रैपिड एक्शन फोर्स : आपदा व साम्प्रदायिक तनाव में नियंत्रण में होगी आसानी

By: dinesh swami

Published On:
Sep, 12 2018 01:39 PM IST

  • भविष्य में किसी प्रकार की प्राकृतिक आपदा या साम्प्रदायिक तनाव, दंगे की स्थिति पैदा होने पर अधिक कारगर ढंग से नियंत्रण किया जा सके।

बज्जू. भविष्य में किसी प्रकार की प्राकृतिक आपदा या साम्प्रदायिक तनाव, दंगे की स्थिति पैदा होने पर अधिक कारगर ढंग से नियंत्रण किया जा सके। इसको लेकर मंगलवार को केन्द्रीय गृहमंत्रालय के आदेश पर रेपिड एक्सन फोर्स की डी-८३ बटालियन की एक प्लाटून उप कमान्डर धन्नाराम यादव के नेतृत्व में बज्जू पहुंची। यादव ने बताया कि ९ से १५ सितम्बर तक बीकानेर जिले के समस्त पुलिस थाना क्षेत्रों में पहुंचकर जानकारी जुटाई जा रही है, जिसके चलते मंगलवार को बज्जू पुलिस थाने में पहुंचकर जानकारी जुटाई।

 

यहां बज्जू सीआई विक्रमसिंह चौहान ने क्षेत्र के साथ-साथ अन्तराष्ट्रीय सीमा क्षेत्र की जानकारी दी। उप कमाण्डर धन्नाराम यादव ने बताया कि इस दौरान विभिन्न दलों, समाजसेवी, संगठनों की भी जानकारी प्राप्त की गई वही मानचित्र का उद्देश्य, अप्रिय स्थिति उत्पन्न होने पर नियंत्रण के लिए नियुक्त स्थल पर तत्काल पहुंचने में सुविधा हो। इसके लिए गांवों के बारे मेें जानकारी जुटाई गई। बज्जू पहुंचने पर फोर्स का ग्रामीण जीवणराम कड़वासरा, सहीराम कड़वासरा, सुरेश गोदारा, सहीराम गोदारा आदि ने स्वागत किया। फोर्स ने बज्जू, कोलायत व गजनेर थाना क्षेत्र की जानकारी भी जुुटाई।

 

किया थाने का भ्रमण
श्रीकोलायत. केन्द्रीय गृह मंत्रालय के आदेश पर रेपिड एक्शन फोर्स की डी-८३ बटालियन की एक प्लाटुन ने डिप्टी कमांडेड धन्नाराम यादव के नेतृत्व में पुलिस थानों में जाकर परिचय अभ्यास किया। इसी अभ्यास के अन्तर्गत रैडिफ एक्शन फोर्स ने पुलिस थाना श्रीकोलायत में परिचय अभ्यास किया। पुलिस थाना श्रीकोलायत में डिप्टी कमांडेड धन्नाराम यादव व थानाप्रभारी जगदीश् ासिंह शेखावत के नेतृत्व में मंगलवार को फोर्स ने थाने का भ्रमण किया।

 

 

 

पत्थरगढ़ी से खेतों में फसलें चौपट
लूणकरनसर. भारतमाला सड़क परियोजना के तहत तहसील क्षेत्र के गांव, चक-आबादियों की रोही में की जा रही पत्थर गढ़ी से हजारों किसानों की कृषिभूमि में खड़ी सावणी की फसलें चौपट हो रही है। इस मुद्दे को लेकर मंगलवार को लूणकरनसर प्रधान गोविन्दराम गोदारा ने एसडीएम कैलाशचंद मीणा से वार्ता कर प्रभावित किसानों की फसलों के नुकसान का सर्वे कराकर मुआवजे की मांग की है।

 

प्रधान गोदारा ने बताया कि क्षेत्र के दर्जनों गांव, चक-आबादियों की रोही से भारतमाला सड़क परियोजना के तहत इनदिनों पत्थरगढ़ी का काम चल रहा है। करीब २३० फीट चौड़ाई में पत्थरगढ़ी हो रही है। इससे सिंचित, बारानी खेतों में मंूगफली, ग्वार, मोठ, मूंग, बाजरा, तिल, नरमा समेत अन्य फसलों को नुकसान पहुंचा रहे है। प्रतिनिधि मण्डल ने फसलों के नुकसान का सर्वे कराकर मुआवजे की मांग उठाई है।

 

इसके अलावा सड़क परियोजना के तहत सिंचित कृषि भूमि को अवाप्त करने से किसानों को भारी नुकसान हो रहा है। इसके लिए दुबारा सर्वे कराकर असिंचित भूमि अधिग्रहण की जाए। इसके अलावा सड़क परियोजना के तहत प्रभावित होने वाले किसानों को बाजार भाव के मुताबिक मुआवजा दिलवाने का मुद्दा उठाया।

Published On:
Sep, 12 2018 01:39 PM IST

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