प्रियंका गांधी को सोनभद्र जाने से रोका, CG में कांग्रेसियों ने खोला मोर्चा, यूपी CM का फूंका पुतला , Video

By: Dakshi Sahu

Updated On:
20 Jul 2019, 02:48:38 PM IST

  • सोनभद्र में हुए जमीन विवाद को लेकर नरसंहार के बाद प्रियंका गांधी (Priyanka Gandhi) को सोनभद्र (Sonbhadra murder) जाने से रोकने पर देशभर में कांग्रेसियों (Congress )ने मोर्चा खोल दिया है। छत्तीसगढ़ के सभी जिलों में कांग्रेसी प्रदर्शन कर रहे हैं।

भिलाई. सोनभद्र में हुए जमीन विवाद को लेकर नरसंहार के बाद प्रियंका गांधी (Priyanka Gandhi) को सोनभद्र (Sonbhadra murder) जाने से रोकने पर देशभर में कांग्रेसियों (Congress )ने मोर्चा खोल दिया है। छत्तीसगढ़ के सभी जिलों में कांग्रेसी प्रदर्शन कर रहे हैं।शनिवार को दुर्ग जिला मुख्यालय में कांग्रेसियों ने विधायक अरूण वोरा के नेतृत्व में प्रदर्शन किया। मोदी सरकार (Modi government) के विरोध में एक दिवसीय धरना प्रदर्शन में सहकारिता मंत्री अमरजीत ङ्क्षसह भगत भी शामिल हुए। उन्होंने इस दौरान मोदी सरकार को आदिवासी, किसान विरोधी करारा दिया।

 

 

इधर एनएसयूआई के कार्यकर्ताओं ने पावर हाउस चौक में यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ का पुतला जलाया। कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए जमकर विरोध प्रदर्शन किया। इधर प्रियंका गांधी का समर्थन करने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल (CM Bhupesh Baghel) भी उत्तरप्रदेश रवाना हो गए हैं। वे शनिवार को विशेष विमान से यूपी के लिए रवाना हुए।

congress protest Durg

शुक्रवार को प्रियंका गांधी के साथ यह हुआ था...
शुक्रवार को पीडि़तों का हाल जानने प्रियंका गांधी वाराणसी पहुंचीं। इसके बाद सोनभद्र जाने के दौरान उन्हें वाराणसी-मिजऱ्ापुर बार्डर पर नारायणपुर में रोक दिया गया। विरोध में कांग्रेस महासचिव सड़क पर ही धरने पर बैठ गईं। इसके बाद प्रियंका गांधी को हिरासत में ले लिया गया और एसडीएम की गाड़ी में बैठाया गया। बाद में पुलिस प्रियंका गांधी को चुनार गेस्ट हाउस ले गई।

यह है पूरा घटनाक्रम
17 जुलाई को सोनभद्र के उभ्भा गांव में 112 बीघा खेत के लिए दस ग्रामीणों को मौत के घाट उतार दिया गया था। लगभग चार करोड़ रुपए की कीमत की इस जमीन के लिए प्रधान और उसके पक्ष ने ग्रामीणों पर अंधाधुन फायरिंग कर दी थी। इस हादसे में 25 अन्य लोग घायल हो गए थे।

पहले से ही तैयार होकर आए थे हमलावर
उम्भा गांव में 112 बीघा खेत जोतने के लिए गांव का प्रधान यज्ञदत्त गुर्जर 32 ट्रैक्टर लेकर पहुंचा था। इन ट्रैक्टरों पर लगभग 60 से 70 लोग सवार थे। यह लोग अपने साथ लाठी-डंडा, भाला-बल्लम और राइफल और बंदूक लेकर आए थे। गांव में पहुंचते ही इन लोगों ने ट्रैक्टरों से खेत जोतना शुरू कर दिया। जब ग्रामीणों ने विरोध किया तो यज्ञदत्त और उनके लोगों ने ग्रामीणों पर लाठी-डंडा, भाला-बल्लम के साथ ही राइफल और बंदूक से भी गोलियां चलानी शुरू कर दी। इस खून खराबे में दस ग्रामीणों की मौत हो गई। 25 से ज्यादा घायल हैं।

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20 Jul 2019, 02:48:38 PM IST

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