में विलय कर दिया। बीडीए के सभी इंजीनियर सहित अन्य कर्मचारियों नगर निगम का स्टाफ बनाया दिया गया है उनको नगर निगम के हिसाब से वेतन पेंशन सहित अनेक प्रकार की सुविधाएं मिल रही है। बीडीए का गठन हुआ तो अब नए सिरे स्टाफ की भर्ती करनी पड़ेगी।

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बीडीए का गठन 1983 में हुआ
बिलासपुर विकास प्राधिकरण का गठन 1983 में हुआ इसके गठन के बाद शहर व आसपास क्षेत्र में कालोनियां बनाई गई। मुख्यमंत्री के घोषणा के बाद मास्टर प्लान इम्प्लीमेंट करने के बाद टाउन एण्ड कंट्री प्लानिंग विभाग को पूरी जानकारी बनाकर भेज दी गई थी। बीडीए बनने से शहर में प्लान के हिसाब से काम होगा। यहां अध्यक्ष मनोनयन कर बैठाया जाता है। अगर बीडीए को नए सिरे से विस्थापित किया जाता है तो शहर में फिर एक बार विस्तार से योजनाओं पर काम हो सकता है।
ननि सीमा बढ़ेगी इधर बीडीए का गठन होगा
29 गांव को ननि में शामिल करने से शहर का दायरा के साथ साथ जनसंख्या भी बढ़ जाएगी। वर्तमान में शहर की सीमा 30.24 वर्ग किलो मीटर है। 29 गांवों को मिलाने से 129 वर्ग किलो मीटर हो जाएगा। 2011 के जनसंख्या के आंकड़े के हिसाब से शहर जनसंख्या 3 लाख 71 हजार है। अगर शहरी ग्रामीणों को छोड़ दिया जाएगा तो 329 में सिमट जाता है। सीमा बढ़ाने से नगर निगम की जनसंख्या 5 लाख से ऊपर हो जाएगा।

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