mcu news : कुठियाला की याचिका पर जवाब पेश करने ईओडब्ल्यू कर रहा तैयारी, जांच में सहयोग तो दूर जवाब तक देने को तैयार नहीं पूर्व कुलपति

By: Radheshyam Dangi

Published On:
Aug, 13 2019 07:28 AM IST

  • 5 अगस्त को प्रो कुठियाला ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी, जिस पर राहत देते हुए गिरफ्तारी पर रोक लगाई थी।

     

भोपाल। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं जन संचार विवि के makhanlal chaturvedi university पूर्व कुलपति प्रो ब्रज किशोर कुठियाला की याचिका पर ईओडब्ल्यू EOW सुप्रीम कोर्ट Supreme Court में जवाब पेश करने की तैयारी कर रहा है। ईओडब्ल्यू ने अपने जवाब में प्रमुखता से उन बिंदुओं पर जोर दिया है, जिनमें कुठियाला अब तक न तो कोर्ट में हाजिर हुए हैं और न ही ईओडब्ल्यू के समक्ष।

5 अगस्त को प्रो कुठियाला ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी, जिस पर राहत देते हुए गिरफ्तारी पर रोक लगाई थी। लेकिन जांच की जा सकती है। इसके बाद भी कुठियाला बयान दर्ज करवाने नहीं पहुंचे इसे भी ईओडब्ल्यू अपने जवाब में अहम बिंदु बना रहा हैं, ताकि मजबूती से पक्ष रखा जा सके।

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सुप्रीम कोर्ट के सामने पेश किया जाएगा
प्रकरण दर्ज होने के बाद से ही ईओडब्ल्यू ने कुठियाला को अब तक दिए गए मौके, नोटिस, सर्च आदि को भी सुप्रीम कोर्ट के सामने पेश किया जाएगा। यह भी बताया जाएगा कि कुठियाला ने अब तक कोर्ट, जांच एजेंसी, मप्र सरकार, हरियाणा सरकार आदि को किस तरह गुमराह किया और जिला अदालत की बात तक नहीं मानी। हाई कोर्ट ने भी कुठियाला की लापरवाही और जांच में सहयोग नहीं करने को लेकर न तो अग्रिम जमानत याचिका मंजूर की और न ही किसी तरह की राहत दी।


तैयारी चल रही है
ईओडब्ल्यू अपने पक्ष के तौर पर सुप्रीम कोर्ट के सामने यह बात रखेगा कि कुठियाला के कार्यकाल में विवि में कई तरह के भ्रष्टाचार किए गए, जिनका जवाब देने से वह बार-बार बचने का प्रयास कर रहे हैं। जांच एजेंसी को भ्रमित कर रहे, जांच में सहयोग तो दूर जवाब तक देने को तैयार नहीं हैं। डीजी ईओडब्ल्यू केएन तिवारी का कहना है कि कुठियाला मामले में जल्द ही जवाब पेश कर दिया जाएगा। इसकी तैयारी चल रही है।

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अब तक यह हुआ

- 14 अप्रैल को कुठियाला सहित 20 आरोपियों के खिलाफ ईओडब्यू ने प्रकरण दर्ज किया।
- 14 मई को विवि के 19 आरोपियों सहित कुठियाला से जुड़ा रिकॉर्ड जप्त किया।

- जिला अदालत ने 23 जुलाई को कुठियाला को फरार अपराधी घोषित कर दिया।
- कुठियाला को करीब 4 बार बयान के लिए नोटिस दिया गया, लेकिन वे हाजिर नहीं हुए।

- मामले को न्यायालय में विचाराधीन रखने की मंशा से जिला अदालत, फिर हाई कोर्ट और अब सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर की गई है।

इन बिंदुओं का देंगे हवाला

- कुठियाला के कार्यकाल में उनके द्वारा किए गए टूर और उस पर सरकारी खजाने से किया गया खर्च, कुठियाला के कहने पर अनुमोदित किए जाते रहे।

- विवि के खजाने से कुठियाला ने लिकर कैबिनेट बनवाया, कुलपति निवास (किराए के घर) घर में ट्यूबवेल खुदवाया, इलाज के दौरान चाय-बिस्किट का बिल भी विवि के खाते में जुड़वाया।
- विवि के पैसों से खरीदे गए लेपटॉप और मोबाइल फोन खुद ले गए। बाजार मूल्य जमा किया गया, लेकिन नियमों का पालन नहीं किया गया।

- कुठियाला ने अपने कार्यकाल के दौरान करीब 800 अध्ययन केंद्र खोले हैं। इनमें भारी अनियमितता सामने आई है।

Published On:
Aug, 13 2019 07:28 AM IST

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