RBI का बड़ा ऐलान, दूसरे के खाते में रुपये जमा करने से पहले जान लें ये नियम, वरना हो जाएंगे परेशान

By: Faiz Mubarak

Updated On:
22 Jul 2019, 04:27:03 PM IST

  • आरबीआई के निर्देशों के बाद बैंकों ने शुरू की जांच, फिलहाल जानकारी न होने के कारण नहीं बरत रहे सख्ती, अपग्रेड होंगी बैंकों की कैश डिपॉजिट मशीनें, दूसरे के खाते में मंजूरी के बाद ही जमा कर सकेंगे रुपए।


भोपालः किसी भी बैंक खाते से राशि की निकालने के लिए तो कई तरह की शर्तें और बंदिशें नियम के तहत लागू की गई हैं, लेकिन अब किसी दूसरे के खाते में रुपए जमा करना भी आसान नहीं होगा। इसके लिए अब तक कोई ठोस नियम नहीं थे। अब तक कोई भी व्यक्ति किसी के खाते में अपनी मर्जी से रकम जमा कर सकता था, लेकिन अब उस प्रक्रिया से रकम जमा करना संभव नहीं होगा। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ( reserve bank of india ) के नए नियमों के तहत अब कोई भी व्यक्ति किसी दूसरे के बैंक खाते में बिना उसकी मंजूरी के बिना रुपए जमा ( money deposit ) नहीं कर सकेगा। आरबीआई के निर्देशों के बाद दूसरों के खातों में रकम जमा करने के लिए बैंकों ने अब लोगों से आधार और पैन नंबर मांगना शुरू कर दिया है और बैंकों में चेक ( cheque ) की तरह जमा पर्ची पर किए गए हस्ताक्षर की भी जांच करना शुरू कर दी गई है। जिन खाताधारकों के हस्ताक्षर का मिलान खाते में दर्ज हस्ताक्षर से नहीं होंगे, उनके लिए बैंक खाते में राशि जमा करना संभव नहीं हो रहा।


ये होगा फायदा

बैंक अधिकारियों के मुताबिक, अब तक चली आ रही व्यवस्था में किसी के खाते में किसी अन्य व्यक्ति द्वारा राशि जमा की जाने में कोई समस्या नहीं थी, लेकिन अब खाता धारक को भी अपने खाते में राशि जमा कराने की अनुमति देनी पड़ रही है। आरबीआई द्वारा जारी नियम का उद्देश्य उस ब्लैक मनी को रोकना है, जो छोटे छोटे टुकड़ों में बंटकर लोगों के खातों के ज़रिये बंटकर व्हाइट हो जाती थी। कई बार ऐसे मामले भी सामने आए हैं कि, खाताधारक को भी रकम जमा होने की जानकारी नहीं होती थी। इसलिए आरबीआई ने यह नया नियम लागू किया है।

 

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जमा पर्ची भी नए तरीके से होगी तैयार

आरबीआई के निर्देश के बाद प्रदेश के सभी सरकारी और गैर सरकारी बैंकों में यह नियम लागू किया जा चुका है, लेकिन अब तक लोगों को इसके बारे में स्पष्ट जानकारी नहीं है, जिसके कारण व्यापारी वर्ग के साथ आम व्यक्ति को प्राथमिक तौर पर परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि, सभी बैंकों में नई विकल्पिक जानकारी दी जा रही है, लेकिन व्यापारी वर्ग के पास समय का अभाव होने के कारण नए नियम को समझने में समस्या हो रही है। बैंकों द्वारा लोगों को नए नियम की जानकारी देते हुए बताया जा रहा है कि, वो जिस खाते में रकम जमा कराना चाहते हैं तो जमा पर्ची में संबंधित उपभोक्ता के भी हस्ताक्षर करा कर लें आएं, ताकि खाता धारक का हस्ताक्षर मिलान करके खाते में संबंधित राशि डिपॉज़िट कर दी जाए। हालांकि, इसकी एक वेकल्पिक व्यवस्था भी है। अगर कोई व्यक्ति हस्ताक्षर लाने में असमर्थ है तो वो संबंधित खाताधारक का पैन या आधार नंबर राशि जमा करने वाली पर्चीं पर दर्ज करें। सांथ हीं खाताधारक का मोबाइल नंबर भी जमा राशि वाली पर्ची पर लिखे।याद रखें कि, मोबाइल नंबर भी सिर्फ वही मान्य किया जाएगा जो उपभोक्ता के बैंक खाते से लिंक हो।

 

डिपाजिट मशीनों का होगा अपडेशन

नई व्यवस्था के तहत सभी बैंकों को अपनी-अपनी कैश डिपॉजिट मशीन को अपडेट करने के भी निर्देश जारी हुए हैं। जानकारी के अनुसार, स्टेट बैंक सहित कई बैंकों की कैश डिपॉजिट मशीनों को भी अपग्रेड करने का काम शुरू कर दिया गया है। हालांकि, अभी पूरी तरह से सॉफ्टवेयर न बदलने के कारण लोग मशीनों में किसी भी खाता नंबर पर रकम डिपॉजिट कर पा रहे हैं, लेकिन बैंक अधिकारियों का कहना है कि मशीनों में लगे सॉफ्टवेयर को अगले एक माह तक अपग्रेड कर लिया जाएगा। इन मशीनों का सर्वर मुख्यालय से जुड़े रहने की वजह से इसमें समय लग रहा है। सभी मशीनें एक साथ अपग्रेड हो जाएंगी। इसके बाद कैश डिपॉजिट मशीनों से भी रकम जमा करने के पहले आधार या पैन नंबर दर्ज करना जरूरी नियम होगा।

Updated On:
22 Jul 2019, 04:27:03 PM IST

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