Bharatpur news ...मिट्टी में आ रही पोषक तत्वों की कमी, घट रही पैदावार

By: Pramod Kumar Verma

Updated On:
11 Jul 2019, 09:35:16 PM IST

  • भरतपुर. कृषि भूमि में पोषक तत्वों की कमीं किसानों की पैदावार पर असर डाल रही है।

भरतपुर. कृषि भूमि में पोषक तत्वों की कमीं किसानों की पैदावार पर असर डाल रही है। इसके प्रति किसान जागरूक नहीं है इसलिए एक हैक्टेयर की पैदावार में लगभग 15 प्रतिशत नुकसान हो रहा है। जिले में 4.11 लाख हैक्टेयर कृषि भूमि है, इसमें से 30 से 35 प्रतिशत यानि 01 लाख 25 हजार हैक्टेयर कृषि भूमि में पोषक तत्वों की कमी है।

यह मृदा स्वास्थ्य कार्ड से मिट्टी की जांच में सामने आ रही है। बावजूद इसके किसान फसल बुवाई के दौरान केवल नाईट्रोजन व फॉसफोरस का उपयोग कर रहा है, जबकि मिट्टी में 16 पोषक तत्वों की मात्रा होनी चाहिए। इससे जहां फसल की उपज अच्छी होगी, वहीं किसानों को आर्थिक लाभ भी मिलेगा।

जिले में 2.67 लाख किसान हैं, जिन्होंने 3.90 लाख हैक्टेयर भूमि में खरीफ की फसल में बाजरा, ग्वार, ज्वार, कपास, तिल व अन्य में सब्जी आदि के लिए बुवाई कर रहा है। इसमें सर्वाधिक बाजरा, ज्वार व ग्वार की बुवाई कर रहा है।

स्वस्थ फसल के लिए मिट्टी में 16 पोषक तत्वों का होना अनिवार्य है। इनमें कार्बन, नाईट्रोजन, ऑक्सीजन, हाइड्रोजन, फोसफोरस, पोटास, कैल्शियम, मेग्नीशियम, गंधक और सूक्ष्म तत्वों में लोहा, मेग्नीज, जिंक, ताम्बा, बोरोन व मोली विडेनम है। इनमें से किसी भी तत्व की कमी से फसल पर प्रभाव पड़ता है।

यहां नाईट्रोजन और फोसफोरस सर्वाधिक कमी है। वहीं सूक्ष्म तत्व भी कम हैं, लेकिन किसान सूक्ष्म तत्वों की पूर्ति ना करते हुए नाईट्रोजन और फोसफोरस की कमी को दूर करने का प्रयास करते हैं। यह कमी तो दूर हो जाती है, लेकिन अन्य तत्वों की पूर्ति होना भी अनिवार्य है जिसका प्रभाव फसल पर पड़ता है।


माना जाता है कि खेती लगातार करने से भूमि में पोषण तत्वों की कमी आ जाती है। वहीं इनकी पूर्ति नहीं करने पर फसल पर असर पड़ता है। इसलिए किसान मृदा (मिट्टी) के स्वास्थ्य की जांच कराएं और कमीं के अनुरूप पोषक तत्वों का उपयोग करें।


किसानों का जागरूक करने के लिए कृषि विभाग ल्यूटी सीरियल योजना के तहत सूक्ष्म पोषक तत्वों का प्रदर्शन करेगा, जिससे किसानों को जानकारी हो सके। इसी माध्यम से किसान अपनी पैदावार बढ़ा सकते हैं।

कृषि विभाग भरतपुर में संयुक्त निदेशक देशराज सिंह जिले में 30 से 35 प्रतिशत कृषि भूमि में पोषक तत्वों की कमी है। किसान फसलों के अच्छे उत्पादन के लिए मिट्टी में सभी तरह के पोषक तत्व डालें। यह आवश्क है। किसान मृदा स्वास्थ्य के आधार पर उपयोग कर सकते हैं।

Updated On:
11 Jul 2019, 09:35:16 PM IST

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