बीकानेर के नगरासर गांव के खेतों में घुसी टिड्डियों का हमला

By: Jitendra Goswami

Published On:
Jul, 11 2019 10:22 AM IST

  • bikaner news : तहसील के नगरासर गांव में बुधवार देर शाम को टिड्डियों ने कई खेतों में फसल को नुकसान पहुंचाया।

बीकानेर. बज्जू. तहसील के नगरासर गांव में बुधवार देर शाम को टिड्डियों ने कई खेतों में फसल को नुकसान पहुंचाया। बुधवार शाम करीब छह बजे नगरासर व आस-पास के गांवों के कई खेतों में टिड्डियों ने हमला किया। ग्रामीण महिराम डारा ने बताया कि सुनील डारा, गोपीराम डारा, ईमरताराम, सुरताराम आदि कई के खेतों में टिड्डी पहुंची हैं। सूचना मिलने पर मौके के लिए नियंत्रण दल रवाना कर दिया। बज्जू तहसीलदार हरीसिंह शेखावत ने बताया कि सूचना के बाद गोडू में ठहरे टिड्डी नियंत्रण दल को नगरासर के लिए रवाना कर दिया है।

 

जोधपुर की ओर बढ़ा
बीकानेर जिले में मंगलवार को गज्जेवाला व बुधवार को फतुवाला पहुंची टिड्डी को नियंत्रण दल ने नष्ट किया तो बुधवार दोपहर को सेवड़ा में टिड्डी रहने के बाद शाम को नगरासर की ओर बढ़ गई। जहां लोगों ने बर्तन बजाकर टिड्डी को उड़ाया जो जोधपुर जिले के बाप तहसील क्षेत्र के गांवों की ओर चली गई हैं। बुधवार को तहसीलदार के साथ टिड्डी नियंत्रण दल प्रभारी राजकुमार, पटवारी अड़ीसाल गुर्जर, पटवारी सवाईसिंह आदि मौके पर रहे।

 

गज्जेवाला में नियंत्रण
गौरतलब है कि मंगलवार को सीमा क्षेत्र से आया टिड्डी दल ने गज्जेवाला गांव के खेतों में कुछ नुकसान पहुंचाया। इसके बाद ग्रामीणों ने खेतों से टिड्डियों को उड़ा दिया और टिड्डी फतुवाला चली गई। इस पर नियंत्रण दल ने टिड्डी पूर्ण रूप से नष्ट कर दिया। उधर, बज्जू तहसीलदार शेखावत ने बताया कि गज्जेवाला और फतुवाला में टिड्डी पर नियंत्रण कर लिया। इनका प्रकोप रोकने के लिए नियंत्रण दल गोडू में है। ताकि फिर से कोई सूचना मिले तो नियंत्रण दल समय पर पहुंच सके।

 

अफ्रीका है टिड्डियों का घर
इन टिड्डियों का मूल रूप से पनपने का मूल स्थान उत्तरी अफ्रीका है। वहां पर ये टिड्डियां अनुकूल वातावरण के कारण पनपती रहती हैं। हर वर्ष जून-जुलाई तक ये हवा के साथ भारत की ओर रुख करती हैं। पहले अरब देशों को पार करती हुई पाकिस्तान आती हैं। फिर सिंध से गुजरात एवं राजस्थान तक पहुंच जाती हैं। लाखों की तादाद में होने के कारण फोगिंग, रासायनिक छिड़काव कर इन्हें मारा व भगाया जाता है। ये टिड्डियां जहां भी बैठती हैं वहां की वनस्पति चट कर जाती हैं। जिस पेड़ में बैठती वह इनके भार से टूट जाता है।

Published On:
Jul, 11 2019 10:22 AM IST

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