भिलाई . रथ पर तीन दिन रहने केबाद जब महाप्रभु जगन्नाथ हारकरअपने बड़े भाई और बहन सुभद्रा को लेकर श्री मंदिर के दरवाजे तक पहुंचेतो नाराज देवी लक्ष्मी ने दरवाजा
नहीं खोला।महाप्रभु और उनके बीच कुछऐसा संवाद हुआ कि आखिर देवीलक्ष्मी को समझ आया कि पति-पत्नीकी लड़ाई में बड़े भाई €यों भूखेरहे..? सोमवार की शाम जब श्रीजगन्नाथ मंदिर से€टर 4 में महाप्रभुऔर देवी लक्ष्मी के संवाद काव्य केरूप में चल रहा था तो वहां खड़ेभ€त ही हंसे बिना नहीं रहे। उड़ीयाभाषा में काव्य और पदावली केमाध्यम से से€टर 4 में देवी लक्ष्मीके संवाद को पुजारी निलांचल दासऔर महाप्रभु की ओर से संवाद कोपितवास पाढ़ी ने किया।

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