मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल गौर की तबीयत बिगड़ी, मेदांता ले जाने की तैयारी

By: Manish Geete

Updated On: Jul, 17 2019 10:51 AM IST

  • मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं भाजपा के कद्दावर नेता बाबूलाल गौर की एक बार फिर तबीयत बिगड़ गई है। बुधवार को उनकी तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें दिल्ली के मेदांता अस्पताल ले जाने की तैयारी की जा रही है।

भोपाल। मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री ( former Chief Minister ) एवं भाजपा के कद्दावर नेता बाबूलाल गौर ( babulal gaur ) की एक बार फिर तबीयत बिगड़ गई है। बुधवार को उनकी तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें दिल्ली के मेदांता अस्पताल ( Medanta ) ले जाने की तैयारी की जा रही है। गौर को 7 अप्रैल को भी श्वास लेने में दिक्कत थी और ब्रेनहेमरेज की आशंका में भोपाल के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जहां उनकी हालत में सुधार होने के बाद उन्हें छुट्टी दे दी गई थी।

 

मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल गौर की तबीयत बुधवार को फिर बिगड़ गई। उन्हें सांस लेने में तकलीफ होने के बाद डाक्टरों ने उन्हें दिल्ली के मेदांता ले जाने की सलाह दी है। इसके बाद उन्हें एयरलिफ्ट करके दिल्ली के मेदांता ( Air Ambulance ) ले जाने की तैयारी की जा रही है। उनकी हालत बिगड़ने पर कई नेता उनके निवास पर उनका हालचाल जानने पहुंच गए थे।

 

हालचाल जानने वालों का लगा तांता
बाबूलाल गौर की तबीयत बिगड़ने और उन्हें दिल्ली के मेदांता शिफ्ट करने की खबर लगते ही, कई नेताओं ने बाबूलाल गौर की बहू को फोन कर हालचाल जाने। इससे पहले भी अप्रेल में तबीयत बिगड़ने के बाद मुख्यमंत्री कमलनाथ, दिग्विजय सिंह, पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान समेत अनेक नेताओं ने उनके हालचाल पूछे थे।

 

बेबाकी के लिए जाने जाते हैं गौर साहब
बाबूलाल गौर पिछले दिनों उस समय चर्चा में आ गए थे जब बाबूलाल गौर ने पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के उस ऑफर को ठुकरा दिया था, जिसमें उन्होंने कहा था कि आप कांग्रेस में शामिल हो जाइए और भोपाल से चुनाव लड़ें। बाबूलाल गौर ने भी इस बात का जिक्र करके राजनीति गर्मा दी थी। गौर ने भी कहा था कि मैंने मना नहीं किया है। गौर साहब के इस बयान के बाद कई मायने निकाले जाने लगे थे। इससे पहले भी वे खुद चुनाव लड़ने और गोविंदपुरा सीट से टिकट के लिए दावे कर चुके थे, लेकिन उम्र दराज होने के कारण पार्टी ने उनकी जगह उनकी बहू को टिकट दिया था। उनकी बहू गोविंदपुरा विधानसभा क्षेत्र से भाजपा की विधायक है।

गौरतलब है कि 2 जून 1930 में उत्तरप्रदेश के प्रतापगढ़ में जन्मे बाबूलाल गौर भाजपा के कद्दावर नेता माने जाते हैं। वे गोविंदपुरा से आठ बार विधायक रहे। 23 अगस्त 2004 से 29 नवंबर 2005 तक वे मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री भी रहे। इससे पहले वे नगरीय प्रशासन मंत्री एवं प्रदेश के गृहमंत्री भी रह चुके हैं।

बाबूलाल गौर ने दिग्विजय सिंह के भोपाल संसदीय क्षेत्र से चुनाव लड़ने के प्रस्ताव को ठुकराया


डॉक्टरों ने फिलहाल उन्हें आईसीयू में रखा है। पूर्व मुख्यमंत्री की निगरानी कर रहीं डॉक्टर रेणु शर्मा ने बताया कि शाम को 6.30 बजे उन्हें एंबुलेंस से नर्मदा अस्पताल लाया गया। जब वह अस्पताल पहुंचे तो उन्हें बोलने में तकलीफ थी और उनका ब्लड प्रेशर भी बढ़ा हुआ था। हमने उन्हें आईसीयू में रखा है और उनकी जांचें की जा रही हैं।

बता दें कि 2 जून 1930 को उत्तरप्रदेश के प्रतापगढ़ में जन्में बाबूलाल गौर भाजपा के वरिष्ठ नेता हैं। वह गोविंदपुरा सीट से आठ बार भाजपा से विधायक रहे हैं। वह 23 अगस्त 2004 से 29 नवंबर 2005 तक मप्र में भाजपा सरकार के मुख्यमंत्री रह चुके हैं। इसके अलावा कई विभागों के मंत्री भी रहे हैं।

Published On:
Jul, 17 2019 10:46 AM IST

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