ओडिशा:खतरे के निशान से ऊपर बह रही बैतरणी, 18 ग्राम पंचायतों पर खतरा,बने बाढ के हालात

By: Prateek Saini

Published On:
Sep, 09 2018 04:57 PM IST

  • भद्रक और जाजपुर जिला की 53 हज़ार एकड़ खेती की ज़मीन तालाब की शक्ल में तब्दील हो गयी है...

(भद्रक): ओडिशा में हो रही बारिश परेशानी का सबब बनती जा रही है। यूं तो इस आसमानी कहर से राज्य का हर एक जिला पूरी तरह से प्रभावित हुआ है पर भद्रक और जाजपुर जिले में सबसे ज्यादा भयावह हालात है। वहीं बैतरणी नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं जिसने प्रशासन और सरकार की चिंता बढा दी है। बारिश से प्रभावित दोनों जिलों में राहत कार्य के लिए दल भेज दिए गए है और जिलाअधिकारियों को अलर्ट रहने के आदेश दिए गए है।


जलमग्न हुए खेत,सैंकडों घरों में घुसा पानी

राज्य में लगातार बारिश से जनजीवन पूरी तरह से प्रभावित हो गया है और अभी भी बरसते पानी से निजाद मिलने की कोई आशा नजर नहीं आ रही है। इधर बैतरणी नदी उफान पर है तो चिंता और बढ गई है। भद्रक और जाजपुर जिला की 53 हज़ार एकड़ खेती की ज़मीन तालाब की शक्ल में तब्दील हो गयी है। सैकड़ों गावों पानी घुस चूका है। जाजपुर और भद्रक के ज़िलाधिकारियों से अलर्ट के साथ ही राहत एवं बचाव कार्यों में जुट काने का आदेश दिया गया है।


18 ग्राम पंचायतें बाढग्रस्त घोषित

बचाव व सुरक्षा दलों की टुकड़ियां दोनों ज़िलों को रवाना कर दी गयी हैं। एक सरकारी रपट के अनुसार 18 ग्राम पंचायतें बाढ़ग्रस्त घोषित कर दी गयी हैं। अब तक बचाव दलों ने 3040 ग्रामीणों को बाढ़ग्रस्त इलाके से निकालकर राहत कैंपों में पहुंचाया है। इन इलाकों में राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है। रहत आयुक्त विष्णुपद सेठी ने बताया कि स्थिति नियंत्रण में है। राहत व बचाव अभियान जारी है।


बारिश और वज्रपात से हो चुकी है कई मौतें

बता दें कि राज्य में बीते दिनों से लगातार बारिश हो रही है। मौसम विभाग की ओर से राज्य के विभिन्न हिस्सों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। बीते दिनों से हो रही बारिश और वज्रपात की घटनाओं में कई लोगों की जान जाने की बहुत सी घटनाएं भी सामने आ चुकी है।

Published On:
Sep, 09 2018 04:57 PM IST