पुर में दरारों का कारण जानने का खर्चा 95 लाख, बड़ा सवाल: कौन चुकाएगा

By: Jasraj Ojha

Updated On:
11 Sep 2019, 03:01:01 AM IST

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    - एजेंसियों का छह महीने का रहेगा पड़ाव

    - संशय में पुरवासी, दो परिवार को छात्रावास में शिफ्ट कराया

     

भीलवाड़ा. पुर कस्बे के मकानों में आ रही दरारों का कारण पता करना भी अभी आसान नहीं लग रहा है। एेसा इसलिए हैं, क्योंकि राज्य सरकार ने दरारों का कारण पता लगाने के लिए देश की नामी एजेंसियों को बुलाने का निर्णय तो कर लिया, लेकिन इसका भारीभरकम खर्चा कौन देगा इस पर संशय है। पुर का विस्तृत अध्ययन कराने के लिए रुड़की स्थित केन्द्रीय खनन एवं ईंधन अनुसंधान संस्थान और केन्द्रीय भवन अनुसंधान संस्थान तथा आइआइटी को पत्र लिखा है। इन कंपनियों ने यहां आने के लिए अपनी शर्तें बता दी है। शर्तों के अनुसार इन टीमों को यहां कारण पता करने के लिए करीब छह महीने लगेंगे। इसके लिए संसाधन व अन्य मशीनरी आएगी। इस पर करीब ९५ लाख रुपए खर्च होने का अनुमान है। इस राशि को लेकर जिला प्रशासन संशय में है। इस भुगतान को बिना अनुमति डीएमएफटी से भी नहीं किया जा सकता हे। जिला कलक्टर राजेंद्र भट्ट ने इस मामले में मुख्य सचिव को पत्र लिखा है।
न दरारों का कारण पता और न मुआवजे की स्थिति स्पष्ट
पुर के मकानों में दरारें बढ़ रही हैं। पांच-सात दिन में २५ और मकानों में दरारें आ गई हैं। एक मकान का छज्जा गिरने से एक दंपती घायल हो गया। गगोपाल मुछाला का मकान ढह गया। देवली रोड पर सुरेश त्रिवेदी के मकान समेत कोली मोहल्ले में कई मकानों में और दरारें आई हैं। दो परिवारों को छात्रावास में शिफ्ट किया गया है।
मुआवजे पर संशय

मुआवजा देने के लिए जिला प्रशासन ने पहले १६.३८ करोड़ का प्रस्ताव बनाकर राज्य सरकार को भेजा था। मुख्य सचिव की अध्यक्षता में बैठक भी हुई। डीएमएफटी से मुआवजा देने पर सहमति नहीं बनने पर मामला टल गया।

विधायक बोले-कम्पनी दे मुआवजा
कलक्ट्रेट के बाहर धरने पर बैठे विधायक विट्ठलशंकर अवस्थी की मांग है कि पुर में केवल ४१ नहीं, बल्कि ४१०० मकान मालिकों को मुआवजा मिलना चाहिए। दरारें खान में ब्लास्टिंग से आई हैं। मुआवजा जिंदल सॉ से ही मिलना चाहिए।

धर, मंत्री का आश्वासन, जल्द आएगी टीमें
राज्य सरकार ने दरारों के कारण जानने के लिए रुडकी स्थित केन्द्रीय खनन एवं ईंधन अनुसंधान संस्थान और केन्द्रीय भवन अनुसंधान संस्थान तथा आइआइटी रुड़की से कराने का निर्णय किया है। इसकी रिपोर्ट के आधार पर सरकार कार्ययोजना तैयार करेगी। खान मंत्री प्रमोद जैन भाया ने बताया कि जाचं के लिए टीमें जल्द ही पुर पहुंचेंगी।
मुख्य सचिव को लिखा पत्र

पुर मामले में विस्तृत योजना बनाकर सरकार को भेजेंगे। फिलहाल जांच एजेंसियों को बुलाने का एस्टीमेट तैयार किया है। इन एजेंसियों की टीम छह महीने यहां रहकर जांच करेगी। इस पर खर्च होने वाले करीब ९५ लाख रुपए का भुगतान किस मद से होगा, इसके लिए मुख्य सचिव को पत्र लिखा है।
राजेंद्र भट्ट, जिला कलक्टर
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Updated On:
11 Sep 2019, 03:01:01 AM IST

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