सहायक प्राध्यापकों की भर्ती पर पहले मंत्री ने कहा कार्रवाई करें, फिर ADG लिखा पत्र भी किया निरस्त

By: Radheshyam Dangi

Updated On: 25 Aug 2019, 12:06:20 PM IST

  • पीएससी चयनित सहायक प्राध्यापक संघ ने मंत्री के द्वारा एसटीएफ को जांच के लिए लिखे गए पत्र पर गंभीर आरोप लगाए हैं। संघ ने कहा है कि एसटीएफ को भेजे गए पत्र पर मंत्री पीसी शर्मा ने 14 फरवरी को साइन किए थे, जो कि 6 महीने बाद 16 अगस्त को उनके ऑफिस से जावक किया गया है।

भोपाल. लोक सेवा आयोग द्वारा चयनित 2500 सहायक प्राध्यापकों की भर्ती प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए विधि एवं विधायी कार्य मंत्री पीसी शर्मा ने 16 अगस्त को स्पेशल टास्क फोर्स से जांच कर कार्रवाई के लिए पत्र लिखा था। लेकिन आठवें ही दिन मंत्री शर्मा ने अपने ही पत्र को निरस्त करते हुए एसटीएफ एडीजी को फिर से पत्र लिखकर कहा है कि पीएससी से चयनित सहायक प्राध्यापकों की भर्ती प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता और यूजीसी के नियमों के अनुसार हुई है।

 

इसमें किसी प्रकार की अनियमितता नहीं पाई गई है। उन्होंने यह भी कहा है कि पीएससी ने उच्च शिक्षा विभाग और हाई कोर्अ के निर्देशानुसार चयन सूची जारी कर दी गई है। इसलिए पूर्व में 16 अगस्त को लिखा गया पत्र निरस्त किया जाता है। गौरतलब है कि पीसी शर्मा को परीपार्क निवासीा डॉ देवेंद्र प्रताप सिंह ने शिकायत की थी कि भर्ती प्रक्रिया में जमकर धांधली हुई है।

 

उन्होंने 22 बिंदुओं में कैसे कैसे गड़बड़ी की गई है, इसके बारे में भी विस्तार से शर्मा को बताया था। इसके आधार पर शर्मा ने एसटीएफ से जांच कर कार्रवाई की मांग की थी, लेकिन महज एक सप्ताह बाद ही मंत्री ने यू-टर्न ले लिया। दिलचस्प बात यह है कि मंत्री पीसी शर्मा ने 9 जून, 2019 को शाहजहांनी पार्क में चयनित उम्मीदवारों के प्रदेशव्यापी सत्याग्रह में पीएससी प्रक्रिया को सही बताते हुए भर्ती आश्वासन दिया गया था कि प्राध्यापकों के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा।

 

संघ ने लगाए गंभीर आरोप

इधर, पीएससी चयनित सहायक प्राध्यापक संघ ने मंत्री के द्वारा एसटीएफ को जांच के लिए लिखे गए पत्र पर गंभीर आरोप लगाए हैं। संघ ने कहा है कि एसटीएफ को भेजे गए पत्र पर मंत्री पीसी शर्मा ने 14 फरवरी को साइन किए थे, जो कि 6 महीने बाद 16 अगस्त को उनके ऑफिस से जावक किया गया है। संघ के प्रदेश अध्यक्ष प्रकाश खातरकर ने आरोप लगाया है कि 6 महीने बाद पत्र जावक रजिस्टर में दर्ज होना संदेह पैदा करता है। इसकी एसटीएफ द्वारा जांच की जाना चाहिए।

 


चयनित उम्मीदवारों के पक्ष में प्रक्रिया शुरु हो चुकी है। प्रक्रिया में कहीं कोई धांधली सामने नहीं आई है। समय नियमानुसार हुआ है। इस प्रक्रिया की जांच के लिए एसटीएफ को मैंने फरवरी में पत्र लिखा था, जिसे अब जाकर इस्तेमाल किया गया है। उस पत्र को निरस्त करने के लिए मैंने एसटीएफ को लिखा है।
- पीसी शर्मा, मंत्री विधि एवं विधायी कार्य विभाग

Updated On:
25 Aug 2019, 12:06:19 PM IST

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