पढ़े, सीएमओ ने क्यों कहा मैं कुछ नहीं कर सकती परिषद का निर्णय है

By: Devendra Kumar Karande

Updated On:
25 Aug 2019, 05:04:03 AM IST

  • स्विमिंगपूल का निजीकरण किए जाने के विरोध में शनिवार को तरणताल संचालन समिति के सदस्यों ने सीएमओ प्रियंका सिंह से मुलाकात कर ठेका निरस्त किए जाने की मांग की।

बैतूल। स्विमिंगपूल का निजीकरण किए जाने के विरोध में शनिवार को तरणताल संचालन समिति के सदस्यों ने सीएमओ प्रियंका सिंह से मुलाकात कर ठेका निरस्त किए जाने की मांग की। समिति का कहना था कि निजी हाथों में स्विमिंगपूल जाने से संचालन व्यवस्था बिगड़ जाएगी और तैराकों से मनमानी रेट ठेकेदार द्वारा वसूल किया जाएगा, लेकिन सीएमओ प्रियंका सिंह ने स्विमिंगपूल का संचालन घाटे में होने का हवाला देते हुए कहा कि यह मेरे अकेले का निर्णय नहीं है बल्कि परिषद ने स्विमिंगपूल का संचालन निजी हाथों में सौंपने का निर्णय लिया है इसलिए मैं मामले में कुछ नहीं कर सकती। परिषद में पुनर्विचार के लिए आपकी मांगे रखी जाएगी। परिषद को ही इस मामले में अंतिम निर्णय लेना है। समिति द्वारा जिला प्रशासन को भी मामले में ज्ञापन सौंपा गया है।
तैराकों ने कहा स्विमिंगपूल निजी हाथों में सौंपा तो हो जाएगा बर्बाद
समिति के राजा साहू ने बताया कि नगरपालिका तैराकी प्रतिभाओं के भविष्य को अंधकार में धकेलने का प्रयास करते हुए वीरसावरकर तरनताल को ठेके पर देने की बात कह रही है। नगरपालिका अध्यक्ष एवं नगरपालिका परिषद बैतूल द्वारा पूर्व में तरणताल संचालन के लिए एक समिति बनाई गई थी। उक्त समिति नपा अध्यक्ष, उपध्याक्ष , जिला कलेक्टर, एसपी, सांसद, विधायक सहित अन्य सदस्यों को रख कर बनाई गई थी। उक्त समिति द्वारा नगरपालिका के साथ मिलकर वीरसावरकर तरणताल का संचालन किया जा रहा था। वहीं नगरपालिका द्वारा उक्त संचालन समिति को अकारण ही भंग कर तरणताल को ठेके पर दे रही है।
प्रतिभाओं का भविष्य अंधकारमय
नगर पालिका के इस फरमान से ऐसा लग रहा है कि नगरपालिका अनावश्यक रूप से नन्ही तैराकी प्रतिभाओं के भविष्य को अंधकार की ओर धकेल रही है। समिति का कहना है क्या यह उचित है कि खेलकूद से जुड़े सरकारी परिसर, स्टेडियम और मॉर्निंग वॉक ग्राउंड आदि स्थानों का निजीकरण या ठेके पर देकर उस स्थान का मूल उदेश्य ही परिवर्तन कर देना। नगर पालिका का यह प्रयास खेल प्रतिभाओं पर कुठाराघात से कम नहीं है। तरणताल संचालन समिति के सदस्यों ने तरणताल ठेके पर देने की बजाय पूर्व की भांति संचालित करने की मांग की है। ज्ञापन सौंपने वालों में हेमंत बत्रा, रघुनाथ यादव, आशु ठाकुर, संजू सोलंकी, भवानी गावंडे, विपिन साहू, संजय शुक्ला, कैलाश राठौर, अल्पू गुजरे, अखिलेश बारंगे, आरबी भाई आदि शामिल थे।

Updated On:
25 Aug 2019, 05:04:03 AM IST

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