वर्ल्ड यूनिवर्सिटी गेम्स: भारत को पहली बार गोल्ड दिलाने वाली दुतीचंद के बारे में कितना जानते हैं आप

By: Prateek Saini

Published On:
Jul, 10 2019 07:52 PM IST

  • World University Games 2019: ओडिशा ( Odisha ) के जाजपुर ( Jajpur ) जिले से आने वाली दुतीचंद वर्ल्ड यूनिवर्सिटी गेम्स ( World University Games ) में गोल्ड मैडल जितने वाली पहली भारतीय महिला बन गई है। खेल क्षेत्र के साथ साथ निजी जीवन में भी उन्हें ( Dutee Chand Life Story ) कई कठिनाईयों का सामना करना पड़ा है।

(भुवनेश्वर, महेश शर्मा): धाविका दुतीचंद ( Dutee Chand ) ने एक बार विश्व के खेल पटल पर भारत और ओडिशा का नाम रोशन किया। फर्राटा दौड़ में दुतीचंद ने नेपल्स (इटली) में 30वें विश्व समर यूनिवर्सिटी गेम्स ( world university games 2019 ) की महिला वर्ग की 100 मीटर दौड़ में गोल्ड मेडल हासिल किया। यह दूरी उन्होंने 11.32 सेकेंड में 100 मीटर की दूरी तय कर ली। प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने दुतीचंद को बधाई दी। कीट से संस्थापक सांसद डा.अच्युत सामंत ने इसे महान उपलब्धि बताया।

 

कीट की छात्रा है

Dutee Chand

दुतीचंद कीट यूनिवर्सिटी ( KIIT University Odisha ) की छात्रा हैं। उनके खेल को तराशने में कीट एवं किस के संस्थापक सांसद डा.अच्युत सामंत की महती भूमिका रही है। वर्ल्ड यूनिवर्सिटी गेम्स में गोल्ड मेडल प्राप्त करने वाली दुतीचंद पहली खिलाडी हैं। कीट भुवनेश्रर में आज किसी पर्व जैसा माहौल है। उनकी इस उपलब्धि को छात्र-छात्राएं सेलीब्रेट कर रहे हैं।

 

राष्ट्रपति व पीएम ने दी बधाई

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ( ramnath kovind ) , प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ( pm modi ) और ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ( Naveen Patnaik ) ने दुतीचंद को बधाई देते हुए कहा है कि यह गोल्ड मेडल विश्व के खेल क्षेत्र में भारत की बड़ी उपलब्धि के रूप में गिना जाएगा। इस एथलेटिक मीट में पहला गोल्ड मेडल दुतीचंद ने हासिल किया।

 

 

फैशन मैगजीन के कवर पेज पर दुतीचंद

विश्व विख्यात फैशन एवं एंटरटेनमेंट मैग्जीन की कवरस्टोरी और कवरपेज पर दुतीचंद की ट्रैक पर दौड़ते हुए फोटो भी छपी है। दुती ने इंटरनेशनल मैग्जीन को अपने संघर्ष भरे जीवन और कामयाबी ( Dutee Chand Success Story ) के रोचक क्षण शेयर किए हैं। उसने माना कि वह समलैंगिक एथलीट है। हाइपरएंड्रोजेनिज्म नियमों के कारण उससे एथलैटिक मीट से बाहर भी रहना पड़ा है।

 

 

दुती का जीवन रहा संघर्ष भरा

गांव के धूल धक्कड़ वाले रास्तों से निकल कर सिंथेटिक रेस ट्रैक तक पहुंचने के लिए दुती को काफी संघर्ष ( Dutee Chand Struggling Life Story ) करना पड़ा। गरीबी के कारण उसे अच्छे प्रशिक्षण का भी अवसर नहीं मिला। राजनीति की शिकार तक होना पड़ा। पर उसने हार नहीं मानी। फर्राटा दौड़ में पीटी उषा ( PT Usha ) के बाद वह भारत का प्रतिनिधित्व कर रही है।

 

दुती का गांव कनेक्शन

दुती का जन्‍म 3 फरवरी 1996 को ओडिशा के जाजपुर जिले के चाका गोपालपुर गांव में हुआ था। उनके पिता एक गरीब बुनकर थे, जिनकी आय 500 से हजार रुपये तक हुआ करती थी। दुती के परिवार में 9 सदस्‍य हैं। जिसमें एक भाई और 6 बहने हैं। दुती ने बताया, खेल की वजह से बहुत कुछ मेरे जीवन में बदलाव आया। काफी गरीबी से हमारा परिवार जूझ रहा था। गरीबी के कारण मेरी बहनों की पढ़ाई नहीं हो पा रही थी।

 

समलैंगिक घोषित करने का साहस

Dutee Chand

दुती चंद ऐसी पहली भारतीय स्पोर्ट्स स्टार हैं, जिन्होंने स्वीकार किया है कि वो समलैंगिक रिलेशन में हैं। हालांकि अपने पार्टनर के बारे में नहीं बताया क्योंकि वो आकर्षण का केंद्र नहीं बनना चाहती हैं। दुती का कहना है कि हर किसी को यह आजादी होनी चाहिए कि वह किसके साथ जीना चाहता है। वह समलैंगिक संबंधों में रहने वालों का समर्थन करती हैं। वह यह भी कहना चाहती हैं कि उनका ध्यान विश्व चैंपियनशिप और ओलंपिक खेलों पर है लेकिन भविष्य में मैं उनके (समलैंगिक मित्र) साथ घर बसाना चाहूंगी। दुती चंद ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फैसले में भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 377 को गैरआपराधिक ठहराए जाने के बाद वे अपने समलैंगिक संबंध और एलजीबीटीक्यू समुदाय के बारे में बोलने का साहस जुटा पाईं।

 

दुती ने तोड़ा अपना रिकार्ड

कजाकिस्तान ( Kazakhstan ) के अलमाटी में 26वें जे कोसनोव मेमोरियल मीट में उन्होंने ओलंपिक में जगह बनाने के साथ खुद के राष्ट्रीय रिकॉर्ड में भी सुधार किया। रियो ओलंपिक के लिए क्वालीफाईंग मार्क 11.32 सेकेंड था। दुती ने 11.33 सेकेंड का खुद का राष्ट्रीय रिकॉर्ड भी तोड़ा, जो उन्होंने फेडरेशन कप राष्ट्रीय चैंपियनशिप में बनाया था। 23वीं एशियाई एथलेटिक्स चैम्पियनशिप में दुती चंद ने ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया था। रियो ओलंपिक 2016 में 100 मीटर फर्राटा दौड़ में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं।

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Jul, 10 2019 07:52 PM IST

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