Encephalitis (Chamki Fever):ओडिशा में 'चमकी अलर्ट',लीची कनेक्शन से घबराए मंत्री ने दिए लीची सैंपल की जांच के आदेश

By: Prateek Saini

Published On:
Jun, 19 2019 10:28 PM IST

  • Encephalitis (Chamki Fever): बिहार में इसी चमकी बुखार ( Chamki Fever ) के कारण बड़ी संख्या बच्चों की मौत हो गई हैं...

     

(भुवनेश्वर): बिहार में एक्यूट इंसेफलाइटिस ( Encephalitis ) या यूं कहे कि चमकी बुखार ( chamki fever ) से हुई 135 बच्चों की मौत की वजह बिहार सरकार द्वारा लीची बताए जाने से ओडिशा में भय का माहौल है। लोग अपने बच्चों को लीची या उसका जूस बिलकुल नहीं दे रहे हैं।


ओडिशा सरकार के स्वास्थ मंत्री नवदास ने जारी आदेश में कहा है कि दूसरे राज्यों से सप्लाई होने वाली लीची के सैंपल भरके जांच की जाए। यदि लीची से यह संक्रमण हुआ है तो ओडिशा को अधिक अलर्ट ( High Alert In Odisha ) रहने की जरूरत है।

 

बताया जाता है कि बिहार में खाली पेट लीची के कारण एक्यूट इंसेफलाइटिस ( Acute encephalitis ) का संक्रमण हुआ है। हालांकि डाक्टर अब इससे इंकार कर रहे हैं। पर हकीकत डाक्टर और सरकार के बीच झूल रही है। कहा गया कि जो बच्चे खाली पेट लीची खाते हैं या उसका जूस खाली पेट लेते हैं, वो इस सिंड्रोम की चपेट में आ रहे हैं। हालांकि इसकी वास्तविकता पर सवाल उठाए जा रहे हैं पर आसपास के राज्यों में भय का वातावरण है।

 

 

यह है चमकी बुखार के प्रमुख लक्षण ( chamki fever symptoms )

यदि बच्चों में निम्न लक्षण पाए जाए तो आप समझ ले उसे एक्यूट इंसेफलाइटिस सिंड्रोम या चमकी बुखार है:—

:—शरीर का मुख्य नरवस सिस्टम को प्रभावित करता है। बच्चों पर इसका सीधा प्रभावी असर होता है जो मौत का कारण बन जाता है।
:—शुरू में तेज बुखार आता है।

:—मस्तिष्क संबंधी समस्या उत्पन्न हो जाती है।
:—दौरे पड़ने लगते हैं।
:—शूगर लेवल लो हो जाता है
:—हाथ पैर का फूलने लगते है
:—शरीर अकड़ने लगता है।
:—इस बीमारी के असर से बच्चों को ऑक्सीजन कम मात्रा में मिलने लगता है ऐसे में उन्हें सांस लेने में दिक्कत होती है।
:—रक्त का प्रवाह भी बाधित होता है।

:—जून से अक्तूबर के बीच होने वाली इस बीमारी में मरीज कोमा तक में चला जाता है।

:—समय पर इलाज न मिलने से मौत हो जाती है।

 

ओडिशा के स्वास्थ मंत्री नवदास के बयान पर मुस्कराते हुए मेडिकल कालेज के डाक्टर नाम न छापने की शर्त पर कहते हैं कि यह बीमारी बैक्टेरिया या दूसरे अन्य लक्षणों से भी हो सकती है। पर एहतियात बरतने में क्या जाता है। मंत्री का फैसला सही ही है।

 

इस वजह से होता है चमकी बुखार ( Cause Of Chamki Fever )

बताते हैं कि दि लैसेंट नामक एक मेडिकल पत्रिका में छपी रिसर्च के अनुसार लीची मे प्राकृतिक रूप से पाए जाने वाले पदार्थ जिन्हें हाइपोग्लाइसिन ए और मिथाइलेनेसाइक्लोप्रोपाइलग्लाइसिन (एमपीसीजी) कहा जाता है, शरीर में फैटी एसिड मेटाबॉलिज्म बनने में रुकावट डालते हैं। इसके कारण ब्लड सुगर का लेवल लो हो जाता है। मस्तिष्क संबंधी समस्या उत्पन्न हो जाती है। दौरे पड़ने लगते हैं। रात का खाना न खाने से वैसे ही ब्लड सुगर लो हो जाती है ऊपर से खाली पेट लीची खा ली जाए तो एक्यूट इंसेफलाइटिस सिंड्रोम का खतरा कई गुना बड़ जाता है। यही लो ब्लड सुगर का लीची कनेक्शन कहा जा रहा है। खाली पेट लीची न खाने की सलाह वाजिब है। फिर सैंपल भरके जांच क्यों की जा रही है, यह मंत्री ही बता सकते हैं।

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Published On:
Jun, 19 2019 10:28 PM IST

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