साफ-सफाई नहीं तो भीलवाड़ा में कदम रख सकता कांगो फीवर

By: Suresh Jain

Updated On:
11 Sep 2019, 01:02:03 AM IST

  • चिकित्सा विभाग का अलर्ट, कांगो फीवर, स्क्रब टाइफस को लेकर सचेत महकमा

भीलवाड़ा।
medical Department चिकित्सा विभाग ने प्रदेशभर में क्रीमियन कांगो हेमरेजिक फीवर, ब्रूसेलोसिस और स्क्रब टाइफस सरीखे जानलेवा बीमारियों के प्रति अलर्ट जारी किया। हालांकि जिले में अभी तक एेसे रोगों के लक्षण नजर नहीं आए लेकिन विभागीय अधिकारियों का मानना है कि आवारा मवेशी जिले में कांगो फीवर फै ला सकते हैं। यह रोग पशुओं में चिंचड़ से मानव में फैल सकता है।


medical Department सीएमएचओ डॉ. प्रकाश शर्मा ने बताया कि कांगो फीवर रोकने के लिए सबसे अहम कदम नगर परिषद का उठाना होगा। शहर में जितने भी आवारा मवेशी है उन्हें हटाना होगा। पशुपालकों के घरों व पशुओं पर सायपरमेथिन का स्प्रे करना होगा। ताकि कांगो फीवर फैलाने वाले माइट्स खत्म किया जा सके और रोग फैलने से रोका जा सके। बुखार के रोगियों को डॉक्सीसाइक्लीन टेबलेट दी जा रही है।


डा. शर्मा ने बताया कि ब्रूसेलोसिस और स्क्रब टाइफस पशुओं से मनुष्यों में फैलती है। यह ब्रूसेलोसिस जानलेवा नहीं होती, लेकिन रोगी को स्वाइन फ्लू के समान तेज बुखार आता है। यह बीमारी माइट या पिस्सू के काटने से होती है, जो घास से पशुओं के शरीर पर चिपक जाते है। चिचड़ यानी कलीली के संक्रमित होने पर यह रोग फैलता है। इसके लक्षण डेंगू के समान होते हैं। जिसका डॉक्टर पता नहीं लगा पाते हैं। मरीज गंभीर बीमार हो जाता है और उसकी मौत तक हो जाती है। मवेशियों को नगर परिषद के माध्यम से पकडऩे के लिए जिला कलक्टर को पत्र लिखा है।

Updated On:
11 Sep 2019, 01:02:03 AM IST

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