ओडिशा बंद सफल, जनजीवन ठप, नहीं चली रेलें-बसें, सड़कों पर सन्नाटा

Prateek Saini

Publish: Sep, 10 2018 05:37:15 PM (IST)

बंद का असर राज्य में साफ दिखा

(भुवनेश्वर): पेट्रोलियम पदार्थों के दामों में भारी वृद्धि के विरोध में कांग्रेस के भारत बंद का ओडिशा में व्यापक असर रहा। जनजीवन अस्तव्यस्त रहा। रेल, बस, व अन्य पब्लिक ट्रांसपोर्ट पूरी तरह से ठप रहा। सरकारी और गैर सरकारी दफ्तरों पर भी असर दिखा। स्कूल कालेज बंद रहे। राजधानी भुवनेश्वर समेत राज्य के सभी जिलों में सात बजे सुबह से ही जनजीवन ठप हो गया। यहां तक कि कस्बों की दुकानों मे ताला दिखाई दिया। सभी प्रमुख छोटे-बड़े बाजर रहे। रेल रोको, सड़क जाम और सड़कों पर टायर जलाकर विरोध दर्ज करने का दृश्य आम रहा। कांग्रेसियों के सैलाब के कारण पुलिस मूक दर्शक बनी रही। ईस्ट-कोस्ट रेलवे ने दस ट्रेनें निरस्त कर दी। इसका असर राज्य में साफ दिखा। सड़क परिवहन भी ठप्प रहा। ओडिशा विधानसभा का मॉनसून सत्र भी बंद की भेंट चढ़ गया। विधानसभा अध्यक्ष और बीजेडी तथा बीजेपी के चंद विधायक की विधानसभा पहुंचे।

 

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष निरंजन पटनायक ने खुद राष्ट्रव्यापी बंद में ओडिशा बंद की कमान संभाली। भुवनेश्वर और संबलपुर से ट्रेनों का संचालन भी ठप कर दिया। ओडिशा के भुवनेश्वर, पुरी, कटक, जगतसिंहपुर, केंद्रपाड़ा, केंदुझर, कोरापुट, संबलपुर, ब्रह्मपुर, राउरकेला आदि प्रमुख शहरों में बंद पूरी तरह सफल रहा। बाजार बंद रहने के साथ ही यातायात भी ठप रहा। रेलें रोकी गई। ईस्ट-कोस्ट रेलवे ने कई ट्रेनें निरस्त कर दी। सड़कें चौराहे सूने दिखे। यात्रियों को असुविधा उठानी पड़ी। बसों का चक्काजाम रहने के कारण बादामबाड़ी, बारामुंडा, पुरी जैसे बस अड्डों भारी संख्या में
यात्रियों की भीड़ दिखी। रेलवे स्टेशनों का भी यही हाल रहा। कटक जिले के काकटपुर तहसील में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने तोड़फोड़ की। अज्ञात लोगों के खिलाफ पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की।

 


कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बलंगीर, भुवनेश्वर, भद्रक, संबलपुर, कटक, जलेश्वर रेलवे स्टेशन पर रेलें रोकी। इससे यात्रियों को भारी परेशानी हुई। भुवनेश्वर के व्यस्ततम मार्ग खंडगिरि चौक, वाणीविहार चौक, सत्संग विहार चौक नेशनल हाईवे पर भारी जाम रहा। सभी वाहन जहां के तहां रोक दिए गए। वरिष्ठ कांग्रेस नेता मास्टर कैंटीन के पास एकत्र हुए ये लोग गाड़ियों से बंद की सफलता का निरीक्षण करते रहे। प्रदेश अध्यक्ष पटनायक के नेतृत्व में विधानसभा गेट पर रास्ता रोका गया। बहुत कम संख्या में विधायक सदन जा सके। सचिवालय के सामने प्रदर्शन नारेबाजी की गई। बीजू पटनायक टेक्निकल यूनिवर्सिटी के कुलपति ने बंद के कारण आज की परीक्षाएं स्थगित कर दी। बंद के दायरे से आकस्मिक सेवाओं को बाहर रखा गया।

 

 

बंद के दौरान किसी भी तरह की हिंसा का नजारा नहीं दिखा। ओडिशा बंद में जनता दल (एस), समाजवादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी, राजद, टीएमसी, एनसीपी आदि दलों का समर्थन रहा। बीजू जनता दल के प्रवक्ता अमर प्रसाद सत्पथी ने कहा कि उनका दल पेट्रोलियम के दाम बढ़ोत्तरी के खिलाफ है लेकिन बंद के समर्थन में नहीं है। दल अपने हिसाब से विरोध दर्ज करा रहा है। जनता को तकलीफ देने के पक्ष में बीजद नहीं है। भाजपा उपाध्यक्ष समीर महंति का कहना है कि यह अंतरराष्ट्रीय मुद्दा है। देश के भीतर हल नहीं हो सकता। इसलिए बंद का कोई औचित्य नहीं है। बीजद सरकार ओडिशा में वैट घटा दे तो पेट्रोल डीजल सस्ता हो जाएगा। खबर लिखने तक बंद जारी रहा।

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Web Title "Effect of bharat bandh on10 september in odisha"