CM को धमकी देने वाले भाजपा नेता को मिली जमानत, कमलनाथ का खून बहाने की कही थी बात

By: Manish Geete

Updated On: Jul, 19 2019 07:02 PM IST

  • मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ( cm kamal nath ) को धमकी देने वाले पूर्व विधायक एवं भाजपा नेता सुरेंद्र नाथ सिंह ( EX MLA surendra nath singh ) को भोपाल की विशेष अदालत ने जमानत ( Bail From Special Court ) दे दी।


भोपाल। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ( cm Kamal Nath ) को धमकी देने वाले पूर्व विधायक एवं भाजपा नेता सुरेंद्र नाथ सिंह ( EX MLA surendra nath singh ) को भोपाल की विशेष अदालत ने जमानत ( bail From Special Court ) दे दी। उन्हें 30-30 हजार रुपए के मुचलके पर ये जमानत दी गई है। स्पेशल कोर्ट ने 4 विभिन्न धाराओं में उन्हें जमानत दी है।

गौरतलब है कि गुरुवार को भाजपा नेता सुरेंद्र नाथ सिंह के नेतृत्व में धरना प्रदर्शन हुआ था, जिसमें उन्होंने गुमठी वालों को हटाने के विरोध में प्रदर्शन किया था। इस दौरान भाजपा नेता ने कहा था कि यदि गुमठीवालों को हटाया जाएगा तो सड़कों पर खून बहेगा। यह खून मंत्रियों और मुख्यमंत्री कमलनाथ का होगा। भाजपा नेता के इस विवादित बयान के बाद पुलिस ने शुक्रवार को गिरफ्तार कर भोपाल स्थित स्पेशल कोर्ट में पेश किया था।

फैसला सुनाने से पहले पुलिस ने पूरे अदालत परिसर को कार्यकर्ताओं से खाली करा लिया था। जज सुरेंद्र सिंह ने 4 केस में 30-30 हज़ार का मुचलका भरवा कर सुरेंद्र नाथ सिंह को जमानत दे दी है। भाजपा नेता सुरेंद्र नाथ सिंह के साथ ही कार्यकर्ता नरेंद्र को भी जमानत मिल गई।

 

MUST READ

गिरफ्तारी से पहले भाजपा नेता ने कहा- पकौड़े और पोहे-जलेबी वालों का रोजगार न छीनें

 

 

surendra nath singh

गिरफ्तारी से पहले कमलनाथ को लिखा था पत्र
सुरेंद्र नाथ सिंह ने लिखा था कि यह उन गरीब परिवारों का मामला है, जो आजीविका के लिहाज से अराजकतापूर्ण अनिश्चितता के मुहाने पर ला दिए गए हैं। भोपाल स्थित महाराणा प्रताप नगर के जोन एक और दो में प्रशासन अतिक्रमण-विरोधी मुहिम संचालित कर रहा है। इस कदम की आड़ में केवल छोटे गुमठीधारियों और खोमचे वालों के साथ जो अत्याचार हो रहा है, उसकी ओर किसी का ध्यान नहीं जा रहा।

 

गुमठियां और ठेले कुटीर उद्योग से कम नहीं
महोदय, राष्ट्रपिता महात्मा गांधी तक ने इस देश में विकास के लिए कुटीर उद्योगों की स्थापना का मंत्र दिया था। ये ठेले, गुमठियां और खोमचे किसी कुटीर उद्योग से कतई अलग नहीं हैं। इन के माध्यम से एक ऐसी अर्थव्यवस्था संचालित हो रही है, जो गरीबी की रेखा से नीचे जीवनयापन कर रहे अनगिनत परिवारों की आर्थिक मजबूती का सबब बनी है। स्वयं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पकौड़े बेचने को रोजगार माना है। किंतु यहां हम पकौड़े आदि बेचने वालों को बेरोजगार बनाने पर उतारू हो गए दिखते हैं।

मैं तो इस कल्पना मात्र से सिहर जाता हूं कि इतनी बड़ी संख्या में कामकाज से विहीन किए गए लोगों के परिवारों का क्या होगा? उनके पास फिर यही विकल्प बचेगा कि या तो भीख मांगें या फिर पूरे परिवार को उन्हीं खाद्य पदार्थों में जहर मिलाकर सपरिवार खुदकुशी कर लें, जो आज उनके परिजनों की जिंदगी का बहुत बड़ा आधार बने हुए हैं। और नहीं तो फिर यही होगा कि अतिक्रमण हटाने की यह मुहिम शहर में बेरोजगारी के चलते अपराध करने वालों की संख्या में भयावह इजाफा कर देगी।

Published On:
Jul, 19 2019 05:36 PM IST

खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।