मानसून का इतंजार, दूतों ने दी केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान में दस्तक

By: Rohit Sharma

Updated On:
12 Jun 2019, 12:01:40 PM IST

  • भीषण गर्मी के चलते एक ओर से जहां कम पानी में फीड करने वाले पक्षियों की मौज हो रही है। वहीं, दूसरे वन्यजीव चीतल आदि इधर से उधर भटक रहे हैं।

भरतपुर. भीषण गर्मी के चलते एक ओर से जहां कम पानी में फीड करने वाले पक्षियों की मौज हो रही है। वहीं, दूसरे वन्यजीव चीतल आदि इधर से उधर भटक रहे हैं। ब्लॉकों में पानी सूखने से ये जानवर पानी के लिए दूर-दराज इलाकों में पानी पीने के लिए जा रहे हैं। उधर, घना में 'मानसूनी पक्षीÓ के नाम प्रसिद्ध ओपन बिल स्टॉर्क इस बार समय से पहले दस्तक दे चुका है। यह पक्षी मई अंत में केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान पहुंच गया था। इनकी उपस्थिति मानसून के आने का संकेत माना जाता है। जबकि यह पक्षी जून के मध्य तक आता है। यह पक्षी वर्षा शुरू होने के बाद जुलाई से नेस्टिंग और ब्रीड करना शुरू करना है। बच्चे बड़े होने पर ओपन बिल स्टॉर्क नवम्बर तक नेस्ट छोड़ देता है।

 


ओपन बिल स्टॉर्क पक्षी दक्षिण भारत से मानसून की शुरुआत होने से पूर्व उड़ान भरते हैं। यह मानसून से आगे चलते हुए दूसरे स्थानों पर ब्रीड करते हैं। घना में यह पक्षी इन दिनों कम पानी वाले ब्लॉकों में जमकर फीड कर रहा है। ओपन बिल स्टॉर्क भोजन के रूप में घोंघे, मेढ़क व छोटी मछली खाना पसंद करता है जो यहां उसे आसानी से उपलब्ध है। इसके अलावा उद्यान में ईग्रेट, ग्रेहेरन, परपल हेरन, स्पूनबिल, व्हाइट आईविश, इण्डियन मोरहेन, गिलोसी, पेन्टेड स्टॉर्क, व्हाइटनेक स्टॉर्क, मीडियम ईग्रेट, लिटिल ईगे्रट आदि पक्षी भी मौजूद है। वहीं घना के ब्लॉकों में पानी सूखने से इन दिनों सफाई कार्य चल रहा है। ब्लॉकों में से सूखी झाड़ी व गंदगी को हटाया जा रहा है। इसके अलावा मंगूरा मछली को भी निकाला जा रहा है। गौरतलब रहे कि घना में प्रतिबंधित मंगूरा मछली कई ब्लॉकों में डेरा जमाए हुए है। ये मछली छोटी मछली को खा जाती है, जिससे पक्षियों को भोजन नहीं मिल पाता है। इससे घना में से हर साल इन मंगूरा मछलियों को बाहर निकाला जाता है। घना निदेशक डॉ.अजीत ऊचोई ने बताया कि घना में करीब पचास-सौ की संख्या में ओपन बिल स्टॉर्क पक्षी पहुंच चुके हैं। ये जुलाई में पहली बरसात शुरू होने के साथ ही नेस्टिंग शुरू कर देते हैं।

Updated On:
12 Jun 2019, 12:01:40 PM IST

खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।